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Toggleअर्द्धवार्षिक परीक्षा कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान नोट्स/ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर 2026-27 (MP Board)
🛑 भाग 1: 1 अंक वाले 25 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (उत्तर सहित)
(A) सही विकल्प चुनकर लिखिए (MCQs)
प्रश्न 1. बेल्जियम में किस भाषाई समूह की आबादी सबसे अधिक है?
(अ) फ्रेंच
(ब) डच
(स) जर्मन
(द) अंग्रेजी
उत्तर: (ब) डच (लगभग 59 प्रतिशत)
प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन सा नवीकरणीय योग्य संसाधन है?
(अ) कोयला
(ब) सौर ऊर्जा
(स) पेट्रोलियम
(द) लौह अयस्क
उत्तर: (ब) सौर ऊर्जा
प्रश्न 3. ‘हिंद स्वराज’ पुस्तक के लेखक कौन थे?
(अ) जवाहरलाल नेहरू
(ब) सुभाषचंद्र बोस
(स) महात्मा गांधी
(द) बाल गंगाधर तिलक
उत्तर: (स) महात्मा गांधी
प्रश्न 4. मानव विकास रिपोर्ट (HDR) हर साल कौन सी संस्था जारी करती है?
(अ) विश्व बैंक
(ब) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
(स) UNDP (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम)
(द) WTO
उत्तर: (स) UNDP
प्रश्न 5. स्पिनिंग जेनी मशीन का आविष्कार किसने किया था?
(अ) जेम्स वाट
(ब) जॉन के
(स) जेम्स हारग्रीव्स
(द) रिचर्ड आर्कराइट
उत्तर: (स) जेम्स हारग्रीव्स
(B) रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
प्रश्न 6. श्रीलंका में सन 1956 में …………….. भाषा को एकमात्र राजभाषा घोषित किया गया था।
उत्तर: सिंहली
प्रश्न 7. भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग …………….. प्रतिशत हिस्सा मैदानी क्षेत्र है।
उत्तर: 43
प्रश्न 8. जलियांवाला बाग हत्याकांड …………….. अप्रैल 1919 को हुआ था।
उत्तर: 13
प्रश्न 9. कपास उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त …………….. मिट्टी मानी जाती है।
उत्तर: काली (रेगुर)
प्रश्न 10. प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों की गतिविधियाँ …………….. रूप से एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
उत्तर: परस्पर / आश्रित
(C) सही जोड़ी बनाइए
| कॉलम ‘A’ | कॉलम ‘B’ |
|---|---|
| (1) गुटेनबर्ग | (A) श्रीलंका की राजधानी |
| (2) पेरियार बाघ रिज़र्व | (B) सेवा क्षेत्रक |
| (3) तृतीयक क्षेत्र | (C) प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार |
| (4) कोलंबो | (D) वैश्वीकरण को प्रोत्साहन |
| (5) सूचना प्रौद्योगिकी (IT) | (E) केरल राज्य |
उत्तर (सही मिलान): 1 → (C), 2 → (E), 3 → (B), 4 → (A), 5 → (D)
(D) एक शब्द / वाक्य में उत्तर दीजिए
प्रश्न 16. भारत में करेंसी नोट (सिक्के और नोट) जारी करने का अधिकार किस बैंक के पास है?
उत्तर: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)।
प्रश्न 17. असहयोग-खिलाफत आंदोलन भारत में किस वर्ष शुरू हुआ था?
उत्तर: जनवरी 1921 में।
प्रश्न 18. उस मृदा का नाम बताइए जो अत्यधिक वर्षा और लीचिंग (निक्षालन) वाले क्षेत्रों में बनती है।
उत्तर: लैटेराइट मृदा।
प्रश्न 19. भारत में किस राज्य में साक्षरता दर (Literacy Rate) सबसे अधिक है?
उत्तर: केरल राज्य में।
प्रश्न 20. किन्हीं दो बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के नाम लिखिए जो भारत में काम कर रही हैं।
उत्तर: टाटा मोटर्स, इनफोसिस (या सैमसंग, नाइकी)।
(E) सत्य या असत्य बताइए
प्रश्न 21. भारत का संविधान किसी एक धर्म को राजकीय धर्म के रूप में स्वीकार नहीं करता।
उत्तर: सत्य (भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है)।
प्रश्न 22. वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भारत सरकार ने सन 1972 में वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम लागू किया था।
उत्तर: सत्य
प्रश्न 23. प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोजगारी मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में पाई जाती है।
उत्तर: असत्य (यह कृषि क्षेत्रक में सबसे अधिक पाई जाती है)।
प्रश्न 24. लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में अन्य व्यवस्थाओं की तुलना में टकरावों को टालने का गुण सबसे अच्छा होता है।
उत्तर: सत्य
प्रश्न 25. मुद्रण की सबसे पहली तकनीक चीन, जापान और कोरिया में विकसित हुई थी।
उत्तर: सत्य
🛑 भाग 2: 2 अंक वाले 20 लघूत्तरीय प्रश्न (उत्तर सहित)
प्रश्न 1. सत्ता की साझेदारी (Power Sharing) क्यों आवश्यक है? कोई दो कारण लिखिए।
उत्तर: (1) यह विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच आपसी टकराव और अशांति की आशंका को कम करती है। (2) यह लोकतंत्र की आत्मा है, जिससे नागरिक शासन व्यवस्था से जुड़ते हैं।
प्रश्न 2. गठबंधन सरकार (Coalition Government) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: जब किसी चुनाव में किसी एक राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता, तब दो या दो से अधिक दल मिलकर सरकार का निर्माण करते हैं, उसे गठबंधन सरकार कहते हैं।
प्रश्न 3. सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development) क्या है?
उत्तर: ऐसा विकास जो पर्यावरण को बिना नुकसान पहुँचाए किया जाए और जो वर्तमान की आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों का भी ध्यान रखे।
प्रश्न 4. मरुस्थलीय मृदा (Desert Soil) की कोई दो मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: (1) इस मृदा का रंग लाल और भूरा होता है। (2) इसमें लवण (नमक) की मात्रा अधिक होती है और नमी व ह्यूमस का अभाव होता है।
प्रश्न 5. जैव और अजैव संसाधन किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
– जैव संसाधन: जो जीवमंडल से प्राप्त होते हैं और जिनमें जीवन होता है (जैसे- मनुष्य, वनस्पति)।
– अजैव संसाधन: जो निर्जीव वस्तुओं से बने होते हैं (जैसे- चट्टानें, धातुएँ)।
प्रश्न 6. आरक्षित वन और संरक्षित वन में क्या अंतर है?
