कक्षा 11 वीं एवं 12 वीं में विज्ञान संकाय के स्टूडेंट्स physics , chemistry अनिवार्य विषयों के साथ गणित या जीवविज्ञान , BIOLOGY विषय का चयन कर सकते हैं . BIOLOGY विषय का चयन करने वाले स्टूडेट्स को इस विषय में जंतुओं एवं पौधों का अध्ययन करना होता है .स्नातक स्तर की कक्षावों में ZOOLOGY एवं BOTANY विषयों का अध्ययन स्वतंत्र रूप से करना होता है .
कक्षा 12 वीं में BIOLOGY विषय लेकर अध्ययन करने वाले स्टूडेंट्स अक्सर अपने नोट्स बनाने को लेकर चिंतित होते रहे हैं . इस पोस्ट में BIOLOGY कक्षा 12 के गत वर्षों की परीक्षावों के महत्वपूर्ण प्रश्नों को उनके आदर्श उत्तरों सहित लिखा गया हैं . विद्यार्थी स्वयं के नोट्स बनाने में इस विषयवस्तु का उपयोग कर सकते हैं . साथ ही अपनीओर से भी और भी उपयोगी सामग्री जोड़ सकते हैं .

BIOLOGY कक्षा 12 प्रश्न -उत्तर
- त्रिसंलयन से आप क्या समझते हैं
दूसरा नरयुग्मक केंद्रीय कोशिका में स्थित दो ध्रुवीय न्युक्लियस से संगलित होकर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केन्द्रक बनाता है इसे त्रिसंलयन कहते है।
- विपुंसन किसे कहते हैं?
द्विलिंगी पुष्प से परागकोष प्रस्फुटन से पहले पुष्प कलिका से चिमटी की सहायता से परागकोष का हटाना, निष्कासित करना विपुंसन कहलाता है।
- प्रसव किसे कहते हैं ?
सगर्भता के अंत में गर्भाशय के जोरदार संकुचनों के कारण गर्भ बाहर निकल आता है, 2 गर्भ के बाहर निकलने की इस क्रिया को प्रसव या शिशु जन्म कहा जाता है।
- कोलेस्ट्रम (खीस) क्या है?
दुग्ध स्त्रावण के आरंभिक कुछ दिनों तक जो दूध निकलता है उसे खीस या कोलेस्ट्रम कहते हैं। इसमें कई प्रकार की प्रतिरक्षी पाई जाती हैं।
- जनसंख्या विस्फोट के कारण लिखिये। (कोई दो)
i) मृत्युदर में तीव्र गिरावट।
(ii) जनन आयु के लोगों की संख्या में वृद्धि।
नोट: उपरोक्त के अतिरिक्त कोई 2 सही कारण लिखने पर भी अंक दिये जाये।
- किन्हीं 2 यौन संचरित रोगों का नाम लिखिए।
यौनजनित रोग :-
गोनोरिया, सिफिलिस, हर्पीस, जननिक हर्पिस ट्राइकोमोनसता, क्लेमिडियता आदि (कोई भी दो नाम लिखने पर)
- BOD (बी.ओ.डी.) क्या है?
BOD ऑक्सीजन की उस मात्रा को संदर्भित करता है जो जीवाणु द्वारा एक लीटर पानी में उपस्थित कार्बनिक पदार्थों को ऑक्सीकृत कर दे, कार्बनिक पदार्थों की खपत कर दे। इतनी ऑक्सीजन की मात्रा (Biological Oxygen Demand) कहलाती है।
- गंगा एक्शन प्लॉन क्या है?
पर्यावरण तथा वन मंत्रालय ने हमारे देश की प्रमुख नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिये गंगा एक्शन प्लान योजना का सुत्रपात किया। इसके तहत केवल उपचारित वाहित मल को नदियों में छोड़ा जा सकेगा, इस लिये बड़ी संख्या में नये वहित मल उपचार केन्द्र बनाना प्रस्तावित है।
- क्लोनिंग क्या है?
