MP BOARD 2026 हिंदी कक्षा 12 – वार्षिक परीक्षा 2026 हेतु इस पोस्ट में कक्षा 12 हिंदी की दो विषयवस्तु को दिया गया है –
i. महत्वपूर्ण प्रश्न -उत्तर
ii वस्तुनिष्ठ प्रश्न आधारित सेल्फ टेस्ट

MP BOARD 2026 हिंदी कक्षा 12 महत्वपूर्ण प्रश्न -उत्तर
इन प्रश्नों में गत वर्षों की परीक्षावों में पूंछे गए प्रश्नों को उत्तर सहित प्रस्तुत किया गया है
प्रश्न – बच्चे किस आशा में नीड़ों में झांक रहे होंगे ?
उत्तर – बच्चे चिड़िया के आने की आशा में नीड़ों में झांक रहे होंगे I उन्हें यह प्रत्याशा होगी की चिड़िया उनके लिए दाने लेकर लौट रही होगीI
प्रश्न- भाषा को सहूलियत से बरतने का क्या अर्थ है लिखिए
उत्तर – भाषा को सहूलियत से बरतने का आशय है की भाषा केवल अपनी बात संप्रेषण का माध्यम है अतः भाषा का प्रयोग इस प्रकार होना चाहिए कि हमारी बात श्रोता तक स्पष्ट रूप से पहुंच जाए
प्रश्न -छायावाद की परिभाषा लिखते हुए किन्हीं दो विशेषताओं को लिखिए
उत्तर – छायावाद की परिभाषा- “स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह छायावाद हैI”
विशेषताएं
1 प्रकृति का मानवीकरण
2 व्यक्तिवाद की प्रधानता
प्रश्न- प्रयोगवाद के प्रवर्तक का नाम लिखते हुए दो विशेषताएं लिखिए
उत्तर – प्रयोगवाद के प्रवर्तक का नाम- सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय है
विशेषताएं
1 नवीन उपमान का प्रयोग
2 अहं की प्रधानता
प्रश्न- किन्हीं दो महाकाव्य के नाम उनके रचनाकारों के साथ लिखिए
उत्तर – महाकाव्य रचनाकार
1 रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास
2 कामायनी जयशंकर प्रसाद
प्रश्न- खंडकाव्य और महाकाव्य में दो अंतर लिखिए
उत्तर – खंडकाव्य महाकाव्य
1. खंडकाव्य में नायक के किसी 1 महाकाव्य में नायक के जीवन का संपूर्ण चित्रण होता है
एक पक्ष का चित्रण होता है
2 इसमें एक ही छंद का प्रयोग होता है 2. इसमें अनेक दण्डों का प्रयोग होता है
प्रश्न- सोरठा छंद का लक्षण उदाहरण सहित लिखिए
उत्तर – सोरठा
दोहे को उलट देने से सोरठा बन जाता है पहले और तीसरे चरण में 1111 मात्राएं तथा दूसरे और चौथे चरण में तेरा तेरा मात्राएं होती हैं इसके चार चरण होते हैं
उदाहरण
बंदऊँ अवध भुसावल सत्य प्रेम जेहिं यही राम पद
बिरुहत दीनदयाल प्रियतन त्रण रूव परिहरेऊ
प्रश्न-वीर रस की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए
उत्तर – परिभाषा
साहित्य की हृदय में स्थित शाहनामा के स्थाई भाव का विभाव अनुभव और संचारी भाव से सहयोग हो जाता है तब वहां वीर रस होता है
उदाहरण
हे सारथे
प्रश्न- भक्तिन के आ जाने से महादेवी वर्मा अधिक देहाती कैसे हो गई लिखिए
उत्तर – महादेवी के पास रहकर भी भक्तिन वहां के शहरी तौर तरीके में नहीं ढल पाई उन्हें उसका स्वभाव ऐसा था कि वह दूसरों को अपने मन के अनुसार बना लेना चाहती थी I इसी कारण महादेवी भक्तिन के आ जाने से अधिक देहाती हो गई
प्रश्न- मनुष्यों की क्षमता किन तीन बातों पर निर्भर करती है लिखिए
उत्तर – मनुष्यों की क्षमता निम्नलिखित तीन बातों पर निर्भर करती है
i शारीरिक वंश परंपरा
ii सामाजिक उत्तराधिकार
iii मनुष्य के अपने प्रयत्न
प्रश्न- कहानी और उपन्यास में कोई दो अंतर लिखिए
उत्तर – कहानी
1 कहानी में एक ही कथानक होता है एवं आकार छोटा होता है
2 कहानी वह कथात्मक लघु गद्य रचना है जिसमें जीवन की किसी एक स्थिति का सरस चित्रण होता है
उपन्यास
1 उपन्यास में एक मूल कथानक के साथ साथ अन्य छोटी छोटी कथा होती है जो मूल कथानक से जुड़ी होती है
2 इसका आकार बड़ा होता है
प्रश्न- आत्मकथा और जीवनी में कोई दो अंतर लिखिए
उत्तर – जीवनी
1 जीवनी किसी महापुरुष के जीवन पर आधारित होती है
2 जीवनी सत्य घटनाओं पर आधारित होती है
आत्मकथा
1 आत्मकथा में लेखक अपनी कथा कहता है
2 आत्मकथा काल्पनिक भी हो सकती है
प्रश्न- निपात शब्द का अर्थ बताते हुए कोई दो निपात शब्द लिखिए
उत्तर – शब्दों के अर्थ पर बल देने के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है वह निपात शब्द कहलाते हैं
निपात शब्द के उदाहरण
i ही
ii भी
iii तो
प्रश्न- राष्ट्रभाषा की किन्हीं दो विशेषताओं को लिखिए
उत्तर – राष्ट्रभाषा की विशेषताएं
1 जब किसी भाषा को समस्त राष्ट्र की भाषा मान लिया जाता है तब वह राष्ट्रभाषा कहलाती है
2 राष्ट्रभाषा भाषा का वह व्यापक रूप है जिसका व्यवहार समस्त राष्ट्र में होता है
प्रश्न – निम्नलिखित वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए
i राम ने अयोध्या आ जाना
उत्तर – राम अयोध्या आ जाना
ii ललिता एक फूलों की माला बाजार से लाई
उत्तर – ललिता बाजार से फूलों की एक माला लाई
प्रश्न -निर्देशानुसार वाक्य परिवर्तन कीजिए
i बालक रो रो कर चुप हो गया संयुक्त वाक्य में बदलिए
उत्तर – बालक रोता रहा और चुप हो गया
ii मयूर वन में नाचता है संदेह वाचक वाक्य में बदलिए
उत्तर – शायद मयूर वन में नाचता होगा
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प्रश्न – मोहनजोदड़ो की नगर नियोजन की दो विशेषताएं लिखिए
उत्तर – i नगर में व्यवस्थित सड़क और गालियां थी
ii घर सड़कों के दोनों और बने थे
iii जल निकासी के लिए ढकी हुई नालियां बनाई गई थी
प्रश्न – सिल्वर वेडिंग की भव्य पार्टी यशोधर बाबू को समहाउ इंप्रोपर लगने के बाद भी संतोषजनक रही लिखिए
उत्तर –