उत्तर: आरक्षित वनों में शिकार और लकड़ियाँ काटने पर पूर्ण प्रतिबंध होता है और इन्हें सबसे मूल्यवान माना जाता है। संरक्षित वनों को और अधिक नष्ट होने से बचाने के लिए सरकार द्वारा सुरक्षा दी जाती है।
प्रश्न 7. जैव विविधता (Biodiversity) का मानव जीवन में क्या महत्त्व है?
उत्तर: जैव विविधता मानव के अस्तित्व के लिए आवश्यक है क्योंकि यह पारिस्थितिक तंत्र को संतुलित रखती है और हमें हवा, पानी व भोजन जैसी मूलभूत चीजें प्रदान करती है।
प्रश्न 8. रोपण कृषि की दो मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: (1) यह एक बड़े क्षेत्र पर की जाने वाली एकल व्यावसायिक फसल कृषि है। (2) इसमें भारी पूंजी निवेश और आधुनिक तकनीकों का प्रयोग होता है (जैसे- चाय, कॉफी)।
प्रश्न 9. भारत की दो मुख्य नकदी (व्यावसायिक) फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर: गन्ना, कपास (या जूट और तंबाकू)।
प्रश्न 10. उदारीकरण (Liberalization) से क्या आशय है?
उत्तर: सरकार द्वारा उद्योगों और व्यापार पर से अनावश्यक प्रतिबंधों, लाइसेंसों और नियंत्रणों को हटाने की प्रक्रिया को उदारीकरण कहते हैं।
प्रश्न 11. बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) किसे कहते हैं?
उत्तर: वह कंपनी जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण या स्वामित्व रखती है, उसे बहुराष्ट्रीय कंपनी कहते हैं।
प्रश्न 12. प्रच्छन्न (छिपी हुई) बेरोजगारी की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: जब किसी कार्य में आवश्यकता से अधिक लोग लगे होते हैं और यदि उनमें से कुछ लोगों को हटा भी दिया जाए तो कुल उत्पादन प्रभावित नहीं होता, उसे प्रच्छन्न बेरोजगारी कहते हैं।
प्रश्न 13. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) क्या है?
उत्तर: किसी देश के भीतर एक विशेष वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मौद्रिक मूल्य के योग को सकल घरेलू उत्पाद कहते हैं।
प्रश्न 14. प्राथमिक क्षेत्रक में कौन-कौन सी गतिविधियाँ शामिल हैं?
उत्तर: प्राकृतिक संसाधनों के सीधे उपयोग पर आधारित गतिविधियाँ, जैसे- कृषि, पशुपालन, वानिकी, खनन और डेयरी।
प्रश्न 15. साइमन कमीशन का भारत में विरोध क्यों हुआ था?
उत्तर: साइमन कमीशन में सात सदस्य थे और वे सभी अंग्रेज थे। इसमें एक भी भारतीय सदस्य शामिल नहीं था, इसलिए भारत में इसका पुरजोर विरोध हुआ।
प्रश्न 16. ‘बहिष्कार’ और ‘पिकेटिंग’ शब्दों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
– बहिष्कार: किसी व्यक्ति या संस्था के साथ जुड़ने या उसकी दुकानों से सामान खरीदने से इनकार करना।
– पिकेटिंग: प्रदर्शन का वह रूप जिसमें लोग किसी दुकान या दफ्तर के प्रवेश द्वार को रोककर खड़े हो जाते हैं।
प्रश्न 17. मुद्रण क्रांति के कारण यूरोप में क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: मुद्रण क्रांति के कारण किताबों की कीमत कम हो गई, वे आम जनता तक पहुँचीं, जिससे साक्षरता बढ़ी और समाज में नए विचारों का प्रसार हुआ।
प्रश्न 18. पांडुलिपियाँ (Manuscripts) क्या थीं? इनका उपयोग सीमित क्यों था?
उत्तर: प्राचीन काल में हाथ से लिखी गई पुस्तकों को पांडुलिपियाँ कहते थे। ये बहुत नाजुक, महंगी और पढ़ने में कठिन होती थीं, इसलिए इनका उपयोग सीमित था।
प्रश्न 19. राजनीतिक दल के कोई दो मुख्य कार्य लिखिए।
उत्तर: (1) चुनाव लड़ना और सरकार का गठन करना। (2) जनता के सामने देश की नीतियां और कार्यक्रम रखना।
प्रश्न 20. प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) की गणना का सूत्र लिखिए।
उत्तर: प्रति व्यक्ति आय = देश की कुल राष्ट्रीय आय / देश की कुल जनसंख्या।
🛑 भाग 3: 3 अंक वाले 20 महत्वपूर्ण प्रश्न (उत्तर सहित)
प्रश्न 1. संघवाद (Federalism) क्या है? इसकी कोई तीन मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: संघवाद शासन की वह व्यवस्था है जिसमें सत्ता का विभाजन केंद्रीय प्राधिकार और उसकी विभिन्न प्रांतीय इकाइयों के बीच होता है।
विशेषताएँ:
1. यहाँ सरकार दो या दो से अधिक स्तरों वाली होती है।
2. अलग-अलग स्तर की सरकारें एक ही नागरिक समूह पर शासन करती हैं, पर उनका क्षेत्राधिकार अलग होता है।
3. संविधान के मौलिक प्रावधानों को कोई एक स्तर की सरकार अकेले नहीं बदल सकती।
प्रश्न 2. बांगर और खादर मिट्टी में कोई तीन अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
1. बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी को कहते हैं, जबकि खादर नई जलोढ़ मिट्टी को कहा जाता है।
2. बांगर मिट्टी में कंकड़ और ग्रंथियों की मात्रा अधिक होती है, जबकि खादर मिट्टी बहुत महीन और उपजाऊ होती है।
3. बांगर नदियों के बाढ़ वाले मैदान से दूर ऊँचे क्षेत्रों में पाई जाती है, जबकि खादर तटीय व बाढ़ क्षेत्रों में मिलती है।
प्रश्न 3. भारत में जल संकट के तीन मुख्य कारण क्या हैं?
