
MP BOARD की आगामी अर्द्धवार्षिक/ वार्षिक परीक्षा 2026-27 के लिए कक्षा 12 भूगोल (Geography) नोट्स/ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर 2026-27 (MP Board) दिए गए हैं हिंदी के अतिरिक्त इंग्लिश , संस्कृत , भौतिक , रसायन (विज्ञान/ गणित संकाय ) कला संकाय ( इतिहास , राजनीति आदि ) कामर्स संकाय ( एकाउंटेंसी , व्यवसाय अध्ययन ) कृषि संकाय के नोट्स/ महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर इस वेबसाईट पर दिए गए है . बोर्ड परीक्षा तक वेबसाईट को दिन में कम से कम एक बार अवश्य चेक करें . नियमित अपडेट होगी .
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अर्द्धवार्षिक/ वार्षिक परीक्षा 2026-27 कक्षा 12 भूगोल (Geography) नोट्स/ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (MP Board)
भाग अ: 1 अंक वाले वस्तुनिष्ठ प्रश्न (कुल: 50 प्रश्न)
1. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
3. सत्य या असत्य लिखिए
उत्तर: असत्य (जल एक नवीकरणीय और चक्रीय संसाधन है)
प्रश्न 30. प्राथमिक आंकड़े वे आंकड़े होते हैं जो शोधकर्ता द्वारा पहली बार सीधे एकत्र किए जाते हैं। (सत्य/असत्य)
उत्तर: सत्य
4. सही जोड़ी बनाइए
प्रश्न 31 से 40. कॉलम अ के तथ्यों का कॉलम ब के सही विकल्पों से मिलान करें (सामने सही उत्तर दिया गया है):
| कॉलम अ (भौगोलिक तथ्य) | कॉलम ब (सही मिलान) |
|---|---|
| ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग | विश्व का सबसे लंबा रेलमार्ग (रूस) |
| लाल कॉलर श्रमिक | प्राथमिक क्रियाकलापों में संलग्न व्यक्ति |
| झूमिंग (Jhuming) कृषि | भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्थानांतरित कृषि |
| राइन जलमार्ग | यूरोप का सबसे व्यस्त आंतरिक जलमार्ग |
| झरिया (Jharia) | झारखंड का प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र |
| मुंबई हाई (Mumbai High) | भारत का प्रमुख अपतटीय खनिज तेल क्षेत्र |
| प्रशासनिक नगर | नई दिल्ली / भोपाल |
| गुच्छित बस्ती (Clustered Settlement) | घरों का सघन रूप से बसा हुआ केंद्रीय समूह |
| वर्षा जल संग्रहण | अरवारी पानी संसद (अलवर, राजस्थान) |
| आलेखी निरूपण | दंड आरेख और पाई चार्ट द्वारा डेटा का प्रदर्शन |
5. एक शब्द या एक वाक्य में उत्तर दीजिए
प्रश्न 41. मानव भूगोल के जनक किसे कहा जाता है?
उत्तर: फ्रेडरिक रैटजेल (Friedrich Ratzel)
प्रश्न 42. किसी क्षेत्र में निश्चित समय अंतराल में होने वाले जनसंख्या के परिवर्तन को क्या कहते हैं?
उत्तर: जनसंख्या वृद्धि (Population Growth)
प्रश्न 43. जीवन प्रत्याशा से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: एक व्यक्ति के जन्म के समय उसके जीवित रहने की औसत वर्षों की संख्या।
प्रश्न 44. विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि की मुख्य फसल कौन सी है?
उत्तर: गेहूँ (Wheat)
प्रश्न 45. द्वितीयक क्रियाकलापों का मुख्य आधार क्या होता है?
उत्तर: कच्चे माल का प्रसंस्करण और विनिर्माण (रूप परिवर्तन)।
प्रश्न 46. फुटकर व्यापार किसे कहते हैं?
उत्तर: वह व्यापारिक क्रियाकलाप जो उपभोक्ताओं को वस्तुओं की प्रत्यक्ष बिक्री से संबंधित होता है।
प्रश्न 47. भारत में जनगणना कितने वर्षों के अंतराल पर की जाती है?
उत्तर: 10 वर्ष
प्रश्न 48. भारत के किस राज्य में साक्षरता दर सबसे अधिक है?
उत्तर: केरल
प्रश्न 49. तांबा उत्पादक प्रसिद्ध क्षेत्र ‘खेतड़ी’ भारत के किस राज्य में है?
उत्तर: राजस्थान
प्रश्न 50. द्वितीयक आंकड़े प्राप्त करने का कोई एक मुख्य स्रोत बताइए।
उत्तर: सरकारी प्रकाशन (जैसे जनगणना रिपोर्ट) या पत्र-पत्रिकाएं।
भाग ब: 2 अंक वाले अति लघु उत्तरीय प्रश्न (कुल: 30 प्रश्न)
प्रश्न 1. मानव भूगोल को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: रैटजेल के अनुसार, “मानव भूगोल मानव समाजों और धरातल के बीच संबंधों का संश्लेषित अध्ययन है।” यह मानव और पर्यावरण के अंतर्संबंधों को प्रकट करता है।
प्रश्न 2. पर्यावरणीय निश्चयवाद क्या है?
उत्तर: वह विचारधारा जिसके अनुसार मानव पूरी तरह से प्रकृति की शक्तियों पर निर्भर था और प्रकृति के आदेशों के सामने नतमस्तक रहता था। इसमें प्रकृति प्रधान और मानव गौण होता है।
प्रश्न 3. संभववाद (Possibilism) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: वह विचारधारा जिसके अनुसार मानव प्रकृति में अपनी सुविधा अनुसार परिवर्तन करने में सक्षम है। वह प्रकृति द्वारा दी गई संभावनाओं का चुनाव अपनी बुद्धिमत्ता से करता है।
प्रश्न 4. जनसंख्या घनत्व किसे कहते हैं? इसका सूत्र लिखिए।
उत्तर: किसी क्षेत्र की कुल जनसंख्या और उसके कुल क्षेत्रफल के अनुपात को जनसंख्या घनत्व कहते हैं।
सूत्र: जनसंख्या घनत्व = कुल जनसंख्या / कुल क्षेत्रफल (व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)।
प्रश्न 5. जनसंख्या वृद्धि के दो मुख्य घटक कौन से हैं?