प्रश्न – समाचार लेखन की सबसे लोकप्रिय शैली कौन सी है नाम लिखकर चित्र बनाइए
उत्तर –

प्रश्न- मुद्रित माध्यमों में लेखन के लिए ध्यान रखने योग्य किन्हीं दो बातों को लिखिए
उत्तर –

प्रश्न- रघुवीर सहाय अथवा फिराक गोरखपुरी का काव्यगत परिचय निम्न बिंदुओं के आधार पर लिखिए
i दो रचनाएं ii भाव पक्ष कला पक्ष iii साहित्य में स्थान
उत्तर –

अथवा

प्रश्न- महादेवी वर्मा अथवा हजारी प्रसाद द्विवेदी का साहित्यिक परिचय निम्न बिंदुओं के आधार पर लिखिए
i दो रचनाएं ii भाषा शैली iii साहित्य में स्थान
उत्तर –

अथवा

प्रश्न- भाव विस्तार कीजिए
“मन के हारे हार है मन के जीते जीत “
उत्तर –

प्रश्न मुहावरा और लोकोक्ति में अंतर लिखिए
उत्तर –

प्रश्न- निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए

i प्रश्न उपर्युक्त पद्यांश का शीर्षक लिखिए
ii भारत वासियों की क्या विशेषताएं है
iii हम अपने देश पर क्या न्योछावर कर सकते हैं
उत्तर –

प्रश्न- निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए

प्रश्न- i उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए
ii राष्ट्रीय भावना में किसका विशिष्ट स्थान है
iii सुदीर्घ शब्द का अर्थ लिखिए
उत्तर –

प्रश्न- निम्नलिखित पद्यांश की संदर्भ प्रसंग एवं विशेष सहित व्याख्या लिखिए
उत्तर –

प्रश्न- निम्नलिखित गद्यांश की व्याख्या संदर्भ प्रसंग एवं विशेष सहित लिखिए
यह सीरीज एक अद्भुत अवधूत है दुख हो या सुख हो वह हार नहीं मानता उधो का लेना ना माधव का देना जब धरती और आसमान जलते रहते हैं तब भी यह हजरत ना जाने कहां से अपना रस खींचते रहते हैं मौज में आठों यह मस्त रहते हैं
उत्तर –

अथवा
इस दंड विधान के भीतर कोई ऐसी धारा नहीं थी जिसके अनुसार खोटे सिक्कों की टकसाल जैसी पत्नी से पति को व्रत किया जा सकता सारी चुगली जमाई की परिणीति उसकी पत्नी प्रेम को बढ़ाकर ही होती थी जेठाणिया बात बात पर दम दम पॉइंट कुटी जाती उसे कभी उंगली भी नहीं छुआई वह बड़े बाप की बड़ी बात वाली बेटी को पहचानता था
उत्तर –

प्रश्न – नगर निगम की निगम आयुक्त को नियमित जल आपूर्ति करवाने हेतु आवेदन पत्र लिखिए
उत्तर –

प्रश्न- अपने बड़े भाई की शादी में आने के लिए अपने मित्र को आमंत्रण पत्र लिखिए
उत्तर –