उत्तर:
1. अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग: कृषि में सिंचाई और घरेलू कार्यों के लिए भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन।
2. बढ़ती जनसंख्या: जनसंख्या वृद्धि के कारण स्वच्छ जल की मांग का तेजी से बढ़ना।
3. औद्योगिक प्रदूषण: कारखानों के रासायनिक कचरे और शहरों की गंदगी को सीधे नदियों में बहा देने से जल का प्रदूषित होना।
प्रश्न 4. भारत में राष्ट्रवाद की भावना जगाने में लोककथाओं और गीतों का क्या योगदान था?
उत्तर: राष्ट्रवाद की भावना विकसित करने में स्थानीय संस्कृति का बड़ा योगदान था। राष्ट्रवादियों ने भाटों और चारणों द्वारा गाई जाने वाली लोककथाओं व गीतों को इकट्ठा किया। उनका मानना था कि ये लोककथाएँ हमारे वास्तविक पारंपरिक चरित्र की रक्षा करती हैं, जो विदेशी शासन के कारण नष्ट हो चुका था। ‘वन्दे मातरम्’ जैसे गीतों ने लोगों में मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने का जज्बा पैदा किया।
प्रश्न 5. राजनीतिक दलों के सामने आने वाली तीन प्रमुख चुनौतियाँ कौन सी हैं?
उत्तर:
1. आंतरिक लोकतंत्र का अभाव: दलों में सारी शक्ति कुछ शीर्ष नेताओं के हाथ में सिमट जाती है, संगठनात्मक चुनाव नियमित नहीं होते।
2. वंशवाद की चुनौती: पार्टी के ऊँचे पदों पर हमेशा एक ही परिवार के लोगों का कब्जा बना रहता है, जिससे योग्य कार्यकर्ता पीछे रह जाते हैं।
3. धन और बाहुबल का बढ़ता प्रभाव: चुनाव जीतने के लिए दल अमीर उम्मीदवारों और अपराधियों को टिकट देने से नहीं हिचकिचाते।
प्रश्न 6. तृतीयक क्षेत्रक (Service Sector) को सेवा क्षेत्रक क्यों कहते हैं? इसके बढ़ते महत्त्व के तीन कारण लिखिए।
उत्तर: यह क्षेत्रक किसी वस्तु का सीधे उत्पादन नहीं करता, बल्कि प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक के विकास में सहायता प्रदान करता है, इसलिए इसे सेवा क्षेत्रक कहते हैं।
महत्त्व के कारण: (1) शिक्षा, चिकित्सा, बैंकिंग और परिवहन जैसी बुनियादी सेवाओं की मांग बढ़ रही है। (2) कृषि और उद्योग के विकास से व्यापार और भंडारण को बढ़ावा मिलता है। (3) सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के आने से नई रोजगार श्रेणियां खुली हैं।
प्रश्न 7. वैश्वीकरण (Globalization) क्या है? इसे बढ़ावा देने वाले तीन कारक लिखिए।
उत्तर: विभिन्न देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर आपसी जुड़ाव और बाजारों के एकीकरण की प्रक्रिया को वैश्वीकरण कहते हैं।
बढ़ावा देने वाले कारक: (1) परिवहन तकनीक में तीव्र विकास, जिससे माल का आना-जाना सुगम हुआ। (2) सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (इंटरनेट) का विस्तार। (3) विदेशी व्यापार और विदेशी निवेश पर से प्रतिबंधों को हटाना (उदारीकरण)।
प्रश्न 8. मुद्रण संस्कृति ने फ्रांसीसी क्रांति के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ कैसे तैयार कीं? तीन तर्क दीजिए।
उत्तर:
1. छपाई के कारण वॉल्तेयर और रूसो जैसे विचारकों के तार्किक विचार जनता तक पहुँचे, जिससे लोगों ने चर्च और राजा के दैवीय अधिकारों पर सवाल उठाने शुरू किए।
2. मुद्रण ने संवाद और वाद-विवाद की एक नई संस्कृति को जन्म दिया, जिससे पुरानी परंपराओं और निरंकुशवाद की आलोचना हुई।
3. व्यंग्य चित्रों और पर्चों के माध्यम से राजा की विलासिता और जनता के दुखों को उजागर किया गया, जिससे राजशाही के प्रति जन-आक्रोश बढ़ा।
प्रश्न 9. वन और वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका स्पष्ट कीजिए। (किन्हीं तीन आंदोलनों/उदाहरणों के साथ)
उत्तर:
1. सरिस्का बाघ रिज़र्व: राजस्थान के गांवों के लोगों ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वहाँ हो रहे खनन कार्य का कड़ा विरोध किया और उसे बंद करवाया।
2. चिपको आंदोलन: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय लोगों ने ठेकेदारों द्वारा पेड़ों को काटने से बचाने के लिए पेड़ों से लिपटकर उनका संरक्षण किया।
3. भैंरोदेव डाकव ‘सेंचुरी’: राजस्थान के अलवर जिले के 5 गांवों के लोगों ने 1200 हेक्टेयर वन भूमि को आरक्षित घोषित कर दिया, जहाँ शिकार पूर्णतः वर्जित है।
प्रश्न 10. चावल की खेती के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर: चावल भारत की मुख्य खाद्यान्न फसल है, जिसके लिए निम्नलिखित दशाएँ चाहिए:
1. तापमान: इसके लिए उच्च तापमान (25°C से अधिक) की आवश्यकता होती है।
2. वर्षा: यह एक जल-प्रधान फसल है, जिसे 100 सेमी से अधिक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सिंचाई के सहारे इसे उगाया जाता है।
3. मृदा: इसके लिए नदियों की उपजाऊ जलोढ़ या चिकनी (चीका) मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है जो पानी को रोक कर रख सके।
प्रश्न 11. विकेंद्रीकरण (Decentralization) क्या है? सन 1992 के पंचायती राज अधिनियम के तीन मुख्य प्रावधान लिखिए।
उत्तर: जब केंद्र और राज्य सरकार से शक्तियाँ लेकर स्थानीय सरकारों (ग्राम पंचायत/नगर पालिका) को दी जाती हैं, तो इसे सत्ता का विकेंद्रीकरण कहते हैं।