उत्तर: 1) प्राकृतिक घटक (जन्म दर और मृत्यु दर का अंतर)। 2) अभिप्रेरित घटक (प्रवास या लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर आना-जाना)।
प्रश्न 6. प्रवास के ‘अपकर्ष कारक’ (Pull Factors) क्या हैं? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वे कारक जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं और अनुकूल परिस्थितियों के कारण उन्हें बसने पर मजबूर करते हैं। जैसे: रोजगार के बेहतर अवसर, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं।
प्रश्न 7. प्रवास के ‘प्रतिकर्ष कारक’ (Push Factors) क्या हैं? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वे प्रतिकूल कारक जो किसी व्यक्ति को अपना मूल स्थान छोड़ने पर मजबूर करते हैं। जैसे: बेरोजगारी, राजनीतिक अशांति, प्रतिकूल जलवायु या प्राकृतिक आपदाएं।
प्रश्न 8. मानव विकास के चार प्रमुख स्तंभों के नाम लिखिए।
उत्तर: 1) समता (Equity), 2) सतत पोषणीयता (Sustainability), 3) उत्पादकता (Productivity), और 4) सशक्तिकरण (Empowerment)।
प्रश्न 9. मानव विकास सूचकांक (HDI) का मूल्यांकन किन तीन आयामों पर किया जाता है?
उत्तर: 1) स्वास्थ्य (दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन), 2) शिक्षा (ज्ञान या साक्षरता दर), 3) जीवन स्तर (प्रति व्यक्ति क्रय शक्ति)।
प्रश्न 10. प्राथमिक क्रियाओं का क्या अर्थ है? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वे मानवीय गतिविधियाँ जो सीधे प्रकृति या प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर निर्भर होती हैं। जैसे: कृषि कार्य, वनों से लकड़ी काटना, और पशुपालन।
प्रश्न 11. स्थानांतरित (झूमिंग) कृषि की दो मुख्य विशेषताएं लिखिए।
उत्तर: 1) इसमें वनों को काटकर और जलाकर भूमि साफ़ की जाती है। 2) दो-तीन वर्षों तक खेती करने के बाद जब भूमि की उर्वरता समाप्त हो जाती है, तो किसान नया टुकड़ा साफ़ करते हैं।
प्रश्न 12. रोपण कृषि की दो फसलों के नाम बताइए।
उत्तर: चाय (Tea) और रबर (Rubber)। इनके अलावा कॉफी और गन्ना भी रोपण फसलें हैं।
प्रश्न 13. विनिर्माण (Manufacturing) उद्योग किसे कहते हैं?
उत्तर: जैविक या अजैविक पदार्थों को नए उत्पादों में बदलने की यांत्रिक या रासायनिक क्रिया को विनिर्माण कहते हैं। यह प्राथमिक उत्पादों का रूप बदलकर उनका मूल्य बढ़ा देता है।
प्रश्न 14. कुटीर उद्योग और लघु उद्योग में एक मुख्य अंतर बताइए।
उत्तर: कुटीर उद्योग में परिवार के सदस्य ही घर पर स्थानीय कच्चे माल से हाथ से वस्तुएं बनाते हैं, जबकि लघु उद्योग में बाहरी श्रमिक रखे जाते हैं और छोटी मशीनों तथा बिजली का उपयोग होता है।
प्रश्न 15. स्वच्छंद उद्योग (Footloose Industries) क्या होते हैं?
उत्तर: वे उद्योग जो किसी विशिष्ट कच्चे माल के स्रोत पर निर्भर नहीं होते और कहीं भी स्थापित किए जा सकते हैं। ये प्रदूषण रहित होते हैं और इनमें संघटक पुर्जों की आवश्यकता होती है (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग)।
प्रश्न 16. तृतीयक क्रियाकलाप किसे कहते हैं? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: ये क्रियाएं भौतिक वस्तुओं के उत्पादन के बजाय मुख्य रूप से सेवाएं (Services) प्रदान करने से संबंधित होती हैं। जैसे: बैंकिंग सेवाएं, परिवहन, और शिक्षण कार्य।
प्रश्न 17. चतुर्थक क्रियाकलाप क्या हैं?
उत्तर: ये अत्यंत विशिष्ट सेवा क्षेत्र हैं जो ज्ञान (Knowledge) पर आधारित होते हैं। इनमें सूचना का संग्रहण, उत्पादन, सॉफ्टवेयर विकास और उच्च स्तरीय अनुसंधान शामिल हैं।
प्रश्न 18. बाह्यस्रोतन (Outsourcing) क्या है?
उत्तर: किसी कंपनी द्वारा अपने किसी आंतरिक कार्य को लागत कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए किसी बाहरी एजेंसी या देश की फर्म को सौंपना बाह्यस्रोतन कहलाता है (जैसे कॉल सेंटर सेवाएं)।
प्रश्न 19. अंकीय विभाजक (Digital Divide) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के लाभों और पहुंच की दृष्टि से देशों या समाजों के बीच पाई जाने वाली असमानता को अंकीय विभाजक कहते हैं।
प्रश्न 20. स्वेज नहर का आर्थिक महत्व बताइए।
उत्तर: यह नहर यूरोप और एशिया के बीच की दूरी को बहुत कम करती है (लगभग 7200 किमी)। इससे ईंधन और समय की भारी बचत होती है और व्यापार आसान होता है।
प्रश्न 21. भारत की जनसंख्या की तीव्र वृद्धि के दो मुख्य कारण लिखिए।
उत्तर: 1) चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के कारण मृत्यु दर में तेजी से गिरावट। 2) जन्म दर का तुलनात्मक रूप से ऊँचा बने रहना।
प्रश्न 22. गैरीसन (छावनी) नगर किसे कहते हैं? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वे नगर जो मुख्य रूप से सेना, रक्षा बलों के आवास और सैन्य प्रशिक्षण के उद्देश्य से बसाए जाते हैं। जैसे: महू (Mhow) और अंबाला।
प्रश्न 23. गुच्छित और परिक्षिप्त (एकाकी) बस्तियों में क्या अंतर है?
उत्तर: गुच्छित बस्तियों में घर एक-दूसरे के बहुत पास-पास और सघन होते हैं, जबकि परिक्षिप्त बस्तियों में घर दूर-दूर खेतों के बीच फैले होते हैं (जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में)।
प्रश्न 24. साझा संपत्ति संसाधन (Common Property Resources) क्या हैं?