किसी टेम्पलेट डी.एन.ए. के समान गुणित संरचनाओं को बनाना या निर्माण करना क्लोनिंग कहलाता है। या डी.एन.ए. के विजातीय खण्ड परपोषी जीव में स्वयं की प्रतिकृति बनाकर गुणित होना क्लोनिंग कहलाता है।
- क्राई जीन क्या है?
जीवविष जिस जीन (gene) के द्वारा कुटबद्ध होते हैं उसे क्राई कहते हैं। बैसीलस यूरीनजिएंसीस की कुछ नस्ले विषाक्त कीटनाशक प्रोटीन 2वे का निर्माण करती क्राई 1 एसी तथा क्राई 2AB द्वारा कुटबद्ध होते है।
- एड्स रोग किन कारणों से होता है? कोई दो कारण लिखिए।
एड्स रोग निम्नलिखित कारणों से होता है।
(i) संक्रमित व्यक्ति के यौन संपर्क से।
(ii) संदूषित रक्त या रुधिर उत्पादों के आधान से।
(iii) संक्रमित सुइयों के साझा प्रयोग से जैसे ड्रग का कुप्रयोग करने वाले व्यक्तियों में।.
(iv) संक्रमित माँ से अपरा द्वारा उसके बच्चे में
(कोई भी 2 कारण सही लिखने पर 2 अंक)
- कैंसर का उपचार किस तरह किया जाता है?
आमतौर पर कैंसर के उपचार के लिये
(1) शल्यक्रिया का उपयोग किया जाता है।
(2) विकिरण चिकित्सा का उपयोग किया जाता है।
(3) कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिये रसोचिकित्सा औषध काम में लायी जाती है।
(4) अधिकांश बार ये तीनों शल्यक्रिया, विकिरण चिकित्सा एवं रसोचिकित्सा का संयोजन से उपचार किया जाता है।
(5) Y इंटरफेरोन जो उनके प्रतिरक्षा तंत्र को सक्रिय करता है और ट्यूमर (अर्बुद) को नष्ट करने में सहायता करता है।
(उपरोक्त में से कोई दो उपचार लिखने पर 2 अंक)
- हिस्टोन क्या है?
हिस्टोन एक घनात्मक आवेशित क्षारीय प्रोटीन का समुह होता है।
- आर.एन.ए. में कौन नाइट्रोजनी क्षार पाये जाते हैं?
आर.एन.ए. में निम्नलिखित चार नाइट्रोजनी क्षार पाये जाते हैं-
(1) एडेनीन
(2) ग्वानीन
(3) युरेसील
(4) साइटोसीन
- पेडीग्री (वंशावली) विश्लेषण क्या है ?
वंशावली विश्लेषण मानव आनुवंशिकी का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। मानव समाज में वंशागत विकारों की बात पुराने समय से चली आ रही है। इन विशेष लक्षणों की वंशागति के सम्बन्ध वंश के इतिहास का अध्ययन किया जाता है। कई पीढ़ियों तक जारी लक्षणों के ऐसे विश्लेषण को वंशावली विश्लेषण कहते हैं। इसका उपयोग विशेष लक्षण, असमान्यता एवं रोग का पता लगाने के लिये किया जाता है।
- समयुग्मजी व विषमयुग्मजी में अंतर लिखिए।
समयुग्मजी विषमयुग्मजी
(1) दोनों अलील समान दोनो अलील असमान
(2) दोनों प्रभावी या दोनों एक प्रभावी व एक
अप्रभावी अप्रभावी
(3) शुद्ध लक्षण संकरित
- ऐम्ओिसेन्टेसिस क्या है? इसका महत्व लिखिए।
ऐम्न्ओिसेन्टेसिस किसी भी भ्रूण के लिए उसके जन्म से पूर्व उसमें संभावित आनुवंशिक बीमारी को पता करने की तकनीक है।
इस जाँच द्वारा विकसित हो रहे भ्रूण का स्वास्थ्य, लिंग, या आनुवंशिक रचना निर्धारित होती है।
महत्व : शिशु के आसामान्य होने की स्थति में चिकित्सकों के परामर्श से गर्भपात कराया जा सकता है।
- एम.टी.पी. क्या है? इसके सुरक्षित काल को लिखिए।
गर्भावस्था पूर्ण होने से पहले जानबूझ कर या स्वैच्छिक रुप से गर्भ के समापन को प्रेरित गर्भपात या मेडीकल टर्मिनेशन ऑफ प्रिगनेन्सी MTP कहते है।
सुरक्षितकाल : सगर्भता के 12 सप्ताह तक की अवधि में कराया जाने वाला MTP काफी सुरक्षित माना जाता है।
- बिन्दु उत्परिवर्तन क्या है? एक उदाहरण दीजिए।
डी.एन.ए. के एकल क्षार युग्म (Base pair) के परिवर्तन से जो उत्परिवर्तन होता है। उसे बिन्दु उत्परिवर्तन (point mutation) कहते हैं।
उदाहरण: सिकल सेल ऐनिमिया
- नर मानव हीमोफीलिया जीन को कभी भी पुत्र में नहीं पहुँचा सकता। क्यों?