प्रश्न- निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर रूपरेखा सहित निबंध लिखिए
i राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका
ii कंप्यूटर का हमारे जीवन में महत्व
iii अंतरिक्ष की ओर भारत के बढ़ते कदम
iv विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व
v तड़का बढ़ता प्रभाव
उत्तर – स्वयं की तैयारी अनुसार
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MP BOARD 2026 हिंदी कक्षा 12 महत्वपूर्ण प्रश्न -उत्तर
1 निम्नलिखित वाक्यों के लिए सही विकल्प का चयन कर लिखिए:
(i) ‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है’ गीत हरिवंशराय बच्चन के काव्य-संग्रह से लिया गया है
(अ) निशा निमंत्रण
(ब) एकांत संगीत
(स) सतरंगिणी
(द) मधुशाला
उत्तर (i) – (अ) निशा निमंत्रण
(ii) करुणा के मुखौटे में छिपी क्रूरता की कविता है
(अ) कविता के बहाने
(ब) कैमरे में बंद अपाहिज
(स) बात सीधी थी पर
(द) एक गीत
उत्तर (ii)- (ब) कैमरे में बंद अपाहिज
(iii) अर्थ के आधार पर वाक्य के प्रकार होते हैं
(अ) आठ
(स) सात
(ब) तीन
(द) नौ
उत्तर (iii)- (अ) आठ
(iv) ‘कल मैं भी आपके साथ चलूंगा।’ वाक्य में निपात शब्द है-
(अ) कल
(ब) आपके
(स) भी
(द) मैं
उत्तर (iv) – (स) भी
(v) ‘उषा’ कविता के अनुसार प्रातःकालीन आकाश लग रहा है
(अ) काले बादलों जैसा
(ब) घोड़े जैसा
(स) पतंग जैसा
(द) नीले शंख जैसा
उत्तर (v) – (द) नीले शंख जैसा
(vi) ‘काले मेघा पानी दे’ पाट की विधा है
(अ) संस्मरण
(ब) रेखाचित्र
(स) रिपोर्ताज
(द) निबंध
उत्तर (vi) – (अ) संस्मरण
वस्तुनिष्ठ प्रश्न आधारित सेल्फ टेस्ट
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति उचित शब्द का चयन कर कीजिए:
(i) ‘रामचरित मानस’ महाकाव्य की भाषा है।
(ब्रज / अवधि)
उत्तर (i) – अवधि
(ii) सम्पादकीय को आवाज माना जाता है।
(अखबार की / आम जनता की)
उत्तर (ii) – अखबार
(iii) दुनिया की सबसे हल्की और रंगीन चीज है।
(पतंग / स्वप्न)
उत्तर (iii) – पतंग
(iv) ‘भक्तिन’ पाठ महादेवी वर्मा की में संकलित है।
(अतीत के चलचित्र / स्मृति की रेखाएँ)
उत्तर (iv) – स्मृति की रेखाएं
(v) स्थायी भाव को जाग्रत करने वाले कारण को कहते हैं।
(आलम्बन / उद्दीपन)
उत्तर (v) – आलम्बन
(vi) लेखक आनंद यादव का पूरा नाम है।
(आनन्द दा / आनन्द रतन यादव)
उत्तर (vi) – आनंद रतन यादव
3. निम्नलिखित कथनों में से सत्य असत्य का चयन कर लिखिएः
(i) प्रसाद गुण सभी रसों में पाया जाता है।
उत्तर(i) – सत्य
(ii) क्षेत्र विशेष में बोले जाने वाले शब्द क्षेत्रीय शब्द कहलाते हैं।
उत्तर (ii) – सत्य
(iii) ‘शेर के बच्चे’ का असल नाम लुट्टनसिंह पहलवान था।
उत्तर (iii) – असत्य
(iv) ‘एक घूँट’ एकांकी के रचनाकार जयशंकर प्रसाद हैं।
उत्तर (iv) – सत्य
(v) बाजार का जादू आँख की राह पर काम नहीं करता है।
उत्तर (v) – असत्य
(vi) रेडियो मूलतः एक रेखीय माध्यम है।
उत्तर (vi) – सत्य
4. सही जोड़ी का मिलान कर लिखिए –
(अ) (ब)
(i) जिठौत (क) शब्द चित्र
(ii) बिम्ब (ख) अलग-अलग अखबारों में लेखन
(iii) जूझ (ग) जेठ का पुत्र
(iv) अतीत में दबे पाँव (घ) केशव प्रथम वीर
(v) फ्रीलांसर पत्रकार (च) उल्टा पिरामिड
(vi) समाचार लेखन की शैली (झ) धार्मिक अनुष्ठान का स्थान
(vii) कॉलेज ऑफ प्रीस्ट्स (ज) यात्रा वृत्तांत
उत्तर 4 –
(i) जेठ का पुत्र
(ii) शब्द चित्र
(iii) केशव प्रथम वीर
(iv) यात्रा वृतांत
(v) अलग-अलग अखबारों में लेखन
(vi) उल्टा पिरामिड
(vii) धार्मिक अनुष्ठान का स्थान
5. एक वाक्य में उत्तर लिखिए:
(i) समाचार लेखन के छह ककार कौन-कौन से हैं?
उत्तर (i) – क्या, कौन, कब, कहां, क्यों और कैसे समाचार लेखन के छः करार हैं |
(ii) गद्य की कोई चार प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए।
उत्तर (ii) – निबंध, कहानी, नाटक, उपन्यास गद्य की चार प्रमुख विद्याएं हैं |
(iii) रघुवीर सहाय कौन-से तार सप्तक के कवि हैं?
उत्तर (iii) – रघुवीर सहाय दूसरी तार सप्तक के कवि हैं |