1992 के प्रावधान: (1) स्थानीय शासकीय निकायों के चुनाव नियमित रूप से कराना अनिवार्य किया गया। (2) निर्वाचित निकायों के पदों में अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जातियों के लिए सीटें आरक्षित की गईं। (3) कम से कम एक-तिहाई (33%) पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए।
प्रश्न 12. प्रच्छन्न बेरोजगारी और खुली बेरोजगारी में तीन मुख्य अंतर लिखिए।
उत्तर:
1. खुली बेरोजगारी में व्यक्ति के पास कोई काम नहीं होता और वह पूरी तरह बेकार बैठता है, जबकि प्रच्छन्न बेरोजगारी में व्यक्ति काम पर लगा हुआ दिखाई देता है पर उसकी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं होता।
2. खुली बेरोजगारी मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों और शिक्षित युवाओं में दिखती है, जबकि प्रच्छन्न बेरोजगारी ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि क्षेत्र में पाई जाती है।
3. खुली बेरोजगारी को आसानी से देखा जा सकता है, जबकि प्रच्छन्न बेरोजगारी छिपी हुई होती है।
प्रश्न 13. जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर: 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग मैदान में भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। कुछ लोग सरकार की दमनकारी नीतियों (रोलेट एक्ट) का विरोध करने आए थे और कुछ लोग बैसाखी के मेले में शामिल होने आए थे। यह मैदान चारों तरफ से बंद था। शहर में मार्शल लॉ लागू था जिसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं थी। जनरल डायर ने हथियारबंद सैनिकों के साथ मैदान के एकमात्र निकास द्वार को बंद कर दिया और निहत्थी भीड़ पर अंधाधुंध गोलियाँ चलवा दीं, जिससे सैकड़ों लोग मारे गए।
प्रश्न 14. एकात्मक शासन व्यवस्था और संघात्मक शासन व्यवस्था में तीन अंतर लिखिए।
उत्तर:
1. एकात्मक व्यवस्था में शासन का एक ही स्तर होता है और बाकी इकाइयाँ उसके अधीन काम करती हैं, जबकि संघात्मक व्यवस्था में दो या अधिक स्तर की सरकारें होती हैं।
2. एकात्मक में केंद्र सरकार प्रांतीय सरकारों को आदेश दे सकती है, जबकि संघात्मक में केंद्र सरकार राज्य सरकारों को अपनी मर्जी से काम करने से नहीं रोक सकती।
3. एकात्मक व्यवस्था ब्रिटेन और फ्रांस में है, जबकि संघात्मक व्यवस्था भारत, बेल्जियम और अमेरिका में है।
प्रश्न 15. परंपरागत और गैर-परंपरागत ऊर्जा संसाधनों में तीन अंतर लिखिए।
उत्तर:
1. परंपरागत ऊर्जा स्रोत सीमित हैं और लंबे समय से उपयोग हो रहे हैं (जैसे- कोयला, पेट्रोलियम), जबकि गैर-परंपरागत स्रोत असीमित हैं और आधुनिक तकनीकों पर आधारित हैं (जैसे- सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा)।
2. परंपरागत स्रोतों के उपयोग से अत्यधिक पर्यावरण प्रदूषण होता है, जबकि गैर-परंपरागत स्रोत पर्यावरण के अनुकूल और प्रदूषण मुक्त होते हैं।
3. परंपरागत स्रोत एक बार समाप्त होने पर दोबारा तुरंत नहीं बन सकते, जबकि गैर-परंपरागत स्रोत नवीकरणीय होते हैं।
प्रश्न 16. प्राथमिक क्षेत्रक की किन्हीं तीन समस्याओं को लिखिए।
उत्तर: (1) भारतीय कृषि मुख्य रूप से मानसूनी वर्षा पर निर्भर है, जिससे सूखे की स्थिति में फसलें नष्ट हो जाती हैं। (2) इस क्षेत्रक में प्रच्छन्न या छिपी हुई बेरोजगारी बड़े पैमाने पर पाई जाती है। (3) किसानों के पास आधुनिक कृषि उपकरणों, उत्तम बीजों और ऋण (लोन) की सुविधाओं का अभाव है।
प्रश्न 17. विनिर्माण (Manufacturing) किसे कहते हैं? उद्योगों की स्थापना को प्रभावित करने वाले तीन कारक लिखिए।
उत्तर: कच्चे माल को मूल्यवान उत्पादों में बदलकर बड़े पैमाने पर वस्तुओं के उत्पादन की प्रक्रिया को विनिर्माण कहते हैं।
उद्योग स्थापना के कारक: (1) कच्चे माल की आसानी से उपलब्धता। (2) जल, बिजली और कुशल श्रमिकों की निरंतर आपूर्ति। (3) बाजारों से निकटता और परिवहन के अच्छे साधन।
प्रश्न 18. बहुराष्ट्रीय कंपनियां विकासशील देशों में कारखाने स्थापित करते समय किन बातों का ध्यान रखती हैं?
उत्तर: (1) वे ऐसे क्षेत्रों को चुनती हैं जहाँ उन्हें बाजार नजदीक मिले। (2) जहाँ कम लागत पर कुशल और अकुशल दोनों प्रकार के श्रमिक आसानी से मिल सकें। (3) जहाँ सरकारी नीतियां उनके व्यापार और मुनाफे के अनुकूल हों।
प्रश्न 19. सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) असहयोग आंदोलन से किस प्रकार भिन्न था? तीन बिंदु लिखिए।
उत्तर:
1. असहयोग आंदोलन में केवल सरकार का सहयोग न करने की अपील की गई थी, जबकि सविनय अवज्ञा आंदोलन में सहयोग न करने के साथ-साथ औपनिवेशिक कानूनों (जैसे- नमक कानून) को तोड़ने का आह्वान किया गया था।
2. सविनय अवज्ञा आंदोलन में महिलाओं ने बड़े पैमाने पर शराब और विदेशी कपड़ों की दुकानों की पिकेटिंग करके सक्रिय भाग लिया, जो असहयोग में कम था।
3. सविनय अवज्ञा आंदोलन औद्योगिक कामगारों और बड़े व्यावसायिक वर्गों के आर्थिक हितों से अधिक गहराई से जुड़ा था।
प्रश्न 20. औद्योगीकरण के युग में लंदन को ‘फिनिशिंग सेंटर’ (Finishing Centre) क्यों कहा जाता था?