हिमोफोलिक लक्षण के जीन्स अप्रभावी होते है। तथा x गुणसूत्र पर स्थित होते है। लेकिन गुणसूत्र पर इसके एलील का अभाव होता है।
चूंकि पुरुषों में केवल एक ही x गुणसूत्र अप्रभावी जीन होने पर भी यह रोग हो जाता है।

- अनुकूली विकिरण क्या है? उदाहरण दीजिए।
एक विशेष भू-भौगोलिक क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के विकास का प्रक्रम एक बिन्दु से शुरु होकर अन्य भू.भौगोलिक क्षेत्रों तक प्रसारित होने को अनुकूली विकिरण कहते है।
उदाहरण: डार्विन की फिंच इसप्रकार की घटना का एक सर्वोत्तम उदाहरण है।
- हार्डी-वीनबर्ग नियम को लिखिए।
एक जीव संख्या में अलील (युग्मविकल्पी) आवृत्तियाँ और उनके लोकस सुस्थिर होती है।
जो एक पीढी से दूसरी पीढी तक निरन्तर रहते है। एवं जीन कोश सदा अपरिवर्तनीय रहते है। इसे आनुवंशिक संतुलन कहते है।
p²+2Pq+q²=1
(p+q)² की द्विपदी अभिव्यक्ति
यहाँ पर P अलील A का. प्रतिनिधित्व करते है।
यहाँ पर q अलील का q प्रतिनिधित्व करते है।
- धान के खेतों में सायनोबैक्टीरिया को लाभकारी क्यों माना जाता है?
सायनोबेक्टीरिया स्वपोषित सूक्ष्मजीव है। जो जलीय तथा स्थलीय वायुमंडल में विस्तृत रुप से पाए जाते है। यह वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थितिकृत कर सकते है।
धान के खेत में सायनोबेक्टीरिया महत्वपूर्ण जैव उर्वरक की भूमिका निभाते है। मुद्रा में कार्बनिक पदार्थ बढ़ा देते है। जिससे भूमि की उर्वरता बढ़ जाती है।
- स्विस पनीर में बड़े छिद्र क्यों होते हैं ?
स्विस चीज या पनीर में पाए जाने वाले बड़े-बड़े छिद्र प्रोपिओनि बैक्टीरियम शारमैनाई नामक बैक्टीरियम द्वारा बड़ी मात्रा में उत्पन्न CO₂ के कारण होते है।
- बायोपेटेन्ट (जैव अधिकार) किसे कहते हैं ?
आनुवंशिक पदार्थों, पौधों व अन्य जैविक संसाधनो का उपयोग करके बनने वाले उत्पादन तथा तकनीक या प्रक्रिया का रजिस्ट्रेशन या patent कराने को बायोपेटन्ट कहते है।
- सुनहरा चावल क्या है? इसके बारे में लिखिए।
सुनहरा चावल आनुवंशिक रुपान्तरित फसल है। ऐसे स्थान जहाँ पर चावल मुख्य भोजन है। वहाँ के व्यक्तियों में विटामिन A की कमी की पूर्ति करता है। इसमें विटामिन A का precursor B कैरोटिन का जीन रिकोम्बिनेट डी.एन. टेक्नोलीजी से प्रवेश कराया गया हो. जिससे इस चावल का रंग पीला हो गया इस कारण इसे सनुहरा चावल कहते है।
- आबादी घनत्व से आप क्या समझते हैं ?