(iv) सिंधु सभ्यता की ईंटों की बनावट का अनुपात क्या था?
उत्तर (iv) – सिंधु सभ्यता की ईटों की बनावट का अनुपात 1:2:4 था |
(v) शब्द-शक्ति की परिभाषा लिखिए।
उत्तर (v) – शब्द और अर्थ के संबंध को बताने वाली शक्ति को शब्द शक्ति कहते हैं |
(vi) ‘आम के आम गुठलियों के दाम’ मुहावरे का अर्थ लिखिए।
उत्तर (vi) – आम के आम गुठलियों के दाम मुहावरे का अर्थ किसी वस्तु से दोहरा लाभ होना |
(vii) दुर्मिल सवैया छंद का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर (vii) – दुर्मिल सवैया छंद का दूसरा नाम चंद्रकला है |
6. ‘छोटा मेरा खेत’ कविता के सन्दर्भ में ‘अंधड़’ और ‘बीज’ क्या हैं?
उत्तर 6 –
‘छोटा मेरा खेत’ कविता में___________क्या है?
छोटा मेरा खेत कविता उमाशंकर जोशी की कविता है, जिसे रघुवीर चौधरी ने हिंदी में रूपांतरित किया है| इस कविता में कवि ने कृषि कर्म को कवि कर्म के समान माना है| तथा इसी संदर्भ में उन्होंने ‘अंघड’ और ‘बीज’ शब्द का प्रयोग किया है|
अंघड भावनात्मक आवेग की आंधी है तथा बीज से तात्पर्य विचार और अभिव्यक्ति है| भावनात्मक आवेग की आंधी से कोई बीज रूपी विचार कवि के मन में आता है और वह कविता की रचना करता है।
7. रीतिकालीन कविता की दो विशेषताएँ बताते हुए दो रचनाकारों के नाम लिखिए।
उत्तर 7 –
रीतिकाल की दो विशेषताएं निम्न है –
(i) सांसारिक सुख का प्राधान्य – वह समय खुशी हुआ उल्लास था। इस कल के कई राजाओं के शरण में रहते थे| इसलिए रीतिकाल की कविता धन प्राप्ति का साधन बनी।
(ii) कला पक्ष की प्रधानता – इस काल के काव्य में भाव पक्ष कल पक्षी से बोझिल है (यहां के कवि श्रृंगार प्रधान रचनाएं किया करते थे जो की मुख्यतः वृक्ष भाषा में होती थी)
केशव दास – कविप्रिया , रसिकप्रिया
बिहारी – बिहारीसतसई
8. जैनेन्द्र कुमार के अनुसार बाजार का जादू क्या है?
उत्तर 8 –
जैनेंद्र कुमार के अनुसार बाजार का जादू आंख की तरह काम करता है। यह है रूप का जादू है लेकिन जिस प्रकार चुंबक का जादू लोहे पर चलता है, उसी प्रकार बाजार के जादू की भी अपनी मर्यादा है। यह उन लोगों पर काम करता है। जिनके मन खाली होता है यह जादू उन लोगों को आमंत्रित करता है लेकिन यह आमंत्रण मुक होता है। यह जादू लोगों में चाह जगाता है चाह यानी अभाव । लोगों को लगने लगता है कि उनके यहां कितना परिमित है और यहां कितना अतुलित है। और यह जादू उन लोगों पर काम नहीं करता जिनका मन भरा होता है।
9. नाटक और एकांकी में कोई दो अंतर लिखिए।
उत्तर 9 –
नाटक और एकांकी में अंतर निम्न है-
नाटक एकांकी
(i) नाटक में कई अंक होते हैं। (i) एकांकी में केवल एक अंक होता है।
(ii) नाटक में मुख्य कथा के (ii) एकांकी में केवल एक मुख्य कथा
साथ-साथ गौण कथाएं भी होती हैं। होती है।
उदाहरण – चंद्रगुप्त उदाहरण – पृथ्वीराज चौहान
10. ‘सिल्वर वैडिंग’ के आधार पर यशोधर बाबू के व्यक्तित्व की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर 10 –
‘सिल्वर वैडिंग’ के आधार पर यशोधर बाबू के व्यक्तित्व की दो विशेषताएं निम्न है-
(i) परंपरावादी विचारधारा – यशोधर जी परंपरावादी विचारधारा के थे। उन्होंने अपनी पत्नी, बेटी का लाली लगाना, ऊंची एड़ी की सैंडल पहनना पसंद नहीं था।
(ii) सिद्धांतवादी- यशोधर जी सिद्धांतवादी थे। वे अपने नियमों का पालन करते थे, उन्हें केक खाना पसंद नहीं था तथा ना ही वे आधुनिक होना चाहते थे।
11. विरोधाभास अलंकार की परिभाषा एवं कोई एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर 11. –
विरोधाभास अलंकार-
जहां किसी व्यक्ति, क्रिया व पदार्थ में वास्तविक विरोध ना होते हुए भी विरोध का आभास हो वहां विरोधाभास अलंकार होता है।
उदाहरण- मैं निज रोदन में राग लिए फिरता हूं, शीतल वाणी में आग लिए फिरता हूं ।
– हरिवंश राय बच्चन
12. रुबाइयाँ छंद की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर 12 –