उत्तर: गाँव या समुदाय की वह भूमि जिस पर किसी एक व्यक्ति का अधिकार न होकर पूरे समुदाय का अधिकार होता है। जैसे: सामुदायिक चारागाह, गाँव के कुएं, और वन भूमि।
प्रश्न 25. जल संभर प्रबंधन (Watershed Management) क्या है?
उत्तर: धरातलीय और भौम जल संसाधनों का कुशलतापूर्वक संरक्षण, प्रबंधन और पुनर्भरण करने की विधि को जल संभर प्रबंधन कहते हैं, जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहता है।
प्रश्न 26. वर्षा जल संग्रहण (Rainwater Harvesting) के दो लाभ लिखिए।
उत्तर: 1) भूमिगत जल स्तर (Water Table) में वृद्धि होती है। 2) गर्मियों के दिनों में पानी की कमी की समस्या का समाधान होता है।
प्रश्न 27. लौह और अलौह खनिजों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: जिन खनिजों में लोहे का अंश पाया जाता है उन्हें लौह खनिज कहते हैं (जैसे लौह अयस्क, मैंगनीज)। जिन खनिजों में लोहे का अंश नहीं होता उन्हें अलौह खनिज कहते हैं (जैसे तांबा, बॉक्साइट)।
प्रश्न 28. सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development) की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करे बिना आने वाली पीढ़ियों के संसाधनों और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए।
प्रश्न 29. प्राथमिक आंकड़े और द्वितीयक आंकड़े में क्या अंतर है?
उत्तर: प्राथमिक आंकड़े किसी अन्वेषक द्वारा पहली बार सीधे क्षेत्र से मौलिक रूप से एकत्र किए जाते हैं, जबकि द्वितीयक आंकड़े पहले से प्रकाशित या किसी अन्य संस्था द्वारा संग्रहित होते हैं।
प्रश्न 30. सुदूर संवेदन (Remote Sensing) क्या है?
उत्तर: किसी वस्तु या क्षेत्र के सीधे भौतिक संपर्क में आए बिना, उपग्रहों या विमानों में लगे कैमरों और सेंसरों के माध्यम से उसके बारे में जानकारी एकत्र करना सुदूर संवेदन कहलाता है।
भाग स: 3 अंक वाले लघु उत्तरीय प्रश्न (कुल: 25 प्रश्न)
प्रश्न 1. मानव भूगोल के किन्हीं तीन उप-क्षेत्रों के नाम लिखिए और उनका संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर: मानव भूगोल के तीन प्रमुख उप-क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
1) सांस्कृतिक भूगोल: यह मानव समाजों की संस्कृतियों, उनकी परंपराओं और पर्यावरण के साथ उनके सांस्कृतिक संबंधों का अध्ययन करता है।
2) आर्थिक भूगोल: यह मानव की आर्थिक गतिविधियों जैसे कृषि, उद्योग, व्यापार और पर्यटन के स्थानिक वितरण का अध्ययन करता है।
3) राजनीतिक भूगोल: यह राजनीतिक सीमाओं, देशों के क्षेत्रीय विस्तार और निर्वाचन भूगोल का अध्ययन करता है।
प्रश्न 2. नवनिश्चयवाद (Neo-Determinism) की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: ग्रिफिथ टेलर ने नवनिश्चयवाद की अवधारणा दी, जिसे ‘रुको और जाओ निश्चयवाद’ (Stop and Go Determinism) भी कहा जाता है। यह पर्यावरणीय निश्चयवाद और संभववाद के बीच का मध्य मार्ग है। इसके अनुसार, मानव प्रकृति पर पूरी तरह विजय प्राप्त नहीं कर सकता, लेकिन वह प्रकृति के नियमों का पालन करके (जैसे ट्रैफिक लाइट का पालन करके) विकास की गति तय कर सकता है। मानव पर्यावरण को केवल रूपांतरित कर सकता है, उसे पूरी तरह नष्ट नहीं कर सकता।
प्रश्न 3. विश्व में जनसंख्या के असमान वितरण को प्रभावित करने वाले तीन आर्थिक कारकों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले तीन आर्थिक कारक निम्नलिखित हैं:
1) खनिज संसाधन: जिन क्षेत्रों में बहुमूल्य खनिजों के भंडार पाए जाते हैं, वहां उद्योगों के कारण रोजगार के अवसर बढ़ते हैं (जैसे अफ्रीका की कटंगा तांबा पेटी)।
2) नगरीकरण: शहरों में बेहतर सुविधाएं, रोजगार और अच्छा जीवन स्तर लोगों को आकर्षित करता है, जिससे नगर सघन बस जाते हैं।
3) औद्योगीकरण: औद्योगिक केंद्र बड़ी संख्या में श्रमिकों को आकर्षित करते हैं (जैसे जापान का कोबे-ओसाका क्षेत्र)।
प्रश्न 4. जनसांख्यिकीय संक्रमण (Demographic Transition Theory) की प्रथम अवस्था की तीन विशेषताएं लिखिए।
उत्तर: जनसांख्यिकीय संक्रमण की प्रथम अवस्था की विशेषताएं:
1) उच्च जन्म दर और उच्च मृत्यु दर: इस अवस्था में जन्म दर और मृत्यु दर दोनों ही बहुत ऊंची होती हैं, जिसके कारण जनसंख्या वृद्धि बहुत धीमी होती है।
2) महामारियां और भुखमरी: चिकित्सा सुविधाओं के अभाव और भोजन की अनिश्चित आपूर्ति के कारण मृत्यु दर नियंत्रित नहीं होती।
3) प्राथमिक क्रियाओं की प्रधानता: जनसंख्या का अधिकांश भाग अशिक्षित होता है और कृषि या आदिम जीवन शैली पर निर्भर होता है (जैसे दो सौ वर्ष पूर्व विश्व के लगभग सभी देश इसी अवस्था में थे)।
प्रश्न 5. मानव विकास सूचकांक (HDI) के आधार पर देशों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर: मानव विकास सूचकांक का स्कोर 0 से 1 के बीच होता है। इसके आधार पर देशों को चार श्रेणियों में बांटा जाता है:
1) अति उच्च सूचकांक वाले देश: जिनका स्कोर 0.800 से ऊपर होता है (जैसे नॉर्वे, जर्मनी)।
2) उच्च सूचकांक वाले देश: जिनका स्कोर 0.701 से 0.799 के बीच होता है।
3) मध्यम सूचकांक वाले देश: जिनका स्कोर 0.550 से 0.700 के बीच होता है (भारत इसी श्रेणी में आता है)।
4) निम्न सूचकांक वाले देश: जिनका स्कोर 0.549 से कम होता है (जैसे सूडान, नाइजर)।
प्रश्न 6. गहन निर्वाह कृषि (Intensive Subsistence Agriculture) और विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि (Extensive Commercial Grain Farming) में तीन अंतर लिखिए।
उत्तर:
लक्षणगहन निर्वाह कृषिविस्तृत वाणिज्य अनाज कृषिभूमि का आकारखेतों का आकार बहुत छोटा होता है।खेतों का आकार बहुत विशाल होता है।श्रम व मशीनेंमानव श्रम और पशुओं का अधिक उपयोग होता है।पूरी तरह से ट्रैक्टर और कम्बाइन मशीनों पर निर्भर।मुख्य उद्देश्यपरिवार के भरण-पोषण के लिए (मुख्य फसल: चावल)।बाज़ार में बेचने के लिए (मुख्य फसल: गेहूं)।