उत्तर: प्रोटो-औद्योगीकरण (औद्योगिक क्रांति से पहले) के दौरान, कपड़ा उत्पादन के विभिन्न चरण (जैसे सूत कातना, बुनना, रंगना) ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग जगहों पर पूरे होते थे। जब कपड़ा पूरी तरह तैयार हो जाता था, तो उसे अंतिम रूप से फिनिशिंग (चमक और पैकिंग) के लिए लंदन भेजा जाता था। लंदन से ही यह कपड़ा अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बिकने जाता था, इसीलिए लंदन को ‘फिनिशिंग सेंटर’ कहा जाने लगा।
🛑 भाग 4: 4 अंक वाले 15 दीर्घ उत्तरीय एवं मानचित्र प्रश्न (उत्तर सहित)
प्रश्न 1. असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement) के कारण, समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी और इसके वापस लिए जाने के कारणों की विस्तृत समीक्षा कीजिए।
उत्तर:
– आंदोलन के कारण: रोलेट एक्ट का दमनकारी कानून, जलियांवाला बाग हत्याकांड और प्रथम विश्व युद्ध के बाद देश में बढ़ी अत्यधिक आर्थिक बदहाली व खिलाफत का मुद्दा इसके मुख्य कारण थे। गांधी जी का मानना था कि भारत में ब्रिटिश शासन भारतीयों के सहयोग से ही चल रहा है, यदि सहयोग वापस ले लिया जाए तो ब्रिटिश सरकार ढह जाएगी।
– विभिन्न वर्गों की भागीदारी: शहरी क्षेत्रों में हजारों छात्रों ने सरकारी स्कूल छोड़ दिए, वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार किया और विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में अवध के किसानों ने जमींदारों के भारी लगान के खिलाफ बाबा रामचंद्र के नेतृत्व में आंदोलन किया। जनजातीय क्षेत्रों (जैसे आंध्र प्रदेश की गुडेम पहाड़ियों) में अल्लूरी सीताराम राजू के नेतृत्व में गुरिल्ला आंदोलन चला।
– वापस लिए जाने का कारण: फरवरी 1922 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान पर शांतिपूर्ण जुलूस के दौरान पुलिस से झड़प हो गई। क्रोधित भीड़ ने थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी जिंदा जल गए। गांधी जी अहिंसा के प्रबल समर्थक थे, आंदोलन को हिंसक होते देख उन्होंने इसे तुरंत वापस ले लिया।
प्रश्न 2. मृदा अपरदन (Soil Erosion) से क्या तात्पर्य है? भारत में मृदा अपरदन के मुख्य कारणों और इसे रोकने के उपायों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर: मृदा के कटाव और उसके बहाव की प्रक्रिया को मृदा अपरदन कहते हैं। प्रकृति और मानवीय क्रियाओं के कारण उपजाऊ मिट्टी की ऊपरी परत नष्ट हो जाती है।
– मृदा अपरदन के मुख्य कारण:
1. मानवीय कारण: वनों की अंधाधुंध कटाई (Deforestation), अत्यधिक पशुचारण और कृषि के दोषपूर्ण तरीके।
2. प्राकृतिक कारण: तेज हवाओं द्वारा रेतीली मिट्टी का उड़ना (पवन अपरदन) और मूसलाधार वर्षा के कारण बहते जल द्वारा गहरी खाइयाँ (अवनलिका अपरदन) बनाना, जैसा चंबल बेसिन में दिखता है।
– मृदा संरक्षण (रोकने) के उपाय:
1. समुच्च रेखीय जुताई (Contour Ploughing): पहाड़ी ढालों पर हल चलाने की दिशा बदलकर पानी के बहाव को धीमा करना।
2. सीढ़ीदार कृषि (Terrace Farming): पर्वतीय क्षेत्रों में सीढ़ियाँ बनाकर खेती करना जिससे मिट्टी का कटाव रुकता है।
3. रक्षक मेखला (Shelter Belts): खेतों के चारों ओर पेड़ों की कतारें लगाना ताकि हवा की गति को कम किया जा सके (रेगिस्तानी क्षेत्रों में उपयोगी)।
4. वृक्षारोपण: खाली पड़ी भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाना, क्योंकि पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधकर रखती हैं।
प्रश्न 3. बेल्जियम और श्रीलंका में जातीय (एथनिक) बनावट की जटिलता और दोनों देशों द्वारा अपनाई गई सत्ता की साझेदारी की नीतियों का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
उत्तर: बेल्जियम और श्रीलंका दोनों देशों में भाषाई और सामाजिक विविधता थी, लेकिन दोनों ने इसे संभालने के लिए बिल्कुल विपरीत रास्ते चुने।
– बेल्जियम की समझदारी: बेल्जियम की आबादी में 59% डच भाषी और 40% फ्रेंच भाषी थे। राजधानी ब्रुसेल्स में 80% फ्रेंच थे। टकराव टालने के लिए बेल्जियम ने 1970 से 1993 के बीच संविधान में 4 संशोधन किए। उन्होंने केंद्र सरकार में डच और फ्रेंच मंत्रियों की संख्या बराबर रखी, राज्य सरकारों को स्वायत्तता दी और राजधानी में एक अलग समान प्रतिनिधित्व वाली सरकार बनाई। इसके अलावा सामुदायिक सरकार (Community Government) का गठन किया। परिणाम यह हुआ कि देश गृहयुद्ध से बच गया।
– श्रीलंका का बहुसंख्यकवाद: श्रीलंका में 74% सिंहली (बौद्ध) और 18% तमिल थे। 1948 में आजादी के बाद सिंहली नेताओं ने अपनी जनसंख्या के बल पर बहुसंख्यकवाद थोप दिया। 1956 के कानून द्वारा सिंहली को एकमात्र राजभाषा बनाया गया, विश्वविद्यालयों और नौकरियों में सिंहलियों को प्राथमिकता दी गई। इससे तमिल समुदाय अलग-थलग पड़ गया। तमिलों के अधिकारों की अनदेखी के कारण देश में भयानक गृहयुद्ध (Civil War) भड़क गया, जिससे आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था पूरी तरह तबाह हो गई।
प्रश्न 4. मुद्रण संस्कृति ने भारत में राष्ट्रवाद, महिला शिक्षा और सामाजिक सुधार आंदोलनों को किस प्रकार प्रभावित किया? विस्तार से समझाइए।
उत्तर: 19वीं सदी में भारत में प्रिंटिंग प्रेस के आने से सामाजिक और राजनैतिक जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आए:
1. राष्ट्रवाद का विकास: राजा राममोहन राय के ‘संवाद कौमुदी’ और बाल गंगाधर तिलक के ‘केसरी’ जैसे समाचार पत्रों ने ब्रिटिश शासन की शोषक नीतियों को उजागर किया। छपी हुई सामग्री ने पूरे देश के राष्ट्रवादियों को एक साझा मंच दिया, जिससे राष्ट्रीय चेतना का तेजी से प्रसार हुआ।
2. सामाजिक सुधार और धार्मिक बहस: सती प्रथा, बाल विवाह और जाति प्रथा जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर बहसें छपने लगीं। रूढ़िवादी विचारों के खिलाफ तार्किक लेखों ने समाज सुधारकों (जैसे ज्योतिबा फुले) की किताबों (जैसे ‘गुलामगिरी’) के माध्यम से दलितों और पिछड़ों के अधिकारों की आवाज उठाई।
3. महिला शिक्षा और चेतना: दकियानूसी विचारों के बावजूद महिलाओं ने चोरी-छिपे पढ़ना सीखा। राससुंदरी देवी ने ‘आमार जीवन’ नाम से अपनी आत्मकथा लिखी। छपी हुई किताबों और पत्रिकाओं ने महिलाओं के अधिकारों, गृहस्थी और शिक्षा पर विशेष लेख छापे, जिससे महिलाओं में सामाजिक जागरूकता आई।
प्रश्न 5. भारतीय अर्थव्यवस्था के तीन क्षेत्रकों (प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक) का सविस्तार वर्णन कीजिए तथा स्पष्ट कीजिए कि सेवा क्षेत्रक अन्य क्षेत्रकों से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर: आर्थिक गतिविधियों को मुख्य रूप से तीन भागों में वर्गीकृत किया जाता है:
1. प्राथमिक क्षेत्रक: जहाँ प्राकृतिक संसाधनों का सीधे उपयोग करके वस्तुओं का उत्पादन किया जाता है। इसे कृषि व सहायक क्षेत्रक भी कहते हैं (जैसे- कपास उगाना, खनन, डेयरी)।
2. द्वितीयक क्षेत्रक: जहाँ प्राथमिक क्षेत्रक से प्राप्त कच्चे माल को विनिर्माण प्रणालियों (कारखानों/उद्योगों) के माध्यम से नए रूपों में बदला जाता है। इसे औद्योगिक क्षेत्रक कहते हैं (जैसे- गन्ने से चीनी बनाना, कपास से कपड़ा बनाना)।
3. तृतीयक क्षेत्रक: यह क्षेत्रक वस्तुओं का उत्पादन नहीं करता, बल्कि प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक की उत्पादन प्रक्रियाओं में सहयोग और सेवाएँ प्रदान करता है। इसे सेवा क्षेत्रक कहते हैं (जैसे- परिवहन, बैंकिंग, संचार, शिक्षा, आईटी)।
– भिन्नता का कारण: प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रक भौतिक वस्तुओं (मूर्त उत्पादों) का निर्माण करते हैं जिन्हें देखा और छुआ जा सकता है। इसके विपरीत, तृतीयक क्षेत्रक अमूर्त सेवाओं का सृजन करता है। परिवहन के बिना कारखाने का माल बाजार तक नहीं पहुँच सकता और बैंक लोन के बिना उद्योग नहीं लग सकते। अतः सेवा क्षेत्रक पूरी अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा के रूप में काम करता है।
प्रश्न 6. वैश्वीकरण (Globalization) के भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़े सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों की सविस्तार विवेचना कीजिए।
उत्तर: वैश्वीकरण ने भारतीय बाजार और समाज को व्यापक रूप से प्रभावित किया है:
– सकारात्मक प्रभाव (लाभ):
1. उपभोक्ताओं को लाभ: शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों की वस्तुएँ (जैसे मोबाइल, गाड़ियाँ, इलेक्ट्रॉनिक्स) कम कीमत और उच्च गुणवत्ता पर मिलने लगी हैं।
2. रोजगार के नए अवसर: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आने से तकनीकी, कॉल सेंटर और सेवा क्षेत्रक में लाखों युवाओं को रोजगार मिला है।
3. भारतीय कंपनियों का विस्तार: टाटा, इन्फोसिस जैसी कई शीर्ष भारतीय कंपनियाँ खुद बहुराष्ट्रीय कंपनियों के रूप में वैश्विक धरातल पर उभरी हैं।
– नकारात्मक प्रभाव (हानियाँ):
1. छोटे उत्पादकों को नुकसान: खिलौने, प्लास्टिक और रेडीमेड कपड़ों के छोटे घरेलू उद्योग बहुराष्ट्रीय कंपनियों और सस्ते विदेशी आयात (जैसे चीनी सामान) के सामने टिक नहीं पाए और बंद हो गए।
2. श्रमिकों की असुरक्षा: प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनियों ने लचीले श्रम कानून अपनाए हैं, जिससे श्रमिकों की नौकरियां अस्थायी हो गई हैं और उन्हें सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं मिलते।
3. असमान विकास: इसका लाभ केवल शहरी अमीर उपभोक्ताओं और कुशल श्रमिकों तक सीमित रहा, ग्रामीण आबादी और किसान इससे दूर रह गए।
प्रश्न 7. लोकतंत्र किस प्रकार एक उत्तरदायी, जिम्मेदार और वैध सरकार का गठन करता है? तर्कों सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर: लोकतांत्रिक व्यवस्था अन्य सभी तानाशाही या राजशाही व्यवस्थाओं से इन तीन पैमानों पर बेहतर सिद्ध होती है:
1. उत्तरदायी सरकार (Accountable Government): लोकतंत्र में नागरिकों को अपने प्रतिनिधि चुनने और सरकार के फैसलों पर नियंत्रण रखने का अधिकार होता है। यदि सरकार जनता की इच्छाओं के अनुरूप काम नहीं करती, तो चुनाव में जनता उसे बदल देती है। सरकार को संसद और जनता के प्रति हर फैसले का जवाब देना होता है।
2. जिम्मेदार सरकार (Responsive Government): लोकतांत्रिक सरकार जनता की जरूरतों, मांगों और सार्वजनिक राय के प्रति संवेदनशील होती है। हालांकि इसमें फैसले लेने में विचार-विमर्श के कारण समय लगता है, लेकिन ये फैसले अधिक स्वीकार्य और प्रभावी होते हैं क्योंकि ये पारदर्शी प्रक्रियाओं (Right to Information) के तहत लिए जाते हैं।
