MP BOARD 2026 – व्यवसाय अध्ययन कक्षा 12 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर I वस्तुनिष्ठ प्रश्न आधारित Self टेस्ट सहित

MP BOARD 2026 – व्यवसाय अध्ययन- इस पोस्ट में आप कक्षा 12 व्यवसाय अध्ययन विषय के महत्वपूर्ण प्रश्न, उत्तर सहित पढेंगे . इन प्रश्नों में बहुत से प्रश्न गत वर्षों की वार्षिक परीक्षावों में पूंछे गए हैं .

नोट – वस्तुनिष्ठ प्रश्न आधारित सेल्फ टेस्ट – व्यवसाय अध्ययन कक्षा 12

नोट – अंग्रेजी माध्यम के लिए देखेंhttps://mpboardenglishmedium.com/

  • प्रबंध की दो विशेषताएँ लिखिए।

प्रबंध की दो विशेषताएँ :

  • प्रबंध एक उद्देश्यपूर्ण प्रक्रिया है।
    • प्रबंध सर्वव्यापी है।
    • प्रबंध बहुआयामी है।
    • निरंतर चलने वाली प्रक्रिया।
  • प्रबंध एक कला है। स्पष्ट कीजिए।

प्रबंध एक कला है क्योंकि यह निम्न विशेषताओं को पूरा करता है:

  • प्रबंध के विभिन्न सिद्धांत हैं जिनके आधार पर प्रबंधक व्यवहार, रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति का प्रयोग करता है।
    • प्रबंध, कला का उपयोग उद्यम में दिन-प्रतिदिन अध्यन, अवलोकन के लिए करता है।
    • ज्ञान का उपयोग परिस्थिति अनुसार करता है।
  • उच्च स्तरीय प्रबंध के कोई दो कार्य लिखिए।

उच्चस्तरीय प्रबंध के कार्य :

  • उद्देश्यों का निर्धारण।
    • विभागों में सामंजस्य बनाना।
  • निम्न स्तरीय प्रबंध के कोई दो कार्य लिखिए।

निम्न स्तर प्रबंध-

  • श्रमिकों की कठिनाइयों को दूर करना।
    • श्रमिको की समस्याओं और सुझावों को मध्य स्तरीय प्रबंध तर पहुँचाना।
  • व्यावसायिक पर्यावरण की दो विशेषताएँ लिखिए।

व्यावसायिक पर्यावरण की विशेषताएँ :

  • बाह्य शक्तियों की समग्रता।
    • अनिश्चितता।
    • गतिशील प्रकृति।
    •  
  • प्रौद्योगिकीय पर्यावरण से क्या आशय है?

प्रौद्योगिकीय पर्यावरण में वैज्ञानिक एवं नवीनता से जुड़ी वे शक्तियाँ सम्मिलित हैं जो कि वस्तु के उत्पादन के नए तरीके, नई पद्धतियाँ एवं तकनीक उपलब्ध कराती है।

  • आर्थिक पर्यावरण से क्या आशय है?

आर्थिक पर्यावरण : ब्याज की दर, मूल्य वृद्धि दर, लोगो की व्यय योग्य आय में परिवर्तन, शेयर बाजार सूचकांक एवं रुपये का मूल्य साधारण पर्यावरण के आर्थिक तत्त्व है जो व्यावसायिक उद्यम में प्रबंध के कार्यों को प्रभावित कर सकते है।

  • विधिक पर्यावरण से क्या आशय है?

विधिक पर्यावरण विधिक पर्यावरण में सरकार द्वारा पारित विभिन्न विधेयक, सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश, न्यायालयों के फैसले तथा केन्द्र, राज्य अथवा स्थानीय के प्रत्येक स्तर पर नियुक्त विभिन्न कमीशन एवं एजेंसियो के निर्णय सम्मिलित है।

  • नियोजन की दो विशेषताएँ लिखिए।

नियोजन की विशेषताएँ :

  • नियोजन का केंद्र बिंदु लक्ष्य प्राप्ति होता है।
    • यह प्रबंध का प्राथमिक कार्य है।
    • यह सर्वव्यापी है।
    • यह भविष्यवादी है।
  • नियोजन एक बौद्धिक प्रक्रिया है।’ स्पष्ट कीजिए।

