
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए नई परीक्षा संबंधी मार्गदर्शिका (MPBSE Admission ) और ऑनलाइन आवेदन भरने के निर्देश जारी कर दिए हैं (p. 1)। यदि आप एक छात्र, अभिभावक या स्कूल संचालक हैं, तो परीक्षा फॉर्म भरने से लेकर प्रवेश नीति तक के सभी महत्वपूर्ण नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। इस लेख में हम एमपी बोर्ड की इस नई गाइडलाइन के सभी मुख्य बिंदुओं को विस्तार से समझेंगे।
1. महत्वपूर्ण तिथियाँ और विलम्ब शुल्क (Important Dates & Late Fees)
सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन नामांकन (Enrollment) और परीक्षा आवेदन-पत्र भरने का पूरा शेड्यूल नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं (p. 4):
| स.क्र. | विवरण | समयावधि | शुल्क | विलम्ब शुल्क |
|---|---|---|---|---|
| 1 | कक्षा 9वीं एवं 11वीं का ऑनलाइन नामांकन | 15.05.2026 से 30.09.2026 (p. 4) | ₹500/- (p. 4) | शून्य (p. 4) |
| 2 | विलम्ब शुल्क के साथ नवीन नामांकन (9वीं व 11वीं) | 30.01.2027 तक (p. 4) | ₹500/- (p. 4) | ₹300/- (p. 4) |
| 3 | हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी परीक्षा फॉर्म (बिना लेट फीस) | 15.05.2026 से 15.09.2026 (p. 4) | नियमित: ₹1,500/-\nस्वाध्यायी: ₹1,600/- (p. 4) | शून्य (p. 4) |
| 4 | परीक्षा फॉर्म (प्रथम विलम्ब शुल्क के साथ) | 16.09.2026 से 25.10.2026 (p. 4) | मूल शुल्क (p. 4) | ₹100/- (p. 4) |
| 5 | परीक्षा फॉर्म (द्वितीय विलम्ब शुल्क के साथ) | 26.10.2026 से 10.11.2026 (p. 4) | मूल शुल्क (p. 4) | ₹2,000/- (p. 4) |
| 6 | परीक्षा फॉर्म (तृतीय विलम्ब शुल्क के साथ) | 11.11.2026 से 25.11.2026 (p. 4) | मूल शुल्क (p. 4) | ₹5,000/- (p. 4) |
| 7 | परीक्षा फॉर्म (चतुर्थ विलम्ब शुल्क के साथ) | 26.11.2026 से 10.12.2026 (p. 4) | मूल शुल्क (p. 4) | ₹10,000/- (p. 4) |
| 8 | परीक्षा फॉर्म (विशेष विलम्ब शुल्क – जिला समन्वयक केंद्र) | 11.12.2026 से 31.12.2026 (p. 4) | मूल शुल्क (p. 4) | ₹12,000/- (p. 4) |
| 9 | परीक्षा प्रारंभ होने के 20 दिवस पूर्व तक अंतिम अवसर | 01.01.2027 से आगे (p. 4) | मूल शुल्क (p. 4) | ₹15,000/- (p. 4) |
2. प्रवेश एवं नामांकन के लिए अनिवार्य नियम (Mandatory Rules for MPBSE Admission 2026-27)
- APAAR ID अनिवार्य: भारत सरकार के निर्देशानुसार, इस सत्र से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए अपार आईडी (APAAR ID – Automated Permanent Academic Account Registry) आवेदन पत्र में दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है (p. 5)।
- समग्र आईडी (Samagra ID): कक्षा 9वीं के छात्रों का नामांकन करते समय समग्र आईडी डालना आवश्यक है (p. 5)। पोर्टल पर समग्र आईडी दर्ज करते ही छात्र का नाम, माता-पिता का नाम और जन्मतिथि ऑटो-फिल हो जाएगी (p. 5)। यदि इसमें कोई गड़बड़ है तो स्कूल के स्कॉलर रजिस्टर के अनुसार संशोधन किया जा सकता है (p. 5)।
- न्यूनतम आयु सीमा: प्राथमिक और पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं के लिए शासन द्वारा आयु का निर्धारण किया गया है (p. 6)। कक्षा 9वीं में प्रवेश के समय छात्र की न्यूनतम आयु 13 वर्ष पूर्ण होना आवश्यक है, अन्यथा वह नामांकन के लिए पात्र नहीं होगा (p. 6)।
3. विषय चयन और संशोधन नीति (Subject Selection & Correction Policy)
- 9वीं और 11वीं का आधार: छात्र ने कक्षा 9वीं में जो विषय चुने हैं, वही विषय 10वीं में रहेंगे (pp. 3, 18)। इसी प्रकार 11वीं के विषयों के आधार पर ही 12वीं के विषय भरे जा सकेंगे (pp. 3, 18)। किसी भी स्तर पर मनमाना विषय परिवर्तन मान्य नहीं होगा (pp. 3, 18)।