प्रश्न 7. भूमध्यसागरीय कृषि (Mediterranean Agriculture) की तीन प्रमुख विशेषताएं लिखिए।
उत्तर: 1) यह एक अत्यंत विशिष्ट व्यावसायिक कृषि है जो भूमध्य सागर के आसपास के क्षेत्रों, कैलिफोर्निया और चिली में की जाती है। 2) यह क्षेत्र विश्व में खट्टे फलों (Viticulture या अंगूर की खेती) के लिए प्रसिद्ध है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली वाइन बनाई जाती है। 3) सर्दियों में जब यूरोप में फलों और सब्जियों की कमी होती है, तो इस क्षेत्र से आपूर्ति की जाती है।
प्रश्न 8. आधुनिक बड़े पैमाने के विनिर्माण उद्योग की तीन मुख्य विशेषताएं बताइए।
उत्तर: 1) कौशल का विशिष्टीकरण: इसमें श्रमिक मशीनों द्वारा केवल एक ही प्रकार के पुर्जों का निर्माण बार-बार करते हैं। 2) यंत्रीकरण और स्वचालन: उन्नत कारखानों में कंप्यूटर नियंत्रित रोबोट और स्वचालित असेंबली लाइनों का उपयोग होता है। 3) विशिष्ट भौगोलिक वितरण: ये उद्योग कुछ ही केंद्रों पर सघन रूप से केंद्रित होते हैं जहाँ परिवहन और पूंजी सुलभ हो।
प्रश्न 9. आधारभूत उद्योग और उपभोक्ता उद्योग में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:आधारभूत उद्योग: वे उद्योग होते हैं जिनके उत्पाद का उपयोग दूसरे उद्योगों के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है। जैसे: लोहा-इस्पात उद्योग (यह अन्य उद्योगों के लिए मशीनें बनाता है)।
उपभोक्ता उद्योग: वे उद्योग होते हैं जिनके उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं द्वारा दैनिक जीवन में उपयोग किए जाते हैं। जैसे: चीनी उद्योग, टूथपेस्ट निर्माण, और वस्त्र उद्योग।
प्रश्न 10. फुटकर व्यापार और थोक व्यापार में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:फुटकर व्यापार: इसमें उपभोक्ता को सीधे वस्तुएं कम मात्रा में बेची जाती हैं। यह मुख्यतः दुकानों, रेहड़ियों या ऑनलाइन माध्यम से होता है।
थोक व्यापार: इसमें बड़ी मात्रा में सामान बिचौलियों या फुटकर व्यापारियों को बेचा जाता है, सीधे उपभोक्ताओं को नहीं। इसमें बड़ी पूंजी और गोदामों की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 11. परिवहन की मांग किन कारकों पर निर्भर करती है? तीन कारक लिखिए।
उत्तर: परिवहन की मांग निम्नलिखित तीन कारकों पर निर्भर करती है:
1) जनसंख्या का आकार: जनसंख्या जितनी बड़ी होगी, यात्रियों और वस्तुओं के परिवहन की मांग उतनी ही अधिक होगी।
2) औद्योगिक विकास: औद्योगिक क्षेत्रों में कच्चे माल को लाने और तैयार माल को बाज़ार तक ले जाने के लिए परिवहन की अधिक मांग होती है।
3) व्यापार का स्तर: दो क्षेत्रों के बीच व्यापारिक संबंध जितने मजबूत होंगे, परिवहन नेटवर्क उतना ही सघन होगा।
प्रश्न 12. पनामा नहर जलमार्ग के तीन व्यावसायिक लाभ लिखिए।
उत्तर: 1) यह नहर उत्तरी अमेरिका के पूर्वी और पश्चिमी तटों (जैसे न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को) के बीच की समुद्री दूरी को लगभग 13,000 किमी कम करती है। 2) इसके द्वारा दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी देशों को यूरोपीय बाज़ारों तक सीधी पहुंच मिलती है। 3) यह प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गति प्रदान करती है।
प्रश्न 13. सन 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या के स्थानिक वितरण की तीन मुख्य विशेषताएं लिखिए।
उत्तर: 1) अत्यधिक असमान वितरण: भारत के कुछ राज्य अत्यधिक सघन हैं (जैसे उत्तर प्रदेश की जनसंख्या सबसे अधिक है और बिहार का घनत्व सबसे ज्यादा है)। 2) भौतिक बाधाएं: पर्वतीय राज्यों (जैसे अरुणाचल प्रदेश) और मरुस्थलीय क्षेत्रों (राजस्थान का पश्चिमी भाग) में जनसंख्या बहुत विरल है। 3) तटीय और मैदानी सघनता: गंगा-ब्रह्मपुत्र के मैदानी भागों और तटीय उड़ीसा, केरल में उपजाऊ भूमि के कारण जनसंख्या सघन है।
प्रश्न 14. भारत में भाषाई वर्गीकरण के अंतर्गत प्रमुख भाषा परिवारों के नाम लिखिए।
उत्तर: भारत में मुख्य रूप से चार भाषा परिवार पाए जाते हैं:
1) भारतीय-आर्य (Indo-Aryan): यह सबसे बड़ा भाषा परिवार है (लगभग 73%), जिसमें हिंदी, बंगाली, पंजाबी, मराठी शामिल हैं।
2) द्रविड़ (Dravidian): यह दक्षिण भारत में फैला है (लगभग 20%), जिसमें तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम शामिल हैं।
3) ऑस्ट्रिक (Austric) और चीनी-तिब्बती (Sino-Tibetan): ये जनजातीय और उत्तर-पूर्वी सीमांत क्षेत्रों में बोले जाते हैं।
प्रश्न 15. ग्रामीण बस्तियों और नगरीय बस्तियों में कोई तीन मुख्य अंतर लिखिए।
उत्तर:
लक्षणग्रामीण बस्तियाँनगरीय बस्तियाँआर्थिक क्रियाअधिकांश जनसंख्या प्राथमिक क्रियाओं (कृषि, पशुपालन) में लगी होती है।अधिकांश जनसंख्या द्वितीयक, तृतीयक या उच्च सेवाओं में होती है।जनसंख्या घनत्वजनसंख्या का घनत्व और घरों का जमाव कम होता है।जनसंख्या घनत्व बहुत अधिक और घर बहुमंजिला होते हैं।जीवन शैलीपारंपरिक और सामाजिक संबंध प्रगाढ़ होते हैं।जटिल, तीव्र और औपचारिक (मशीनी) जीवन शैली होती है।
प्रश्न 16. स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) के तीन मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
उत्तर: 1) शहरों में मुख्य बुनियादी ढांचा (जैसे स्वच्छ जल, चौबीस घंटे बिजली, कुशल सार्वजनिक परिवहन) प्रदान करना। 2) नागरिकों को एक स्वच्छ और सतत पर्यावरण प्रदान करना। 3) स्मार्ट समाधानों (जैसे डिजिटल गवर्नेंस, डेटा संचालित कचरा प्रबंधन) के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना।
प्रश्न 17. भारत में कृषि भूमि के ह्रास (गिरावट) के तीन मुख्य कारण क्या हैं?