रूबाइयां छंद- रूबाइयां छंद अरबी के ‘रूबा’ शब्द से लिया है| जिसका अर्थ चार होता है। इसमें चार चरण होते हैं, इसे फारसी में तराना भी कहते हैं। यह उर्दू और फारसी की विशिष्ट छंद शैली होती है। इसके पहले दूसरे बाद चौथे चरण में समतुकान्त होते हैं लेकिन तीसरा चंद अतुकांत होता है। इसके चारों चरण सानुप्रास होते हैं लेकिन अच्छा यही होता है कि चौथा चरण सानुप्रास न हो।
उदाहरण-
जितनी दिल की गहराई हो, उतना गहरा है प्याला।
जितनी मन की मादकता हो, इतनी मादक है हाला।।
जितनी उर की भावुकता हो, इतनी सुंदर साकी है।
जितनी है रसिक, उसे है, उतनी रसमय मधुशाला ।।
13. निर्देशानुसार वाक्य परिवर्तन कीजिए-
(i) वह भोजन करके विद्यालय जाता है। (संयुक्त वाक्य)
(ii) गणित का प्रश्नपत्र कठिन है। (बिना अर्थ बदले नकारात्मक वाक्य)
उत्तर 13 –
(i) वह भोजन करके विद्यालय जाता है|
– वह भोजन करता करता है और विद्यालय जाता है।
(ii) गणित का प्रश्नपत्र कठिन है
– गणित का प्रश्नपत्र सरल नहीं हैं।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न आधारित सेल्फ टेस्ट
14. इण्टरनेट पत्रकारिता क्या है?
उत्तर 14 –
इंटरनेट पत्रकारिता-
इंटरनेट पर सूचनाओं व खबरों का आदान-प्रदान इंटरनेट पत्रकारिता कहलाता है| इसमें इंटरनेट पर स्तंभ ही चल लेख आदि सम्मिलित होते हैं| इंटरनेट पत्रकारिता को साइबर पत्रकारिता ऑनलाइन पत्रकारिता भी कहते हैं, इसके साथ ही इंटरनेट पर खबरों की पुष्टि सत्यापन व खबरों की बैकग्राउंड तैयार करना तथा सूचनाओं को अन्य लोगों तक पहुंचाना भी इसमें शामिल है।
15. राष्ट्रभाषा एवं राजभाषा में कोई दो अंतर लिखिए।
उत्तर 15 –
राष्ट्रभाषा एवं राजभाषा में दो अंतर निम्न है-
राष्ट्रभाषा राजभाषा
1) इसे अंग्रेजी में नेशनल लैंग्वेज कहते हैं। 1) इसे अंग्रेजी में ऑफिशल लैंग्वेज कहते हैं।
2) यह बहुसंख्यक लोगों की भाषा होती है 2) यह अल्पसंख्यक लोगों की भाषा होती है।
जैसे- भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी है। जैसे- महाराष्ट्र में मराठी।
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16. कुँवर नारायण अथवा सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का काव्यगत परिचय निम्न बिंदुओं के आधार पर लिखिए?
(i) दो रचनाएँ
(ii) भावपक्ष कलापक्ष
(iii) साहित्य में स्थान
उत्तर 16 –
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला (जन्म-1899 महिषादल)
(i) दो रचनाएं-
अनामिका, गीतिका, परिमल (कविता संग्रह)
मतवाला, समन्वयं (पत्रिका संपादन)
(ii) भाव पक्ष- कला पक्ष –
- भाव पक्ष-
1) प्रकृति चित्रण-निराला की प्रकृति के चित्र कवि थे इन्होंने प्रति के माध्यम से प्रकृति का स्वच्छ एवं सुंदर चित्रण किया है|
उदाहरणार्थ – तिरती है समीर सागर पर,
अस्थिर सुख पर दुख की छाया।
2) प्रेम सौंदर्य – निराला जी के काव्य में प्रेम का अनूठा चित्रण हुआ है| वह छायावादी कवि हैं, उनके काव्य में प्रेम के सूक्ष्म रूप का वर्णन हुआ है।
उदाहरणार्थ – नयनो के नयनो से गोपन प्रिय संभाषण,
पलकों पर नव पलको का प्रथमोत्थान पतन।
- कला पक्ष-
1) भाषा – इन्होंने आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया है जो पढ़ने वाला आसानी से आत्मशांत कर लेता है।
2) शैली- उन्होंने विविध शैलियों का प्रयोग किया है। जिसमें से प्रतीकात्मक व कविल शैली प्रमुख है।
3) अलंकार- निराला जी ने अलंकारों में अनुप्रास, उपमा व रूपक आदि का प्रयोग किया है।
4) छंद योजना – यह मुक्त छंद के प्रवर्तक हैं, तथा इसका प्रयोग इन्होंने अधिकतर रचनाओं में किया है।
(iii) साहित्य में स्थान –
निराला जी छायावाद के चार स्तंभों में से एक है। यह मुक्त छंद के प्रवर्तक भी है। निराला जी की कविता के कई रूप है। यह आत्मशांति व अद्भूत जिजीवशा के कवि हैं। यह अपनी अद्वितीय रचनाओं के साथ सदैव स्मरणीय है।
17. जैनेन्द्र कुमार अथवा धर्मवीर भारती का साहित्यिक परिचय निम्न बिंदुओं के आधार प लिखिए:
(i) दो रचनाएँ
(ii) भाषा-शैली