3. वैध सरकार (Legitimate Government): लोकतंत्र में सरकार जनता द्वारा चुनी गई और स्थापित कानूनी नियमों के अनुसार चलती है। यह धीमी या कम कार्यकुशल हो सकती है, लेकिन यह ‘जनता की अपनी सरकार’ होती है। इसी कारण संपूर्ण विश्व में लोकतांत्रिक सरकारों के प्रति भारी जन-समर्थन और वैधता पाई जाती है।
प्रश्न 8. भारत में कृषि क्षेत्र में तकनीकी और संस्थागत सुधारों (Institutional Reforms) का विस्तृत विवरण दीजिए।
उत्तर: स्वतंत्रता के बाद सरकार ने कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की स्थिति सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं:
– संस्थागत सुधार:
1. जोतों की चकबंदी और जमींदारी प्रथा का उन्मूलन: छोटे और बिखरे हुए खेतों को एक साथ मिलाकर चकबंदी की गई और किसानों को शोषण से बचाने के लिए जमींदारी प्रथा खत्म की गई।
2. ग्रामीण बैंकों की स्थापना: किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण देने हेतु सहकारी समितियों और ग्रामीण बैंकों का नेटवर्क बिछाया गया।
3. KCC और PAIS: किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना (PAIS) शुरू की गई।
– तकनीकी सुधार:
1. हरित क्रांति और श्वेत क्रांति: 1960-70 के दशक में एचवाईवी (HYV) बीजों, रासायनिक खादों और आधुनिक सिंचाई तकनीकों के प्रयोग से खाद्यान्न उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि की गई।
2. रेडियो और दूरदर्शन पर मौसम की जानकारी: दूरदर्शन और रेडियो पर किसानों के लिए विशेष कृषि बुलेटिन और मौसम पूर्वानुमान कार्यक्रमों का प्रसारण शुरू किया गया।
3. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए सरकार फसलों के लिए अग्रिम न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करती है।
प्रश्न 9. प्रथम विश्व युद्ध ने भारत में एक नई राजनैतिक और आर्थिक स्थिति किस प्रकार पैदा कर दी थी? विस्तार से समझाइए।
उत्तर: प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) सीधे तौर पर भारत में नहीं लड़ा गया था, लेकिन ब्रिटिश उपनिवेश होने के कारण इसका भारत पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा:
1. भारी रक्षा व्यय और टैक्स वृद्धि: ब्रिटिश सरकार के युद्ध के खर्चे को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने रक्षा बजट बढ़ा दिया। इसकी भरपाई के लिए सीमा शुल्क (Custom Duty) बढ़ाया गया और भारत में पहली बार आयकर (Income Tax) लागू किया गया, जिससे आम जनता पर भारी वित्तीय बोझ पड़ा।
2. कीमतों में बेतहाशा वृद्धि: 1913 से 1918 के बीच युद्ध की जरूरतों के कारण दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें दोगुनी हो गईं, जिससे आम नागरिकों, मजदूरों और मध्यम वर्ग का जीवन अत्यधिक कष्टदायक हो गया।
3. जबरन भर्ती (Forced Recruitment): ब्रिटिश सेना में सैनिकों की कमी को पूरा करने के लिए ग्रामीण इलाकों से युवाओं को जबरन सेना में भर्ती किया गया, जिससे गांवों में भारी जन-आक्रोश फैल गया।
4. फसलें खराब होना और महामारी: इसी दौरान 1918-21 के बीच देश के कई हिस्सों में फसलें खराब हो गईं, जिससे भोजन की भारी कमी (अकाल) हो गई। साथ ही इन्फ्लूएंजा की महामारी फैल गई, जिसमें जनगणना के अनुसार लगभग 120-130 लाख लोग मारे गए। इसी असंतोष की पृष्ठभूमि में गांधी जी ने राष्ट्रीय आंदोलन की कमान संभाली।
प्रश्न 10. औद्योगीकरण के कारण 19वीं सदी के मध्य में बुनकरों के सामने कप्तानी संकट (कपास की कमी) और मैनचेस्टर के धागों की प्रतिस्पर्धा की चुनौतियों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
उत्तर: 19वीं सदी में भारतीय कपड़ा उद्योग और बुनकरों को दोहरी मार झेलनी पड़ी, जिसने उनका जीवन तबाह कर दिया:
1. मैनचेस्टर के कपड़ों से प्रतिस्पर्धा: ब्रिटेन में कपास उद्योगों के विकास के बाद वहाँ के कपड़ा उत्पादकों ने भारत से आने वाले कपड़ों पर आयात शुल्क लगवा दिया ताकि मैनचेस्टर के कपड़े ब्रिटेन में बिक सकें। साथ ही उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी पर दबाव डाला कि वह मैनचेस्टर में मशीनों से बने सस्ते कपड़ों को भारतीय बाजारों में बेचे। मशीनों से बने ये कपड़े इतने सस्ते और फिनिशिंग में अच्छे होते थे कि भारतीय बुनकरों के हाथ से बने महंगे कपड़े उनके सामने टिक नहीं पाए और स्थानीय बाजार सिकुड़ गया।
2. कच्चे कपास का संकट: 1860 के दशक में जब अमेरिका में गृहयुद्ध (American Civil War) भड़क गया, तो ब्रिटेन को अमेरिका से मिलने वाली कच्चे कपास की आपूर्ति बंद हो गई। ब्रिटिश कारखानों को चालू रखने के लिए व्यापारियों ने भारत से कच्चे कपास का बड़े पैमाने पर निर्यात करना शुरू कर दिया। इसके कारण भारत में कच्चे कपास की कीमतें आसमान छूने लगीं। भारतीय बुनकरों को कपड़ा बनाने के लिए महंगी दरों पर भी कच्चा कपास मिलना बंद हो गया, जिससे उनका पुश्तैनी धंधा पूरी तरह बंद होने की कगार पर पहुँच गया।
प्रश्न 11. विकेंद्रीकरण के राजनैतिक लाभों और भारत में स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) की व्यावहारिक कमियों की समीक्षा कीजिए।
उत्तर: स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र को मजबूत करने का एक बेहतरीन माध्यम है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी हैं:
– राजनैतिक लाभ: (1) स्थानीय स्तर की समस्याओं और मुद्दों की समझ स्थानीय लोगों को बेहतर होती है, जिससे उनका समाधान कम खर्चे और जल्दी होता है। (2) यह आम नागरिकों में सीधे नीति-निर्धारण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेने की आदत डालता है। (3) इससे केंद्र और राज्य सरकारों का कार्यभार कम होता है।
– व्यावहारिक कमियाँ: (1) कई राज्यों में स्थानीय निकायों के चुनाव नियमित समय पर नहीं कराए जाते। (2) राज्य सरकारें स्थानीय निकायों (ग्राम पंचायतों) को पर्याप्त वित्तीय संसाधन (फंड) और आवश्यक प्रशासनिक शक्तियाँ हस्तांतरित नहीं करतीं, जिससे वे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो पातीं। (3) कई ग्रामीण क्षेत्रों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पतियों (प्रधान-पति संस्कृति) द्वारा शक्तियों का वास्तविक प्रयोग किया जाता है, जिससे महिला आरक्षण का मूल उद्देश्य प्रभावित होता है।
प्रश्न 12. जैव विविधता के ह्रास (नष्ट होने) के चार मुख्य कारण लिखिए और भारत सरकार द्वारा वनों के वर्गीकरण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
– जैव विविधता के ह्रास के कारण: (1) आवासीय विनाश – सड़कों, बांधों और उद्योगों के निर्माण के लिए जंगलों का काटा जाना। (2) अवैध शिकार (Poaching) – शेर, बाघ, हाथी और गैंडों का उनकी खाल, दांतों और हड्डियों के लिए अवैध शिकार। (3) पर्यावरणीय प्रदूषण – जंगलों में कीटनाशकों का प्रभाव और दावानल (जंगल की आग)। (4) संसाधनों का अति-दोहन – ईंधन और लकड़ियों के लिए वनों पर अत्यधिक निर्भरता।
– भारत सरकार द्वारा वनों का वर्गीकरण: वन विभाग ने वनों को तीन भागों में बांटा है:
1. आरक्षित वन (Reserved Forests): देश के आधे से अधिक वनों को आरक्षित घोषित किया गया है। ये वन्यजीव संरक्षण के लिए सबसे मूल्यवान हैं। यहाँ मानवीय गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध होता है।
2. संरक्षित वन (Protected Forests): कुल वन क्षेत्र का एक-तिहाई हिस्सा इसके अंतर्गत आता है। इन वनों को और अधिक नष्ट होने से बचाने के लिए सुरक्षा दी जाती है। यहाँ नियमों के तहत लकड़ी काटने की सीमित छूट मिलती है।
3. अवर्गीकृत वन (Unclassed Forests): अन्य सभी प्रकार के वन और बंजर भूमि जो सरकार, व्यक्तियों या समुदायों के स्वामित्व में होते हैं। ये मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों में पाए जाते हैं।
प्रश्न 13 (मानचित्र प्रश्न – 4 अंक): भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित ऐतिहासिक स्थलों को दर्शाइए:
(i) जलियांवाला बाग हत्याकांड का स्थान (अमृतसर)
(ii) सविनय अवज्ञा आंदोलन / नमक सत्याग्रह की शुरुआत का स्थान (दांडी)
(iii) असहयोग आंदोलन के हिंसक होने और वापस लिए जाने का स्थान (चौरी-चौरा)
(iv) महात्मा गांधी द्वारा नील की खेती करने वाले किसानों के लिए आंदोलन का स्थान (चंपारण)
उत्तर (मानचित्र गाइडेंस):
(i) अमृतसर: भारत के मानचित्र में उत्तर-पश्चिम दिशा में पंजाब राज्य के ऊपरी हिस्से में पाकिस्तान सीमा के पास दर्शाएँ।
(ii) दांडी: भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात राज्य के समुद्र तटीय निचले हिस्से (नवसारी जिला) में चिह्नित करें।
(iii) चौरी-चौरा: उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य के पूर्वी भाग में गोरखपुर के समीप चिह्नित करें।
(iv) चंपारण: उत्तर-पूर्वी भारत में बिहार राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्से (नेपाल सीमा के पास) में दर्शाएँ।
प्रश्न 14 (मानचित्र प्रश्न – 4 अंक): भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों को अंकित कीजिए:
(i) झरिया कोयला खदान
(ii) तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र
(iii) डिगबोई तेल क्षेत्र
(iv) रानीगंज कोयला क्षेत्र
उत्तर (मानचित्र गाइडेंस):
(i) झरिया: पूर्वी भारत में झारखंड राज्य के धनबाद जिले के पास चिह्नित करें।
(ii) तारापुर: भारत के पश्चिमी तट पर महाराष्ट्र राज्य के मुंबई के उत्तरी तटीय भाग में दर्शाएँ।
(iii) डिगबोई: उत्तर-पूर्वी भारत के असम राज्य के सुदूर उत्तर-पूर्वी कोने पर चिह्नित करें।
(iv) रानीगंज: झारखंड की सीमा से सटे पश्चिम बंगाल राज्य के पश्चिमी भाग में दर्शाएँ।
प्रश्न 15 (मानचित्र प्रश्न – 4 अंक): भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को सही स्थान पर नाम सहित चिह्नित कीजिए:
(i) काली मिट्टी का प्रमुख क्षेत्र (दक्कन ट्रैप)
(ii) थार मरुस्थल (मरुस्थलीय मृदा का क्षेत्र)
(iii) हीराकुंड बांध / महानदी परियोजना
(iv) भाखड़ा नांगल बांध / सतलुज नदी परियोजना
उत्तर (मानचित्र गाइडेंस):
(i) काली मिट्टी का क्षेत्र: भारत के मध्य भाग में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के पश्चिमी भाग और गुजरात के कुछ हिस्सों को कवर करते हुए मध्य दक्कन पठार के क्षेत्र को छायांकित (Shade) करें।
(ii) थार मरुस्थल: भारत के उत्तर-पश्चिम में राजस्थान राज्य के पश्चिमी रेतीले हिस्से को मरुस्थलीय मृदा के रूप में रेखांकित करें।
(iii) हीराकुंड बांध: पूर्वी भारत में ओडिशा राज्य में महानदी के ऊपर मध्य भाग में एक बिंदु द्वारा दर्शाएँ।
(iv) भाखड़ा नांगल बांध: उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर सतलुज नदी के ऊपर ऊपरी भाग में चिह्नित करें।
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