उत्तर: 1) मृदा लवणता और क्षारीयता: अत्यधिक सिंचाई के कारण पंजाब, हरियाणा में भूमि ऊसर हो रही है। 2) नगरीकरण: शहरों के विस्तार के कारण कृषि योग्य भूमि आवासीय कॉलोनियों में बदल रही है। 3) मृदा अपरदन: हवा और पानी के बहाव के कारण उपजाऊ ऊपरी मिट्टी का नष्ट होना।
प्रश्न 18. भारत में जल प्रदूषण के तीन मुख्य स्रोतों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: 1) औद्योगिक अपशिष्ट: कारखानों से निकलने वाला रसायनिक पानी बिना उपचार के नदियों में छोड़ दिया जाता है (जैसे गंगा और यमुना में)। 2) घरेलू सीवेज: शहरों का गंदा पानी और मलमूत्र नदियों में प्रवाहित होना। 3) कृषि अपशिष्ट: खेतों में अत्यधिक रसायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग, जो बारिश के पानी के साथ बहकर जल निकायों में मिल जाते हैं।
प्रश्न 19. वर्षा जल संग्रहण के लिए भारत में अपनाई जाने वाली किन्हीं तीन पारंपरिक विधियों के नाम लिखिए।
उत्तर: 1) टांका (Tanka): राजस्थान के घरों में बनाया जाने वाला भूमिगत टैंक जिसमें छत का पानी इकट्ठा किया जाता है। 2) जोहड़ (Johad): मिट्टी के छोटे बांध बनाकर बारिश के पानी को रोकना ताकि भूजल स्तर बढ़े। 3) बावड़ी (Stepwell): सीढ़ीदार कुएं जो प्राचीन काल से जल संचय के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं।
भाग स: 3 अंक वाले लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 20 से 25)
1. औद्योगिक अपशिष्ट: चमड़ा, कागज, रसायन और कपड़ा उद्योगों से निकलने वाला जहरीला और अनुपचारित कचरा सीधे नदियों में बहा दिया जाता है।
2. घरेलू सीवेज: शहरों और कस्बों का अनुपचारित गंदा पानी और मलमूत्र नालियों के माध्यम से नदियों और झीलों में मिलकर उन्हें प्रदूषित करता है।
3. कृषि रसायन: खेती में अत्यधिक मात्रा में उपयोग किए जाने वाले रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और खरपतवारनाशी वर्षा के जल के साथ बहकर नदी-तालाबों और भूमिगत जल में मिल जाते हैं।
दो प्रमुख लाभ:
1. इसके द्वारा एक ही समय में पूरे विश्व या किसी बड़े भौगोलिक क्षेत्र में सूचनाओं और लाइव प्रसारणों को पहुँचाया जा सकता है।
2. यह दुर्गम, पहाड़ी, मरुस्थलीय और सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निरंतर और तीव्र संचार सेवा प्रदान करने में सक्षम है।
विकासशील देशों में यह विभाजन बहुत गहरा है, जहाँ महानगरों और धनी वर्ग के पास तो अत्याधुनिक इंटरनेट और डिजिटल सुविधाएं हैं, लेकिन ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी बिजली और नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं है। यह असमानता आर्थिक और शैक्षिक विकास की गति को प्रभावित करती है।
1. जल प्रबंधन नीति का कड़ा कार्यान्वयन: केवल जीवन रक्षक सिंचाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और अत्यधिक जल भराव वाली फसलों पर रोक लगानी चाहिए।
2. पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन: मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, चारागाह विकास और शेल्टर बेल्ट (रक्षक मेखला) का निर्माण किया जाना चाहिए।
3. फसल विविधीकरण: खट्टे फलों की खेती, दलहन और कम पानी लेने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि मिट्टी की लवणता न बढ़े।
1. संग्रहण: प्राथमिक आंकड़े अन्वेषक (सोधकर्ता) द्वारा स्वयं पहली बार मूल स्रोतों से जुटाए जाते हैं, जबकि द्वितीयक आंकड़े किसी अन्य संस्था या प्रकाशित पत्रिकाओं द्वारा पहले से ही संग्रहित होते हैं।
2. लागत और समय: प्राथमिक आंकड़ों को एकत्र करने में अधिक समय, धन और श्रम की आवश्यकता होती है, जबकि द्वितीयक आंकड़े आसानी से और कम समय में मिल जाते हैं।
3. मौलिकता: प्राथमिक आंकड़े पूरी तरह से मौलिक (Original) होते हैं, जबकि द्वितीयक आंकड़े मौलिक नहीं होते, वे केवल पुन: उपयोग किए जाते हैं।
औद्योगिक उपयोग: उच्च तापमान को सहने और विद्युत रोधक (Insulating) गुणों के कारण इसका सबसे अधिक उपयोग इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिकल और रेडियो उद्योगों में किया जाता है।
वितरण: भारत में अभ्रक मुख्य रूप से झारखंड (हजारीबाग पठार), आंध्र प्रदेश (नेल्लोर जिला) और राजस्थान (जयपुर-उदयपुर बेल्ट) में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
भाग द: 4 अंक वाले दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 11 से 20)
1. भौगोलिक स्थिति: स्वेज नहर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है और यह पूरी तरह मानव निर्मित समतल नहर है। पनामा नहर अटलांटिक महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है और इसमें जहाजों को पार कराने के लिए ‘लॉक सिस्टम’ (जलपाश प्रणाली) का प्रयोग होता है।
2. दूरी की बचत: स्वेज नहर के बनने से यूरोप और दक्षिण एशिया के बीच की दूरी लगभग 7,200 किलोमीटर कम हो गई (उत्तमाशा अंतरीप मार्ग की तुलना में)। पनामा नहर के कारण न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को के बीच समुद्री मार्ग की दूरी में लगभग 13,000 किलोमीटर की भारी कमी आई है।