नियोजन बौद्धिक प्रक्रिया है क्योंकि इसमें दूरदर्शिता को साथ लेते हुए मस्तिष्क के अनुप्रयोग की आवश्यकता होती है। साथ ही बुद्धिमत्तापूर्ण कल्पना एवं ठोस निर्णय भी आवश्यक होते हैं।

  • संगठन के कोई दो महत्वों का वर्णन कीजिए।

संगठन का महत्व-

  • विशिष्टीकरण के लाभ।
    • संसाधनों का अनुकूलतम प्रयोग।
    • परिवर्तनों का अनुकूलन।
    • प्रभावी प्रशासन।
  • कार्यात्मक तथा प्रभागीय संगठन ढाँचे में कोई दो अंतर लिखिए।

प्रभागीय संगठन-

  • रचना उत्पादनरेखा पर आधारित
    • उत्पाद विशिष्टीकरण
    • सरल होता है।

कार्यात्मक संगठन –

  • रचना कार्यों पर आधारित

होती है।

(ii) कार्य विशिष्टीकरण

(iii) कठिन होता है।

  • औपचारिक संगठन के दो लाभ लिखिए।

औपचारिक संगठन लाभ-

  • उत्तरदायित्व निर्धारण आसान होता है।
    • भ्रम की स्थिति नहीं बनती।
    • आदेश की एकता बनी रहती है l
  • अनौपचारिक संगठन के दो दोष लिखिए।

अनौपचारिक संगठन के दोष-

  • अफवाहें आसानी से फैलती है।
    • यह सदस्यों को ग्रुप आकांक्षाओं के अनुरूप चलने को बाध्य करता है जो हानिकारक है।
    •  
  • ब्रांडिंग से क्या आशय है?

ब्रांडिंग ब्रांड, नाम, शब्द, चिह्न, प्रतीक या इनका मिश्रण है जिसका प्रयोग विक्रेता, वस्तु एवं सेवाओं की पहचान बनाने के लिए करता है।

  • पैकेजिंग के दो कार्यों का वर्णन कीजिए।

पैकेजिंग के कार्य-

  • उत्पाद की पहचान करना।
    • उत्पाद संरक्षण।
    • उत्पाद प्रवर्तन।
  • उपभोक्ता कौन है?

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत, एक उपभोक्ता वह व्यक्ति होता है जो किसी सामान को खरीदता या सेवाएँ प्राप्त करता है, जिसका भुगतान किया गया है या भुगतान करने का वादा किया गया है या आंशिक रूप से भुगतान किया गया है या आंशिक रूप से भुगतान का वादा किया गया है या किसी योजना के अंतर्गत भुगतान को टाल दिया गया है।

  • उपभोक्ता के दो उत्तरदायित्व लिखिए।

उपभोक्ता के उत्तरदायित्व-

  • बाजार में उपलब्ध विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के बारे में जागरूक रहना।
    • केवल मानकीकृत सामान खरीदना।
    • बिल / कैश मैमो लेना।
  • उपभोक्ता के दो अधिकारों का वर्णन कीजिए।

उपभोक्ता के अधिकार-

  • सुरक्षा का अधिकार।
    • आश्वस्त होने का अधिकार।
    • सुनवाई का अधिकार।
  • उपभोक्ता संरक्षण के दो तरीकों/साधनों का वर्णन कीजिए।

उपभोक्ता संरक्षण के तरीके /साधन :

  • उपभोक्ता संगठन
    • सरकार
    • उपभोक्ता जागरूकता
    • व्यापार संघ
  • व्यवसायिक पर्यावरण के दो महत्व लिखिये।

व्यवसायिक पर्यावरण के दो महत्त्व-

  • व्यवसाय की स्थापना में सहायक
    • अवसरों को पहचानने में सहायक
  • भारत के आर्थिक पर्यावरण को समझाइये।

आर्थिक पर्यावरण-

  • भारत की आर्थिक प्रणाली
    • भारत की आर्थिक नीतियाँ
  • वैश्वीकरण से क्या आशय है ?

वैश्वीकरण औद्योगिक विकास में विदेशी निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करना वैश्वीकरण है।

  • उदारीकरण से क्या आशय है ?