(iii) साहित्य में स्थान
उत्तर 17 –
जैनेंद्र कुमार –
(i) दो रचनाएं –
मुक्तिबोध, त्यागपत्र (उपन्यास)
फांसी, दो चिड़िया (कहानी संग्रह)
(ii) भाषा शैली –
भाषा –
जैनेंद्र जी की भाषा के दो रूप देखने को मिलते हैं। एक रूप है है जो उनकी कहानी, उपन्यास व नाटक में देखने को मिलता है जिसमें उन्होंने सरल व साफ – सुथरी भाषा का प्रयोग किया है। दूसरा वह जो उनके निबंधों में मिलता है यहां उन्होंने चिंतन विश्लेषण व सोच – समझकर लिखा है। इसके अलावा उन्होंने देशज, संस्कृत, तत्सम – तद्भव व क्षेत्रीय शब्दों का प्रयोग किया है। इन्होंने अंग्रेजी शब्दों का भी प्रयोग किया है।
शैली – इन्होंने विविध शैलियों का प्रयोग किया है-
(1) विचारात्मक शैली- निबंधों में तथा अन्य रचनाओं में इन्होंने विचार विमर्श के साथ लिखने के लिए शैली का प्रयोग किया जाता है।
(2) मनोवैज्ञानिक शैली- पत्रों के मन के छंद को बताने के लिए इससे शैली का प्रयोग किया जाता है।
(3) भावनात्मक शैली- विचारों की तुलना में भावनाओं को महत्व देने के लिए भावों से ओतप्रोत प्रोत रचनाओं में इस शैली का प्रयोग किया जाता है।
(4) विवरणात्मक शैली – स्थान, घटना, समय राधिका के गांड देने के लिए इस शैली का प्रयोग किया जाता है।
(iii) साहित्य में स्थान – प्रेमचंद के बाद दूसरे महत्वपूर्ण कथा का जैनेंद्र जी गंभीर चिंतक व विचारक थे। उन्होंने गांधीवट को हृदयगम कर दिया था। त्यागपत्र उपन्यास के बाद यह मनोवैज्ञानिक रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हुये। यह बाजार का पोषण करने वाले अर्थशास्त्र को अनीतिशास्त्र बताते हैं। यह अपनी रचनाओं को सदैव स्मरणीय रहेंगे।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न आधारित सेल्फ टेस्ट
18. पिताजी एवं पुत्र के मध्य वार्षिक परीक्षा की तैयारी विषय पर संवाद लिखिए।
उत्तर 18 –
पिताजी एवं पुत्र के मध्य संवाद –
पिताजी → बेटा तुम्हारी वार्षिक परीक्षा कब है?
पुत्र → 25 मार्च से है।
पिताजी → अच्छा! बहुत जल्दी है इस बार परीक्षा।
पुत्र → नहीं पिताजी हर वर्ष मार्च में ही होती है।
पिताजी → तुम्हारी तैयारी कैसी है, फिर?
पुत्र → मैं अपने सारे विषयों को द्वारा रहा हूं और देख रहा हूं कि मैं कहां गलती कर रहा हूं।
पिताजी → मतलब तुम्हारा पाठ्यक्रम पूरा हो चुका है।
पुत्र → जी पिताजी।
पिताजी → तुम्हारी गणित का क्या हाल है?
पुत्र → पिताजी आप तो जानते ही हैं की गणित में मुझे परेशानियां थी।
पिताजी → इसलिए पूछ रहा हूं; अभी समय है बताओ?
पुत्र → जी पिताजी मैंने पाठ्यक्रम को पूरा कर लिया है। लेकिन कुछ प्रश्नों में मेरे उत्तर गलत आते हैं।
पिताजी → बेटा गणित तो प्रयासों से बनती है।
पुत्र → जी।
पिताजी → तुम्हें वही प्रश्न बार-बार लगाने चाहिए।
पुत्र → जी पिताजी मैं अब से करूंगा।
पिताजी → अगर तुम्हें ज्यादा परेशानी हुई तब तुम्हें अपने शिक्षक से पूछना चाहिए।
पुत्र → जी पिताजी।
पिताजी → जाओ, पढ़ो।
पुत्र → जी।
19. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
विश्व का वर्तमान उन्नत रूप मानव-श्रम की ही कहानी कह रहा है। गगनचुम्बी अट्टालिकाएँ, लम्बी-चौड़ी सड़कें, बड़े-बड़े विशाल नगर, आकाश में उड़ते वायुयान तथा मानव जीवन को सुखी और समृद्ध बनाने में योगदान करने वाले ज्ञान-विज्ञान के अनंत रूप से सभी मनुष्य के श्रम का जयघोष करते हैं। स्पष्ट है कि मनुष्य और उसका शरीर विधाता की अनुपम रचना है जो निश्चय ही महान उद्देश्यों की सम्पूर्ति के लिए दिया गया है। इस दुर्लभ तन को यदि हम आलस्य, प्रमाद अथवा घटिया कामों में गंवा देते हैं तो विधाता के प्रति अन्याय करते हैं।
प्रश्न :
(i) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
(ii) विधाता की अनुपम रचना किसे कहा गया है?
(iii) किस बात को विधाता के प्रति अन्याय कहा गया है?
उत्तर 19 –
गद्यांश के प्रश्न उत्तर –
(i) “मानव-श्रम”
(ii) मनुष्य और उसका शरीर विद्याता की अनुपम रचना है।