- डमी प्रवेश पत्र (Dummy Admit Card): परीक्षा आवेदन भरने की अंतिम तिथि के 07 दिन बाद डमी प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे (pp. 3, 12)। संस्था प्राचार्य का यह दायित्व है कि वे इसे डाउनलोड कर छात्र और अभिभावकों से विवरण (नाम, फोटो, विषय, माध्यम) का सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाएं (pp. 3, 12)।
- संशोधन की अंतिम तिथि: डमी प्रवेश पत्र में किसी भी प्रकार का ऑनलाइन संशोधन 31 दिसंबर 2026 तक ही किया जा सकेगा (pp. 4, 12)。इसके बाद पोर्टल बंद हो जाएगा (p. 12)。
- परीक्षा केंद्र पर बदलाव नहीं: एक बार मूल प्रवेश पत्र जारी होने के बाद परीक्षा केंद्र पर किसी भी विषय या माध्यम का संशोधन नहीं किया जाएगा (pp. 3, 12)。यदि कोई छात्र बिना अनुमति विषय बदलकर परीक्षा देता है, तो उसे मूल विषय में अनुपस्थित (ABS) मानकर परिणाम घोषित किया जाएगा (pp. 3, 12, 15)。
- संशोधन अर्थदण्ड: यदि ऑनलाइन प्रवेश पत्र जारी होने के बाद (परीक्षा शुरू होने के 20 दिन पहले तक) कोई विशेष संशोधन कराया जाता है, तो ₹1,500/- प्रति छात्र अर्थदण्ड लगेगा, जिसे स्कूल प्राचार्य को वहन करना होगा, इसे छात्रों से नहीं वसूला जा सकता (p. 12)。
4. ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ पद्धति पूरी तरह समाप्त (End of Best of Five Scheme)
महत्वपूर्ण बदलाव: मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार, माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा सत्र 2026-27 से ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ (Best of Five) पद्धति को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है (p. 16)। अब छात्रों को उत्तीर्ण होने के लिए सभी मुख्य विषयों में अलग-अलग पास होना अनिवार्य होगा।
5. बोर्ड परीक्षाओं के लिए नई ‘द्वितीय परीक्षा’ नीति (New Supplementary Exam Policy)
एमपी बोर्ड ने पूरक (Supplementary) परीक्षा की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए ‘द्वितीय परीक्षा’ (Second Main Exam) प्रणाली लागू की है (p. 16):
- कोई पूरक नहीं: अब मुख्य परीक्षा के परिणाम में किसी को ‘पूरक’ घोषित नहीं किया जाएगा, बल्कि अनुत्तीर्ण विषयों के सामने ‘अनुत्तीर्ण’ ही लिखा रहेगा (p. 17)।
- कौन हो सकता है शामिल?: वे सभी छात्र जो प्रथम परीक्षा में एक या अधिक विषयों में अनुपस्थित या अनुत्तीर्ण रहे हैं, वे द्वितीय परीक्षा में बैठ सकते हैं (p. 17)। इसके अलावा, मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र भी अपने अंकों में सुधार (अंक सुधार/Improvement) के लिए इस परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं (p. 17)।
- सर्वश्रेष्ठ अंकों के आधार पर परिणाम: द्वितीय परीक्षा का परिणाम ‘सर्वश्रेष्ठ अंक’ (Best of Two Exams) के सिद्धांत पर बनेगा (p. 17)। उदाहरण के लिए, यदि किसी छात्र को मुख्य परीक्षा में 60 अंक और द्वितीय परीक्षा में 40 अंक मिले हैं, तो उसकी फाइनल मार्कशीट में 60 अंक ही मान्य रहेंगे (p. 17)।
- कैरी ओवर अंक: प्रायोगिक (Practical) या आंतरिक मूल्यांकन में उत्तीर्ण छात्रों के अंक द्वितीय परीक्षा के लिए कैरी ओवर (यथावत ट्रांसफर) किए जाएंगे (p. 17)। केवल वही छात्र प्रैक्टिकल दोबारा देंगे जो उसमें अनुत्तीर्ण रहे हों (p. 17)।
6. स्वाध्यायी (Private) परीक्षार्थियों के लिए निर्देश
- आवेदन का प्रारूप: स्वाध्यायी छात्रों को सबसे पहले
mpbse.mponline.gov.inसे आवेदन का प्रारूप डाउनलोड कर अपनी हस्तलिपि में भरना होगा (p. 10)。 - अग्रेषण संस्था (Forwarding School): छात्र अपने फॉर्म की जांच किसी भी सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी अग्रेषण संस्था से करवाएंगे (p. 10)。एक संस्था अधिकतम 300 स्वाध्यायी फॉर्म ही अग्रेषित कर सकती है (समन्वयक संस्थाओं को छोड़कर) (pp. 10-11)。
- अतिरिक्त शुल्क: नवीन स्वाध्यायी छात्रों को (जिनका पहले मण्डल में नामांकन नहीं है) परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त ₹500/- नामांकन शुल्क देना होगा (p. 11)。10वीं के लिए E-सीरीज और 12वीं के लिए F-सीरीज का नामांकन जारी किया जाएगा (p. 11)。