3. व्यापारिक मार्ग: स्वेज नहर मार्ग से मुख्य रूप से खनिज तेल, कोयला, तैयार औद्योगिक उत्पाद और खाद्यान्न का व्यापार यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच होता है। पनामा नहर मार्ग मुख्य रूप से उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के पूर्वी और पश्चिमी तटों के बीच व्यापार को सुगम बनाता है।
4. आर्थिक प्रभाव: स्वेज नहर पर मिस्र का नियंत्रण है और यह वैश्विक व्यापार के लगभग 12% हिस्से का संचालन करती है। पनामा नहर पर पनामा देश का अधिकार है, और यह अमेरिकी महाद्वीपों के विकास और प्रशांत महासागरीय देशों के बीच माल परिवहन का सबसे सस्ता जरिया है।
1. भू-आकृति (उच्चावच): मैदानी भागों (जैसे गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान) में समतल भूमि होने के कारण खेती, परिवहन और उद्योगों का विकास आसान होता है, इसलिए यहाँ सघन जनसंख्या पाई जाती है। इसके विपरीत, हिमालयी और उत्तर-पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों में ऊबड़-खाबड़ धरातल के कारण जनसंख्या बहुत विरल है।
2. जलवायु: मानव बसाव के लिए समशीतोष्ण या अनुकूल जलवायु आवश्यक है। अत्यधिक गर्म मरुस्थलीय भागों (जैसे राजस्थान का थार मरुस्थल) या अत्यधिक ठंडे पहाड़ी भागों (जैसे लद्दाख) में कठिन जलवायु के कारण बहुत कम लोग रहते हैं, जबकि तटीय और मैदानी भागों की सुखद जलवायु अधिक लोगों को आकर्षित करती है।
3. जल की उपलब्धता: जल ही जीवन है। इसलिए भारत में अधिकांश जनसंख्या नदियों की घाटियों और तटीय क्षेत्रों में केंद्रित है जहाँ पीने, घरेलू कार्यों और सिंचाई के लिए पर्याप्त मीठा जल उपलब्ध है। जल की कमी वाले शुष्क क्षेत्रों में बस्तियां बहुत छोटी और दूर-दूर होती हैं।
4. मृदा (मिट्टी) की उर्वरता: भारत एक कृषि प्रधान देश है। उत्तर के विशाल मैदान और तटीय डेल्टा क्षेत्रों की जलोढ़ मिट्टी अत्यंत उपजाऊ होती है, जो साल में कई फसलें उगाने में सक्षम है। उपजाऊ मिट्टी सघन कृषि को सहारा देती है, जिससे वहां जनसंख्या का घनत्व देश में सर्वाधिक है।
1. समता (Equity): इसका अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति को लिंग, जाति, आय, प्रजाति या धर्म के भेदभाव के बिना उपलब्ध अवसरों तक समान पहुँच मिलनी चाहिए। जब तक समाज के सभी वर्गों को समान अवसर नहीं मिलेंगे, मानव विकास संभव नहीं है।
2. सतत पोषणीयता (Sustainability): इसका तात्पर्य अवसरों की निरंतरता से है। प्रत्येक पीढ़ी को पर्यावरण, वित्तीय और मानव संसाधनों का उपयोग इस प्रकार करना चाहिए कि आने वाली भावी पीढ़ी के लिए भी अवसर और संसाधन सुरक्षित रहें।
3. उत्पादकता (Productivity): यहाँ उत्पादकता का अर्थ ‘मानव श्रम उत्पादकता’ या मानव कार्य के संदर्भ में उत्पादकता से है। लोगों में ज्ञान का स्तर बढ़ाकर, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देकर और उनके कौशल में सुधार करके उनकी कार्यक्षमता को लगातार बढ़ाना चाहिए।
4. सशक्तिकरण (Empowerment): इसका अर्थ है अपने विकल्प चुनने के लिए आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वतंत्रता और शक्ति प्राप्त होना। लोगों में यह शक्ति सुशासन, स्वतंत्रता और जन-उन्मुख नीतियों के माध्यम से आती है, जिससे विशेष रूप से समाज के पिछड़े और कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का बल मिलता है।
प्रश्न 14. भारत में जल संसाधनों की कमी (Water Scarcity) के लिए उत्तरदायी चार प्रमुख कारणों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर: भारत में तेजी से बढ़ते जल संकट के चार प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. तीव्र जनसंख्या वृद्धि और शहरीकरण: जनसंख्या बढ़ने से पानी की घरेलू मांग कई गुना बढ़ गई है। बड़े शहरों में कंक्रीट के निर्माण के कारण वर्षा का जल जमीन के अंदर नहीं जा पाता, जिससे भूमिगत जल स्तर (Water Table) तेजी से नीचे गिर रहा है।
2. कृषि में अत्यधिक जल का दोहन: हरित क्रांति के बाद भारत में नलकूपों (Tubewells) की संख्या बहुत बढ़ी है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान और गन्ने जैसी अधिक पानी लेने वाली फसलों की अत्यधिक खेती के कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ है।
3. जल प्रदूषण: नदियों और झीलों में उद्योगों का केमिकल युक्त कचरा और शहरों का गंदा पानी मिलने से उपलब्ध जल का बड़ा हिस्सा पीने और उपयोग के अयोग्य हो गया है, जिससे स्वच्छ जल की भारी कमी हो गई है।
4. मानसून की अनिश्चितता और वर्षा का असमान वितरण: भारत में वर्षा केवल तीन-चार महीनों (मानसून काल) में होती है और देश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक सूखा पड़ता है तो कहीं बाढ़ आती है। जल संचयन (Water Harvesting) के पर्याप्त इंतजाम न होने से अधिकांश वर्षा का पानी बहकर समुद्र में चला जाता है।
प्रश्न 15. भारत के गैर-पारंपरिक (नवीकरणीय) ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं पर एक विस्तृत लेख लिखिए।
