विश्व पर्यावरण दिवस 2026: इतिहास, महत्व और रोचक क्विज विद्यार्थियों, शिक्षकों व् आम जन हेतु I

प्रकृति की पुकार: एक मर्मस्पर्शी कविता

मत काटो मुझे, मैं तुम्हारी सांसों का आधार हूँ,
मैं ही नदी, मैं ही समंदर, मैं ही हरी-भरी बहार हूँ।
आज धुएं में घुट रहा है मेरा और तुम्हारा कल,
सम्भालो मुझे आज, वरना तरस जाओगे बूंद-बूंद जल।
आओ मिलकर हाथ बढ़ाएं, धरती को फिर स्वर्ग बनाएं,
इस पर्यावरण दिवस पर, हम सब मिलकर पेड़ लगाएं।


विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को पूरी दुनिया में विकिपीडिया एक जन-आंदोलन के रूप में मनाया जाता है hindi.indiawaterportal.org। यह केवल एक तारीख या औपचारिकता नहीं है, बल्कि हमारी धरती मां को बचाने, बढ़ते प्रदूषण को रोकने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का एक वैश्विक संकल्प है byjus.com। मानव की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं और औद्योगिक विकास ने पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके कारण आज पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग, भयंकर लू और अनियंत्रित मौसम का सामना कर रहा है।

विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास

पर्यावरण को बचाने की इस मुहिम की शुरुआत आज से करीब पांच दशक पहले हुई थी। 1960 और 1970 के दशक में जब दुनिया में औद्योगिक कचरा और प्रदूषण तेजी से बढ़ने लगा, तब संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाई।

  • स्टॉकहोम सम्मेलन (1972): 5 जून से 16 जून 1972 तक स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में ‘मानव पर्यावरण सम्मेलन’ आयोजित किया गया। इसी ऐतिहासिक सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ मनाने की घोषणा की।
  • पहला आयोजन (1974): घोषणा के बाद, 5 जून 1974 को पहली बार वैश्विक स्तर पर यह दिवस मनाया गया। इसकी पहली थीम ‘केवल एक पृथ्वी’ (Only One Earth) रखी गई थी। तब से लेकर आज तक हर साल दुनिया का कोई न कोई देश इसकी मेजबानी करता है।

इस वर्ष का विशेष महत्व और थीम

हर साल की तरह यह वर्ष भी पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद खास है। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की मेजबानी अज़रबैजान (बाकू) कर रहा है। इस साल की आधिकारिक थीम “प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए” (Inspired by Nature. For Climate. For Our Future) तय की गई है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर #NowForClimate (#जलवायु_कार्रवाई_अब) अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया को यह समझाना है कि बढ़ती तबाही से बचने के लिए हमें बिना समय गंवाए ‘क्लाइमेट एक्शन’ यानी जलवायु सुधार के कड़े कदम उठाने होंगे।

पर्यावरण दिवस के प्रेरणादायी स्लोगन्स (नारे)

  • “पेड़-पौधे हैं मानव की जान, मत करो इनका अपमान।”
  • “धरती मुस्कुराएगी, जब हर घर एक पेड़ लगाएगा।”
  • “प्रदूषण को मिटाना है, पर्यावरण को बचाना है।”
  • “जब हरी-भरी होगी धरती, तब सुरक्षित होगी हमारी पीढ़ी।”

हमारा कर्तव्य और निष्कर्ष

विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व केवल भाषणों, निबंधों या रैलियों तक सीमित नहीं होना चाहिए। जब तक प्रत्येक नागरिक अपनी जीवनशैली में बदलाव नहीं लाएगा, तब तक धरती को स्वच्छ बनाना असंभव है। हम अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके बड़ा योगदान दे सकते हैं, जैसे:

  1. अपने जन्मदिन या खास मौकों पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी देखभाल करें।
  2. सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करें और कपड़े के थैलों को अपनाएं।
  3. बिजली और पानी की बर्बादी रोकें तथा नवीकरणीय ऊर्जा (सौर ऊर्जा) के इस्तेमाल को बढ़ावा दें।

प्रकृति के बिना मानव जीवन का कोई अस्तित्व नहीं है। यदि हम आज सचेत नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियों को सांस लेने के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा। आइए, इस पर्यावरण दिवस पर हम सब मिलकर अपनी धरती को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने का सच्चा संकल्प लें।

रोचक क्विज- विद्यार्थियों, शिक्षकों व् आम जन हेतु हल करें

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