7. अन्य राज्य / अन्य बोर्ड के छात्रों के लिए नियम (Other State Board Students)
- पात्रता दस्तावेज (Eligibility Documents): अन्य राज्य या बोर्ड से आने वाले नियमित/स्वाध्यायी छात्रों को अंकसूची, काउंटर-साइन ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और माइग्रेशन सर्टिफिकेट (केवल 12वीं हेतु) ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है (pp. 7, 11)。
- अतिरिक्त शुल्क: इन छात्रों को परीक्षा शुल्क के अलावा ₹1,200/- ग्राह्यता शुल्क (Eligibility Fee) और ₹500/- नामांकन शुल्क अलग से देना होगा (pp. 7, 11)。
- दस्तावेज की तिथि: टीसी और अन्य दस्तावेज प्रवेश की अंतिम तिथि 31 जुलाई के पूर्व के होने चाहिए (pp. 3, 8)। विशेष परिस्थितियों में ही 30 सितंबर तक जारी दस्तावेज मान्य होंगे (pp. 3, 8)。
8. परीक्षा शुल्क में छूट और रियायतें (Fee Concessions)
एमपी बोर्ड द्वारा कुछ श्रेणियों के नियमित छात्रों को परीक्षा शुल्क में आंशिक या पूर्ण छूट प्रदान की जाती है (बशर्ते वे प्रथम प्रयास में परीक्षा दे रहे हों) (p. 22):
- CWSN (दिव्यांग छात्र): प्रमाणित चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर पूर्ण शुल्क से छूट (p. 22)।
- शिक्षकों के बच्चे: राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत शिक्षकों या मण्डल से मान्यता प्राप्त स्कूलों के सेवानिवृत्त शिक्षकों के पुत्र/पुत्रियों को पूर्ण शुल्क से छूट (p. 22)।
- कम आय वर्ग की महिला परीक्षार्थी: जिन छात्राओं के अभिभावकों की वार्षिक आय सभी स्रोतों से ₹15,000/- से अधिक नहीं है, उन्हें अर्द्ध परीक्षा शुल्क (50%) की छूट मिलेगी (p. 22)।
- SC/ST वर्ग के छात्र (म.प्र. के मूल निवासी):
- SC (अनुसूचित जाति): परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक न होने पर पूर्ण शुल्क छूट (p. 23)।
- ST (अनुसूचित जनजाति): परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक न होने पर पूर्ण शुल्क छूट (p. 23)।
- संबल योजना: पंजीकृत असंगठित श्रमिकों के बच्चों को नियमानुसार पूर्ण शुल्क से छूट दी जाएगी (p. 23)。
9. अन्य महत्वपूर्ण नियम (Attendance & Malpractice Rules)
- न्यूनतम उपस्थिति (75% Attendance): नियमित छात्रों की स्कूल में न्यूनतम उपस्थिति 75% होना अनिवार्य है (p. 21)। विशेष परिस्थितियों या खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों को नियमों के तहत कुछ प्रतिशत की छूट पात्रता होती है (p. 21)।
- नकल विरोधी कानून (Anti-Cheating Law): मण्डल की परीक्षाओं में नकल करते या करवाते पाए जाने पर “मध्यप्रदेश मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम 1937” के तहत 3 साल का कारावास अथवा ₹5,000/- तक का जुर्माना हो सकता है (p. 21)। साथ ही छात्र का परीक्षाफल भी निरस्त कर दिया जाएगा (p. 21)।
10. आधिकारिक हेल्पलाइन और संपर्क सूत्र (Helpline Numbers)
किसी भी समस्या या ऑनलाइन फॉर्म भरते समय तकनीकी खराबी आने पर आप मण्डल के इन आधिकारिक नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- मण्डल का महत्वपूर्ण दूरभाष क्रमांक:
0755-2559923(p. 1) - MP Online हेल्प लाइन नंबर:
0755-6720200(p. 1) - ऑफिशियल वेबसाइट: www.mpbse.nic.in (p. 1)
- ई-मेल आईडी:
mpbse@mp.nic.in(p. 1)
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल छात्रों की सहायता के लिए तैयार की गई है। फॉर्म भरने से पहले अपने स्कूल अथवा माध्यमिक शिक्षा मण्डल की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी मूल निर्देश पुस्तिका का मिलान अवश्य कर लें।
यदि आपके पास सत्र 2026-27 की प्रवेश नीति को लेकर कोई अन्य सवाल है, तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। इस जानकारी को अपने सहपाठियों और मित्रों के साथ साझा करना न भूलें!