उत्तर: कोयला और पेट्रोलियम जैसे पारंपरिक स्रोत सीमित हैं और प्रदूषण फैलाते हैं। इसलिए भारत में गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की अपार संभावनाएं हैं:
1. सौर ऊर्जा (Solar Energy): भारत एक उष्णकटिबंधीय देश है जहाँ वर्ष में लगभग 300 दिन भरपूर धूप मिलती है। फोटोवोल्टिक सेलों के माध्यम से सूर्य के प्रकाश को सीधे बिजली में बदला जा रहा है। थार मरुस्थल और गुजरात के तटीय क्षेत्र सौर ऊर्जा के सबसे बड़े केंद्र बनकर उभर रहे हैं।
2. पवन ऊर्जा (Wind Energy): तटीय राज्यों विशेषकर तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में तीव्र हवाओं के कारण पवन चक्कियों के माध्यम से बिजली उत्पादन की भारी संभावनाएं हैं। तमिलनाडु का मुप्पंडल पवन फार्म देश का सबसे बड़ा पवन ऊर्जा परिसर है।
3. जैव ऊर्जा (Bio Energy): इसके अंतर्गत कृषि अपशिष्ट, शहरी कचरा और जैविक मलमूत्र को गैस या बिजली में बदला जाता है। यह गांवों में रसोई गैस (गोबर गैस) का अच्छा विकल्प है और इससे पर्यावरण प्रदूषण और कचरा प्रबंधन की समस्या का भी समाधान होता है।
4. भू-तापीय और तरंग ऊर्जा: पृथ्वी के भीतर के गर्म झरनों से प्राप्त ऊर्जा को भू-तापीय ऊर्जा कहते हैं (जैसे हिमाचल प्रदेश का मणिकरण केंद्र)। साथ ही भारत की विशाल तटरेखा के कारण समुद्री तरंगों और ज्वार-भाटा से बिजली बनाने की अपार संभावनाएं हैं। ये सभी स्रोत पर्यावरण के अनुकूल और कभी न समाप्त होने वाले हैं।
प्रश्न 16. भूमंडलीकरण (Globalization) और मुक्त व्यापार का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ा है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: भूमंडलीकरण और मुक्त व्यापार ने दुनिया को एक वैश्विक गांव में बदल दिया है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर इसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव निम्नलिखित हैं:
सकारात्मक प्रभाव:
1. बाज़ार का विस्तार: व्यापारिक सीमा शुल्क (Tariffs) कम होने से विकासशील देशों के उत्पाद आसानी से विकसित देशों के बाज़ारों तक पहुँच रहे हैं।
2. उपभोक्ताओं को लाभ: प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं को कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली विदेशी वस्तुएं और अत्याधुनिक तकनीक आसानी से मिल रही हैं।
3. विदेशी निवेश में वृद्धि: बहुराष्ट्रीय कंपनियां (MNCs) विकासशील देशों में पूंजी और रोजगार ला रही हैं, जिससे परिवहन और बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है।
नकारात्मक प्रभाव:
1. असमान लाभ: इसका सबसे अधिक लाभ विकसित देशों को मिला है, जबकि गरीब और पिछड़े देश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पा रहे हैं।
2. स्थानीय उद्योगों का पतन: सस्ते विदेशी माल की बाढ़ के कारण विकासशील देशों के छोटे और कुटीर उद्योग बंद हो रहे हैं, जिससे बेरोजगारी का खतरा बढ़ा है।
प्रश्न 17. ग्रामीण बस्तियों और नगरीय बस्तियों में अंतर स्पष्ट करते हुए भारत में नगरीय बस्तियों की चार प्रमुख समस्याओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:मूल अंतर: ग्रामीण बस्तियों के अधिकांश लोग प्राथमिक क्रियाओं (कृषि, पशुपालन) में लगे होते हैं और इनका जीवन सीधा होता है। नगरीय बस्तियों के अधिकांश लोग द्वितीयक और तृतीयक क्रियाओं (उद्योग, व्यापार, प्रशासन) में लगे होते हैं और यहाँ जनसंख्या घनत्व बहुत अधिक होता है।
भारत में नगरीय बस्तियों की चार प्रमुख समस्याएं:
1. मलिन बस्तियों (Slums) का विकास: गांवों से रोजगार की तलाश में आने वाले गरीब लोग शहरों के बाहरी हिस्सों में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं (जैसे मुंबई की धारावी बस्ती), जहाँ स्वच्छता और वेंटिलेशन का सर्वथा अभाव होता है।
2. बुनियादी सुविधाओं की कमी: शहरों की आबादी इतनी तेजी से बढ़ रही है कि पेयजल आपूर्ति, बिजली, सीवरेज सिस्टम और सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
3. पर्यावरण प्रदूषण: वाहनों के धुएँ, औद्योगिक कचरों और कचरा प्रबंधन की खराब व्यवस्था के कारण शहरों में वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है।
4. सामाजिक-आर्थिक अपराध: शहरों में अत्यधिक आर्थिक असमानता और बेरोजगारी के कारण चोरी, डकैती, साइबर अपराध और मानसिक तनाव जैसी सामाजिक बुराइयाँ तेजी से बढ़ रही हैं।
प्रश्न 18. भारत में सूती वस्त्र उद्योग (Cotton Textile Industry) के मुंबई और गुजरात में केंद्रीकरण के चार प्रमुख कारकों की समीक्षा कीजिए।
उत्तर: भारत का सूती वस्त्र उद्योग मुख्य रूप से मुंबई (महाराष्ट्र) और अहमदाबाद (गुजरात) में केंद्रित है, जिसके चार प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं:
1. कच्चे माल की उपलब्धता: यह पूरा क्षेत्र दक्कन के पठार की काली मिट्टी (रेगुर मिट्टी) के अंतर्गत आता है, जो कपास की खेती के लिए सर्वोत्तम है। इसलिए उद्योगों को स्थानीय स्तर पर प्रचुर मात्रा में उत्तम कपास मिल जाती है।