(iii) जब इस दुर्लभ तन को जो मनुष्य को विधाता ने दिया है श्रम मे न लगाकर आलस्य, उमाद अथवा घटिया काम में लगाया जाता है तब वह विधाता के प्रति अन्याय ही होता है।
20. निम्नलिखित पद्यांश की संदर्भ प्रसंग एवं विशेष सहित भावार्थ लिखिए
धूत कहौ, अवधूत कहौ, रजपूत कहौ, जोलहा कहौ कोऊ। काहू की बेटीसो बेटा न ब्याहब, काहूकी जाति बिगार न सोऊ ॥ तुलसी सरनाम गुलामु है राम को, माँगि कै खैबो, मसीत को सोइबो, जाको रूचै सो कहै कछु ओऊ। लैबोंको एकु न दैबको दोऊ ॥
उत्तर 20 –
संदर्भ – प्रसंग एवं व्याख्या-
संकेत – घूत कहौ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _दोऊ।।
संदर्भ – प्रस्तुत सवैया आरोह कवितावली से ली गई है, जिसके कवि तुलसीदास हैं।
प्रसंग – प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने स्वयं के बारे में बताया है।
भावार्थ – कवि कहते हैं, कि वे संन्यासी है, लेकिन लोग उन्हें या तो राजपूत कहते हैं या जोलहा या कोई और।
लेकिन एक अवघूत यह तो अपनी कोई जाति नहीं होती है| वह तो सदैव संपूर्ण समाज की बात कहता है| तुलसी जी तो राम के भक्त हैं और उनकी पूजा में लीन रहते हैं, उन्हें तो हम समाज से कोई मतलब नहीं है| वे तो बस राम के गुलाम बनकर रहना चाहते हैं| वे तो यह भी कहते हैं, कि अपने बेटे का विवाह किसी बेटी से नहीं करना है| जिससे किसी और की जाती बिगड़ जाए वह तो सिर्फ राम के गुलाम है| उन्हें इस संसार की माया से क्या मतलब इस संसार की माया यही जान वे तो स्वाभिमानी है| वह मांग के खाते हैं, मस्जिद में सोते हैं| वह तो प्रभु राम की भक्ति में रहते हैं, और उनसे इस संसार की दुखों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं, उन्हें लगता है कि प्रभु राम ही इस संसार में शांति ला सकते हैं| वे तो राम को स्वामी और स्वयं को दास कहते हैं।
विशेष-
- सवैया छंद है।
- तुलसी की राम के प्रति अनन्य भक्त दिखाई गई है।
- भक्ति रस से ओतप्रोत है।
- तुलसी ने स्वयं को अवधूत की संज्ञा दी है।
- “लेना एक न देना दो” मुहावरे का सुंदर प्रयोग किया गया है।
21. निम्नलिखित गद्यांश की व्याख्या संदर्भ प्रसंग एवं विशेष सहित लिखिए-
रात्रि की विभीषिका को सिर्फ पहलवान की ढोलक ही ललकारकर चुनौती देती रहती थी। पहलवान संध्या से सुबह तक, चाहे जिस ख़याल से ढोलक बजाता हो, किन्तु गाँव के अर्द्धमृत, औषधि उपचार-पथ्य-विहीन प्राणियों में वह संजीवनी शक्ति ही भरती थी। बूढ़े-बच्चे जवानों की शक्तिहीन आँखों के आगे दंगल का दृश्य नाचने लगता था। स्पंदन-शक्ति-शून्य स्नायुओं में भी बिजली दौड़ जाती थी।
उत्तर 21 –
संदर्भ – प्रस्तुत गद्यांश हमारे पाठ्य-पुस्तक आरोह के पाठ ‘पहलवान की ढोलक’ से ली गई है| इसके लेखक कणीश्वरनाथ रेणु है।
प्रसंग – गद्यांश में जब एक गांव में अकाल पड़ जाता है, तब उस गांव की स्थिति का वर्णन किया गया है।
भावार्थ – अमावस्या की रात थी काली व ठंडी| रात में किसी की चूं भी सुनाई नहीं दे रही थी क्योंकि सभी लोग डरे हुए थे और अपने घरों के अंदर चुप-चाप सो रहे थे| क्योंकि गांव को हैजा और मलेरिया ने अकड़ रखा था| किसी के पास हिम्मत नहीं थी एक दूसरे के घर चले जाएं लेकिन इस रात पहलवान की ढोलक चुनौती दे रही थी| ऐसा लग रहा था कि पहलवान की ढोलक की आवाज में कोई बिजली थी जो लोगों में हिम्मत डाल रही थी| मरने वाला व्यक्ति आवाज सुनकर मानो मरने से डरता ना।
उस गांव में जहां सब शांत था, ढोलक की आवाज अलग ही प्रेरणा दे रही थी|
ढोलक ना तो औषधि थी ना ही किसी का उपचार लेकिन फिर भी उसमें कोई अद्भुत शक्ति थी जो लोगों में संजीवनी शक्ति डाल रही थी|
जैसे चढ- घा, गिंगा- घा (आ जा भिड़ जा आ जा भिड़ जा) चटाक – चट – घा, चटाक – चट – घा (उठा पटक दे, उठा पटक दे)
ऐसी प्रेरक शब्दों को सुनकर मानो उनमें जीने की इच्छा आ जाती| पहलवान लुटटन सिंह भी इसी आवाज के कारण अजेय पहलवान बना था| पहलवान ढोलक को अपना गुरु मानता है| या फिर हम कह सकते हैं ढोलक बजाना उसकी कला थी, जिससे वह खुश व मस्ती में रहता था।