उदारीकरण आर्थिक सुधारों हेतु नयी औद्योगिक नीति की घोषणा की जो लाइसेंस प्रणाली के बंधन से उद्योगों को मुक्त करना चाहती थी।

  • नियोजन के कोई दो लक्षण लिखिये।

नियोजन के दो लक्षण-

  • सरलता
    • स्पष्ट उद्देश्य
  • नियोजन के दो उद्देश्य लिखिये।

नियोजन के दो उद्देश्य-

  • विशिष्ट दिशा प्रदान करना
    • क्रियाओं में एकता पैदा करना
  • संगठन संरचना के कोई दो तत्व लिखिये।

संगठन संरचना के दो तत्त्व-

  • कार्य की रूपरेखा
    • विभागीयकरण
  • क्रियात्मक संगठन के कोई दो लाभ लिखिये।

क्रियात्मक संगठन के दो लाभ-

  • विशिष्टीकरण के लिये उपयुक्त
    • प्रभावपूर्ण नियंत्रण
  • विभागीय संगठन संरचना को समझाइये।

सम्पूर्ण उपक्रम को छोटी-छोटी प्रशासनिक इकाइयों में विभाजित कर दिया जाता है उसे विभागीय संगठन कहते हैं।

  • औपचारिक संगठन को समझाइये।

औपचारिक संगठन में कर्मचारियों के मध्य संबंध पूर्व परिभाषित कर दिये जाते हैं। इसमें कर्मचारियों का कर्तव्य व अधिकारों एवं संबंधों को स्पष्ट कर दिया जाता है।

  • भर्ती के आन्तरिक स्रोतों को लिखिये।

भर्ती के दो आन्तरिक स्त्रोत

  • कर्मचारियों की पदोन्नति
    • कर्मचारियों का स्थानान्तरण
  • प्रशिक्षण की विशेषताएँ बताइये।

प्रशिक्षण की दो विशेषताएँ –

  • कर्मचारियों का विकास
    • कौशल विकास
  • चयन प्रक्रिया के कोई दो बिन्दु लिखिये।

चयन प्रक्रिया के दो बिन्दु –

  • आवेदन पत्रों की प्राप्ति
    • प्रारम्भिक साक्षात्कार
  • प्रशिक्षण व विकास में अन्तर लिखिये।

प्रशिक्षण व विकास में अन्तर-

प्रशिक्षण – ज्ञान योग्यता एवं निपुणता में वृद्धि।

विकास- नियोजन एवं संगठित रूप में संगठन के सभी स्तरों पर कर्मचारियों की उन्नति करना।

  • विपणन किसका किया जा सकता है?

प्रत्येक उस चीज का विपणन किया जा सकता है जिसका दूसरे के लिये कुछ मूल्य हो।

  • विपणन से क्या आशय है? लिखिये।

उत्पादक से उपभोक्ता तक वस्तु पहुँचाने में जो विभिन्न क्रियाएँ करनी पड़ती हैं उन्हें विपणन कार्य व विपणन कहते है।

  • उपभोक्ता संरक्षण नियम क्यों लागू किया गया ?

उपभोक्ता के हितों की प्रभावी सुरक्षा एवं उनको शोषण के विरुद्ध सहज रूप से सस्ती न्याय 2 व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से सन् 1986 में भारतीय संसद द्वारा यह अधिनियम पारित किया गया।

  • उपभोक्ता संरक्षण का महत्व कोई दो बिन्दुओं में लिखिये।

उपभोक्ता संरक्षण के दो महत्त्व-

  • अधिकतम संतुष्टी
    • मुआवजा पाना
  • उपभोक्ता के कोई दो अधिकार लिखिये।

उपभोक्ता के दो अधिकार –

  • चयन की स्वतंत्रता
    • मानक वस्तु
  • उपभोक्ता की कोई दो समस्याएँ लिखिये।
  • उपभोक्ता की दो समस्याएँ-
    • मिलावट की समस्या
    • घटिया माल की समस्या
  • एक अच्छे नेता के गुण लिखिए।

एक अच्छे नेता के गुण :