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: सत्र 2026-27 से क्या ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ पद्धति लागू रहेगी?
उत्तर: नहीं, मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार सत्र 2026-27 से ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ (Best of Five) पद्धति को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है (p. 16)。अब छात्रों को पास होने के लिए सभी विषयों में अलग-अलग उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।
प्रश्न 2: परीक्षा फॉर्म बिना किसी विलम्ब शुल्क (Late Fee) के कब तक भरे जा सकते हैं?
उत्तर: हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा आवेदन-पत्र बिना किसी विलम्ब शुल्क के 15 सितम्बर 2026 तक भरे जा सकते हैं (pp. 4-5)。
प्रश्न 3: क्या इस वर्ष परीक्षा फॉर्म में अपार आईडी (APAAR ID) डालना जरूरी है?
उत्तर: हाँ, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं की परीक्षाओं में शामिल हो रहे सभी विद्यार्थियों के लिए आवेदन पत्र में अपार आईडी (APAAR ID) दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है (p. 5)。
प्रश्न 4: एमपी बोर्ड की नई “द्वितीय परीक्षा” नीति (Second Exam Policy) क्या है?
उत्तर: अब मुख्य परीक्षा के परिणाम में किसी को ‘पूरक’ (Supplementary) घोषित नहीं किया जाएगा, बल्कि अनुत्तीर्ण विषयों के सामने ‘अनुत्तीर्ण’ लिखा रहेगा (p. 17)。जो छात्र फेल/अनुपस्थित रहे हैं या अपने अंकों में सुधार (Improvement) करना चाहते हैं, वे द्वितीय मुख्य परीक्षा में भाग ले सकते हैं (p. 17)。
प्रश्न 5: द्वितीय परीक्षा का परिणाम किस आधार पर तैयार किया जाएगा?
उत्तर: द्वितीय परीक्षा का परिणाम मुख्य व द्वितीय परीक्षा के सर्वश्रेष्ठ अंकों (Best of Two Exams) के आधार पर तैयार किया जाएगा (p. 17)。यदि किसी छात्र के मुख्य परीक्षा में 60 अंक थे और द्वितीय परीक्षा में 40 अंक आते हैं, तो उसकी फाइनल मार्कशीट में 60 अंक ही मान्य रहेंगे (p. 17)。
प्रश्न 6: क्या प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी होने के बाद परीक्षा केंद्र पर विषय या माध्यम बदला जा सकता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं (pp. 3, 12)。मूल प्रवेश पत्र जारी होने के बाद परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रकार का संशोधन मान्य नहीं होगा (pp. 3, 12)。यदि कोई छात्र गलत विषय से परीक्षा देता है, तो उसे मूल विषय में अनुपस्थित (ABS) मानकर परिणाम घोषित किया जाएगा (pp. 3, 12)。
प्रश्न 7: डमी प्रवेश पत्र (Dummy Admit Card) में त्रुटि सुधार करने की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: डमी प्रवेश पत्र में छात्र, अभिभावक और स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार ऑनलाइन संशोधन करने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2026 निर्धारित की गई है (pp. 4, 12)。
प्रश्न 8: कक्षा 9वीं में नियमित प्रवेश के लिए छात्र की न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?
उत्तर: मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, प्रवेशित वर्ष में छात्र की न्यूनतम आयु 13 वर्ष पूर्ण होना आवश्यक है, अन्यथा वह नामांकन के लिए पात्र नहीं होगा (p. 6)。
प्रश्न 9: क्या अन्य राज्यों या अन्य बोर्डों के छात्रों को परीक्षा शुल्क के अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क देना होगा?
उत्तर: हाँ, अन्य राज्य या बोर्ड से आने वाले छात्रों को नियमित परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त ₹1,200/- ग्राह्यता शुल्क (Eligibility Fee) और ₹500/- नामांकन शुल्क अलग से देना होगा (pp. 7, 11)。
प्रश्न 10: किन छात्रों को परीक्षा शुल्क से पूरी तरह छूट (Fee Waiver) प्राप्त है?
उत्तर: दिव्यांग (CWSN) छात्रों को, राष्ट्रपति पुरस्कृत या सेवानिवृत्त शिक्षकों के बच्चों को (प्रथम अवसर पर) और निर्धारित आय सीमा के अंतर्गत आने वाले म.प्र. के मूल निवासी SC/ST वर्ग के छात्रों को परीक्षा शुल्क से पूर्ण छूट प्राप्त है (pp. 22-23)。
प्रवेश नीति सत्र 2026-27