विशेष –
- व्याख्यात्मक शैली का उपयोग किया गया है।
- यह गद्यांश एक कहानी का संग्रह है।
- लोगों की दुर्दशा का सजीव चित्रण हुआ है।
- ढोलक के रूप में संजीवनी शक्ति मिलने की बात हुई है।
- अकाल पड़ने पर हुई स्थितियों का सजीव चित्रण किया गया है।
22. अपने मित्र को वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर 22 –
78,(H.R.) नगर
सतना, रीवा
पिन कोड – 485775
दिनांक – 25.03.2025
प्रिय मित्र
सप्रेम नमस्कार।
आशा है कि तुम अच्छे होंगे। मैं भी बढ़िया हूं। और मुझे तुम्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं अपने विद्यालय की बाद विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर आया हूं। मुझे पता है तुम्हें यह जानकारी बहुत खुशी होगी। मैंने मन लगाकर इस प्रतियोगिता की तैयारी की थी और देखो मुझे इसका परिणाम भी मिला। तुम बहुत दिनों से मिलने नहीं आए हो, कृपया करके रीवा जल्दी आओ, और मुझसे मिलो।
बाकी सब प्रसन्नता है,
अपने माता-पिता को मेरा नमस्ते कहना।
पत्र की प्रतीक्षा में,
तुम्हारा मित्र
सोहन
23. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर रूपरेखा सहित निबंध लिखिएः
(i) वर्तमान युग एवं इण्टरनेट
(ii) स्वच्छता अभियान
(iii) भारतीय नारी वर्तमान और भविष्य
(iv) भ्रष्टाचार वर्तमान की ज्वलंत समस्या
(v) जल संरक्षण
उत्तर 23 –
(i) वर्तमान युग एवं इंटरनेट
“विज्ञान का एक और विलक्षण वरदान है इंटरनेट
खोजिए जानकारी पाया ज्ञान और कीजिए चैट|”
रूपरेखा –
- प्रस्तावना
- इंटरनेट क्या है
- प्रयोग
- कमियां
- उपसंहार
प्रस्तावना – इंटरनेट कंप्यूटर का नेटवर्क है यह सूचना लेने के काम आता है| तथा सूचनाओं के संश्लेषण में काम आता है| इंटरनेट का उपयोग बगत वर्षों से बढ़ गया है| यह विश्व स्तर पर फैला हुआ है।
इंटरनेट क्या है – इंटरनेट में हमें सूचनाओं मिलती हैं जिन्हें हम एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकते हैं| इंटरनेट को नेटवर्क ऑफ सर्विस कहते हैं| यह एक वर्ल्ड वाइड वेब है, जिसे www कहते हैं।
प्रयोग – इंटरनेट का प्रयोग विश्व स्तर पर किया जाता है, इसके द्वारा ही कंप्यूटरों को चलाया जाता है तथा ईमेल के द्वारा एक दूसरे तक पहुंचाया जाता है| इंटरनेट के आने के बाद ही कंप्यूटरों की उपयोगिता बड़ी है तथा हमारा देश विश्व स्तर पर, दूसरे देशों से मुकाबला करने के लिए तैयार है| इंटरनेट का प्रयोग इंटरनेट पत्रकारिता में भी होता है| इंटरनेट पत्रकारिता का विकास भारत में तो 1993 में हुआ था, जो कि पहले चरण था तथा दूसरा चरण 2003 में हुआ| इंटरनेट में पत्रकारिता से लोगों को घर बैठे ही जानकारी मिलने लगी| “प्रभा साक्षी” नामक अखबार तो केवल इंटरनेट पर ही उपलब्ध है| भारत की पहली वेबसाइट रीडिक थी। लेकिन इंटरनेट में अभी पत्रकारिता अपने शैशवकाल मैं है। भारत में इंटरनेट पत्रकारिता का कोई मानक कीबोर्ड नहीं है। इंटरनेट अंतर क्रियात्मक और सूचनाओं का विशाल भंडार है, क्योंकि यहां सिर्फ सूचना ही नहीं बल्कि इसकी पुष्टि व उसका पूरा बैकग्राउंड भी मिनटों में तैयार हो जाता है।
कमियां – इंटरनेट ने बहुत सुविधा दी है हमें। रोबोट टू मानव का पर्याय कहलाता है, लेकिन जब कोई वस्तु इतनी अच्छी होती है तब उसका बड़ा होना भी स्वाभाविक ही है। इंटरनेट पर आजकल अश्लीलता फैलाई जाती है इसलिए जरूरी हो गया है कि इसका उपयोग सावधानी से किया जाए।
उपसंहार – इंटरनेट एक अद्भुत माध्यम है, इसके अनेक लाभ है। इसलिए इसके बारे में जानना बहुत जरूरी है। विद्यालयों में विद्यार्थी को इससे अवगत कराना चाहिए क्योंकि बच्चे ही देश का भविष्य है, उन्हें सब की जानकारी होनी चाहिए।
और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके बारे में जागरूक करना चाहिए। जिसका पहला चरण है लोगों को कंप्यूटर में की शिक्षा देना तथा उन्हें इसका महत्व बताना चाहिए।
“इंटरनेट वरदान नहीं,
समाधान है।“