(i) ओजस्वी, धैर्य, सहनशीलता, निर्णय लेने की क्षमता।

(ii) साहसी, ज्ञान, सत्यनिष्ठा।

(iii) आत्मविश्वास, अच्छा संप्रेषण कौशल।

  • अभिप्रेरणा का महत्व लिखिए।

अभिप्रेरणा का महत्त्व-

(i) अभिप्रेरण कर्मचारियों के निष्पादन स्तर का सुधार करती है।

(ii) यह कर्मचारी को कार्य निष्पादन के लिए प्रेरित करती है।

(iii) योग्यताओं का विकास करती है।

  • नियंत्रण की कोई तीन सीमाएँ लिखिये।

नियंत्रण की सीमाएँ :

(i) मानको के निर्धारण में कठिनाई।

(ii) बाह्य घटकों पर कम नियंत्रण।

(iii) कर्मचारियों से प्रतिरोध।

(iv) महँगा।

  • नियोजन व नियंत्रण अपृथक्कीय हैं।’ स्पष्ट कीजिए।

नियोजन एवं नियंत्रण परस्पर संबंधित हैं।

यदि नियोजन संक्रियात्मक हो जाता है तो नियंत्रण के लिए यह आवश्यक है कि वह प्रगति का विश्लेषण करे। यदि विचलन है तो सुधार भी करें। इस प्रकार नियोजन बिना नियंत्रण अर्थहीन है उसी प्रकार नियंत्रण बिना नियोजन दृष्टिहीन है।

  • वित्तीय प्रबंध के तीन उद्देश्य लिखिए।

वित्तीय प्रबंध के उद्देश्य :

(i) निधियों की आवश्यकतानुसार उपलब्धता।

(ii) यह देखना की संसाधनो में अनावश्यक वृद्धि तो नहीं है।

(iii) निधियों का आवश्यकतानुसार आवंटन।

(iv) कम मूल्य पर निधि उपलब्ध कराना।

  • स्थाई पूंजी की आवश्यकता को प्रभावित करने वाले तीन घटक लिखिए।

स्थाई पूंजी की आवश्यकता प्रभावित करने वाले घटक

(i) व्यवसाय की प्रकृति।

(ii) संक्रिया का मापदंड।

(iii) तकनीक का विकल्प।

(iv) तकनीकी उत्थान।

(v) विकास प्रत्याशा।

  • सेबी (SEBI) के तीन कार्य लिखिए।

SEBI के कार्य-

(1) प्रतिभूति बाजार का नियंत्रण।

(ii) दलालों पर नियंत्रण।

(iii) शेयरों के भीतरी व्यापार पर रोक।

(iv) निवेशकों को शिक्षित करना।

(v) मध्यस्थों को प्रशिक्षण।

  • प्राथमिक एवं द्वितीयक बाज़ार में कोई तीन अंतर लिखिए।

प्राथमिक बाजार-

(i) केवल नई प्रतिभूतियों का विक्रय

( ii) कंपनी सीधे नियोजक को प्रतिभूति का विक्रय करती है।

(iii) स्थान निश्चित नहीं होता।

द्वितीयक बाजार

(i) पुरानी प्रतिभूतियों का क्रय तथा विक्रय।

(ii) निवेशकों के बीच में प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय।

(iii) स्थान निश्चित होता हैl

  • औपचारिक एवं अनौपचारिक संगठन में कोई तीन अन्तर लिखिये।

औपचारिक व अनौपचारिक संगठन में अन्तर (कोई तीन)

(1) आशय

(2) स्थापना

(3) स्थिरता

(4) प्रवाह

(5) उद्देश्य

(6) उत्पत्ति (कोई 3)

  • अधिकार व उत्तरदायित्व में कोई तीन अन्तर लिखिये।

अधिकार एवं उत्तरदायित्व में अन्तर-

(1) आशय

(2) प्रवाह

(3) उत्पत्ति

  • निर्देशन के कोई तीन सिद्धांत लिखिये।

निर्देशन के तीन सिद्धांत लिखिये-

(1) उद्देश्य के सामंजस्य का सिद्धांत

(2) आदेश की एकता का सिद्धांत

(3) अधिकतम व्यक्तिगत योगदान का सिद्धांत

(4) उपयुक्त निर्देशन तकनीकी का सिद्धांत

  • अभिप्रेरणा की आवश्यकता के तीन बिन्दु लिखिये।

अभिप्रेरणा की आवश्यकता (कोई 3)