2. नम (आर्द्र) जलवायु: तटीय क्षेत्र होने के कारण यहाँ की जलवायु नम रहती है। नम जलवायु में सूती धागा बार-बार टूटता नहीं है, जिससे बुनाई का कार्य कुशलता से होता है। शुष्क भागों में धागा जल्दी टूट जाता है।
3. परिवहन और बंदरगाह की सुविधा: मुंबई और कांडला जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह पास होने के कारण आधुनिक मशीनरी का आयात करना और तैयार सूती कपड़ों को विदेशों में निर्यात करना बहुत आसान और सस्ता पड़ता है।
4. पूंजी और कुशल श्रमिक: यह क्षेत्र भारत का प्रमुख व्यापारिक केंद्र रहा है, जिससे उद्योगों को बड़े बैंकों से पर्याप्त पूंजी मिलती है। साथ ही आस-पास के घने आबादी वाले राज्यों (जैसे यूपी, बिहार, एमपी) से सस्ते और कुशल श्रमिक आसानी से मिल जाते हैं।
प्रश्न 19. भूगोल में आंकड़ों के आलेखी निरूपण (Graphical Representation) के विभिन्न प्रकारों और उनके महत्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: प्रायोगिक भूगोल में जटिल सांख्यिकीय आंकड़ों को सरल और दृश्य रूप में बदलने की प्रक्रिया को आलेखी निरूपण कहते हैं।
प्रमुख प्रकार:
1. दंड आरेख (Bar Diagram): इसमें आंकड़ों को लंबवत या क्षैतिज स्तंभों द्वारा दर्शाया जाता है। यह विभिन्न वर्षों के उत्पादन या देशों की तुलना के लिए सर्वोत्तम है।
2. रेखा ग्राफ (Line Graph): समय के साथ बदलने वाले आंकड़ों (जैसे मासिक तापमान या जनसंख्या वृद्धि दर) को दर्शाने के लिए बिंदुओं को जोड़कर रेखा खींची जाती है।
3. वृत्त आरेख (Pie Chart): इसमें एक वृत्त को 360 डिग्री मानकर आंकड़ों के प्रतिशत के अनुसार भागों में विभाजित किया जाता है। यह भूमि उपयोग या बजट आवंटन दर्शाने के लिए उपयोगी है।
महत्व: आलेखी निरूपण से नीरस आंकड़े भी आकर्षक और तुरंत समझ आने योग्य बन जाते हैं। इससे दो या दो से अधिक भौगोलिक चरों के बीच तुलना करना और भविष्य के रुझानों (Trends) का विश्लेषण करना बहुत आसान हो जाता है।
प्रश्न 20. विकास नियोजन (Development Planning) से क्या तात्पर्य है? भारत में ‘लक्ष्य क्षेत्र विकास नियोजन’ को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: किसी देश या क्षेत्र के उपलब्ध संसाधनों का व्यवस्थित उपयोग करके वहां के आर्थिक और सामाजिक जीवन में सुधार करने की प्रक्रिया को विकास नियोजन (Planning) कहते हैं।
लक्ष्य क्षेत्र विकास नियोजन (Target Area Development Planning):
जब कोई क्षेत्र आर्थिक या प्राकृतिक रूप से बहुत पिछड़ जाता है, तो पूरे देश के लिए एक जैसी योजना बनाने के बजाय उस विशिष्ट पिछड़े क्षेत्र के विकास के लिए विशेष नीतियां बनाई जाती हैं। इसे लक्ष्य क्षेत्र विकास नियोजन कहते हैं।
उदाहरण: भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए विशेष कार्यक्रम जैसे – सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम (DPAP), पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम (HADP), और जनजातीय क्षेत्र विकास योजना (जैसे भरमौर क्षेत्र का विकास)। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विषमता को दूर करना और समाज के सबसे पिछड़े लोगों को विकास की मुख्य धारा में लाना है।
भाग इ: मानचित्र आधारित प्रश्न (Map Work – 4 अंक)
प्रश्न 21. भारत के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थानों को उपयुक्त चिह्नों द्वारा दर्शाइए:
(i) सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य: बिहार (उत्तर भारत के गंगा मैदान में स्थित)
(ii) प्रमुख चाय उत्पादक राज्य/क्षेत्र: असम (उत्तर-पूर्वी भारत की ब्रह्मपुत्र घाटी)
(iii) भारत का सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह: मुंबई (महाराष्ट्र का पश्चिमी तटीय भाग)
(iv) प्रमुख कोयला खनन क्षेत्र: झरिया (झारखंड राज्य में स्थित)
नक्शा भरने के निर्देश: छात्र भारत के राजनीतिक/भौगोलिक मानचित्र पर बिहार राज्य को गहरे रंग से भरें, असम की पहाड़ियों पर शेडिंग करें, महाराष्ट्र के तट पर मुंबई को एक बिंदु से दर्शाएं और झारखंड के क्षेत्र में ‘झरिया’ को त्रिकोण (▲) चिह्न से अंकित करें।
प्रश्न 22. विश्व के रेखा मानचित्र पर निम्नलिखित वैश्विक व्यापारिक और भौगोलिक केंद्रों को अंकित कीजिए:
(i) स्वेज नहर (Suez Canal): मिस्र (भूमध्य सागर और लाल सागर के बीच का संकरा जलमार्ग)
(ii) विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश: भारत (दक्षिण एशिया)
(iii) आदिम निर्वाह कृषि का प्रमुख क्षेत्र: अमेज़न बेसिन (दक्षिण अमेरिका का मध्य भाग)
(iv) एक प्रमुख समुद्री पत्तन (बंदरगाह): सिडनी (ऑस्ट्रेलिया का पूर्वी तट)
नक्शा भरने के निर्देश: विश्व मानचित्र पर अफ्रीका और एशिया के जोड़ पर स्वेज नहर की पतली पट्टी को रेखांकित करें, दक्षिण एशिया में भारत को पूरा शेड करें, दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के अमेज़न घने जंगलों के क्षेत्र को चिह्नित करें और ऑस्ट्रेलिया के निचले पूर्वी कोने पर सिडनी बंदरगाह को बिंदु द्वारा दर्शाएं।
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