(1) कार्य के प्रति रूचि उत्पन्न होना

(2) उत्पादन वृत्ति

(3) मनोबल बढ़ाना

(4) निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति

  • नियंत्रण प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का उल्लेख कीजिये।

नियंत्रण की तीन प्रक्रिया के सोपान-

(1) प्रमापों का निर्धारण

(2) वास्तविक प्रगति का मापन

(3) वास्तविक प्रगति की प्रमापों से तुलना

(4) विचलनों का विश्लेषण

(5) सुधारात्मक कार्यवाही करना

  • नियंत्रण की कोई तीन सीमाएँ बताइये।

नियंत्रण की तीन सीमाएँ-

(1) गुणात्मक प्रमाप निर्धारण में कठिनाई

(2) बाहरी शक्तियों पर नियंत्रण

(3) कर्मचारियों द्वारा विरोध

(4) खर्चीली प्रक्रिया

  • लेबलिंग से क्या आशय है? उसके कार्य लिखिए।

लेबलिंग लेबलिंग सूचना देने वाला एक तत्त्व है जिसके निम्न कार्य है-

(1) वस्तु की पहचान का कार्य

(2) वस्तु की किस्म व पृथक वर्गीकरण

(3) सजावटी लेवल से ग्राहक को आकर्षित करती है।

  • विज्ञापन से उत्पादकों को क्या लाभ होते हैं?

विज्ञापन से उत्पादकों को लाभ-

(1) जनता को वस्तुओं के संबंध में जानकारी

(2) जन विश्वास में वृद्धि

(3) उत्पादन लागत में कमी

(4) मांग का निर्माण

  • विज्ञापन तथा वैयक्तिक विक्रय में अंतर लिखिए।

विज्ञापन-

(i) यह संदेशवाहन का अवैयक्तिक रूप है।

(ii) प्रति व्यक्ति व्यय कम।

(iii) विज्ञापन को बाजार तक पहुँचने में कम समय।

(iv) जनसाधारण तक पहुँच होती है।

वैयक्तिक विक्रय-

(i) यह संदेशवाहन का व्यक्तिगत रूप है।

(ii) प्रति व्यक्ति व्यय बहुत ज्यादा।

(iii) पूरे बाजार के लिए बहुत अधिक समय लगता है।

(iv) सीमित लोगों तक पहुँच होती है।

  • विज्ञापन के चार लाभ लिखिए।

विज्ञापन के लाभ-

(i) बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँच ।

(ii) ग्राहक संतुष्टि एवं विश्वास वृद्धि।

(iii) स्पष्टता।

(iv) मितव्ययता।

(v) प्रभावशाली।

  • भर्ती के किन्हीं चार बाह्य स्रोतों का वर्णन कीजिए।

भर्ती के बाह्य स्रोत –

(i) प्रत्यक्ष भर्ती।

(ii) प्रतीक्षा सूची।

(iii) रोजगार कार्यालय।

(iv) स्थापन ऐजेंसी।

(v) ठेकेदार, महाविद्यालय/विश्वविद्यालय से भर्ती।

  • भर्ती के आंतरिक स्रोतों की चार कमियाँ लिखिए।

आंतरिक स्रोतों के दोष :

(i) नई प्रतिभाओं को अवसर नहीं।

(ii) कर्मचारी अकर्मण्य हो सकते हैं।

(iii) कर्मचारियों के मध्य प्रतियोगिता में बाधा।

(iv) नई संस्था आंतरिक स्त्रोतों का प्रयोग नहीं कर सकती।

  • नियोजन की सीमाएँ लिखिए।

नियोजन की सीमाएँ-

(i) परिवर्तनशील वातावरण में उपयोगी नहीं।

(ii)रचनात्मकता को कम करता है।

(iii) लागत ज्यादा आती है।

(iv) समय नष्ट होता है।

(v) सफलता का आश्वासन नहीं है।

  • नियोजन प्रक्रिया के चरण लिखिए।

नियोजन प्रक्रिया के चरण:

(i) उद्देश्यों का निर्धारण।

(ii) विकासशील आधार।

(iii) विकल्पों की पहचान।

(iv) विकल्पों का मूल्यांकन।

(v) विकल्प का चुनाव।

(vi) योजना को लागु करना।

(vii) अनुवर्तन।

  • फैयॉल द्वारा प्रतिपादित प्रबंध के कोई चार सिद्धान्तों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

फेयॉल के सिद्धांत :

(i) कार्य विभाजन।

(ii) अधिकार एवं उत्तरदायित्व ।

(iii) अनुशासन।

(iv) आदेश की एकता।

(v) निर्देश की एकता।

(vi) सोपान श्रृंखला।

  • प्रबंध के सिद्धान्तों का महत्व लिखिए। (कोई चार)

प्रबंध के सिद्धान्तों का महत्त्व :

(i) प्रबंधको को वास्तविक उपयोगी ज्ञान प्रदान करना।

(ii) संसाधनों का अधिकतम उपयोग एवं प्रभावी प्रशासन।

(iii) वैज्ञानिक निर्णय।

(iv) सामाजिक उत्तरदायित्वों को पूरा करना।

  • प्रबंध के प्रमुख कार्य लिखिये।

प्रबंध के प्रमुख कार्य

(1) नियोजन

(2) संगठन

(3) नियुक्तिकरण

(4) निर्देशन

(5) नियंत्रण

  • प्रबंध कला है या विज्ञान ? स्पष्ट कीजिये।

प्रबंध कला व विज्ञान दोनों है –  कला इसलिये क्योंकि वांछित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिये ज्ञान व कुशलता का प्रयोग किया जाता है।

विज्ञान इसलिये क्योंकि अध्ययनो तथा प्रयोगों से ज्ञान प्राप्त करता है।

  • टेलर व फेयोल के सिद्धांतों में क्या समानताएँ हैं? (कोई चार)

टेलर व फेयोल के सिद्धांत की समानताएँ-

(1) दोषों का निवारण

(2) मानवीय व्यवहार

(3) सामाजिक विज्ञान

(4) मानवीय व्यवहार

  • फेयोल द्वारा प्रतिपादित कोई चार सिद्धांतों लिखिये।

फेयोल द्वारा प्रतिपादित 4 सिद्धांत-

(1) कार्य विभाजन

(2) अधिकार एवं दायित्व

(3) अनुशासन

(4) आदेश की एकता

  • एक श्रेष्ठ नियोजन के आवश्यक तत्वों को लिखिये।

एक श्रेष्ठ नियोजन के आवश्यक तत्त्वों –

(1) सरलता

(2) स्पष्ट उद्देश्य

(3) मितव्ययी

(4) लोचपूर्ण

(5) लक्ष्यों के अनुरूप

(6) संतुलित

(कोई चार)

  • नियोजन की प्रक्रिया के चार बिन्दु लिखिये।

नियोजन की प्रक्रिया के चार बिन्दु –

(1) लक्ष्यों व उद्देश्यों को निर्धारित करना

(2) सीमाएँ निर्धारित करना

(3) विभिन्न विकल्पों का निर्धारण

(4) क्रियाओं का चयन

  • वित्तीय नियोजन के चार महत्व लिखिये।

वित्तीय नियोजन के चार महत्व-

(1) व्यवसाय का सफल प्रवर्तन

(2) व्यवसाय का कुशल संचालन

(3) पूँजी साधनों में उचित समन्वय

(4) व्यवसाय में पर्याप्त तरलता

  • स्थिर पूँजी तथा कार्यशील पूँजी में अन्तर लिखिये।

स्थिर पूँजी व कार्यशील पूँजी में अन्तर

आधार                         स्थायी पूँजी                                     कार्यशील पूंजी

(1) अर्थ            स्थायी संपत्तियाँ स्थायी          चालू संपत्तिया चालू या कार्यशील पूँजी है

पूँजी है        

(2) स्थिरता    यह स्थिर रहती है                     यह परिवर्तित होती रहती है

(3) अवधि         यह लम्बे समय तक               यह अल्पकाल तक रहती है

रहती है

(4) उपलब्धता  दैनिक कार्य हेतु उपलब्ध      यह दैनिक कार्य हेतु उपलब्ध रहती है।

                           नहीं रहती।  

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