समष्टि घनत्व जनसंख्या के आकार को दर्शाता है। किसी दिए हुये समय में किसी निश्चित क्षेत्र में जनसंख्या की कुल संख्या उस क्षेत्र का समष्टि घनत्व कहलाता है।
आबादी घनत्व =
D = घनत्व
S= क्षेत्र का क्षेत्रफल
N- जीव की संख्या
- छद्मावरण को परिभाषित कीजिए एवं एक उदाहरण दीजिये।
परभक्षण के प्रभाव को कम करने के लिए शिकारी जातियों ने विभिन्न रक्षा विधियाँ विकसित करली हैं।
कीटों और मेंढ़को की कुछ जातियाँ परभक्षी द्वारा आसानी से पहचान लिए जाने से बचने के लिए गुप्तरुप से रंगीन होती हैं जिसे छद्भावण कहते है।
उदाहरण : मॉनर्क तितली के शरीर मे विशेष रसायन होने के कारण यह अपने परभक्षी के लिए वेस्वाद लगती है।
- हॉट स्पॉट किसे कहते हैं ? भारत के एक हॉट स्पॉट का नाम लिखिए।
वे क्षेत्र जहाँ पर जातीय समृद्धि बहुत अधिक और उच्च स्थानिकता (endemism) होती है। उसे हॉट स्पॉट कहते है।
हॉट स्पॉट का नाम:
(1) पश्चिमी घाट
(2) पूर्वी हिमालय
(3) इण्डोवर्मा
- जैव-विविधता के तीन आवश्यक घटकों के नाम लिखिए।
(1) आनुवंशिक विविधता जब भिन्नता आनवंशिक स्तर पर होती है।
उदाहरण: हिमालय पर पाया जाने वाला औषधीय पादप राऊबोल्फिया बोमिटोरिया
(2) जातीय विविधता यह भिन्नता जाति स्तर पर होती है।
उदाहरण: पश्चिमी घाट की उभयचर जातियों की विविधता पूर्वी घाट से अधिक है।
(3) पारिस्थितिकीय विविधता यह विविधता पारितंत्र स्तर पर होती है।
उदाहरण: भारत के रेगिस्तान।
- अंडजनन का आरेखित निरूपण कीजिये। (चित्र)

- एम्निोसेंटेसिस (उल्बवेधन) क्या है? इसके उपयोग लिखिए।
एम्नियोसेन्टेसिस एक परीक्षण की विधि है जिसे माता के गर्भाशय से सिरिंज द्वारा एम्नीयोटिक द्रव्य निकाला जाता है। इस द्रव्य में धुले पदार्थो व विकासशील भ्रूण की कोशिकाओं का विश्लेषण किया जाता है। जिससे भ्रूण में होने वाले विभिन्न आनुवंशिक विकार यदि हो तो उसका पता लगाया जाता है। जैसे डाऊन सिन्ड्रोम, हीमोफीलिया, वर्णान्धता, सीकल सेल अनीमिया आदि विकारों का पता लगाया जाता है।
- टेस्ट क्रॉस (परीक्षार्थ परीक्षण) क्या है? इसका आरेखी प्रतिरूपण दर्शाइये।
टेस्ट क्रॉस: केवल प्रभावी विशेषक के फीनोटाइप देखकर उसके जीनोटाइप का पता नहीं चलता है इसलिए मेंडल ने F₂ के लम्बे पौधों का बौने पौधे (अप्रभावी लक्षणवाले) से संकरण किया, जिसे परीक्षार्थ संकरण कहा गया । प्रभावी लक्षण वाले लम्बे पौधे के दो प्रकार के जीनो टाइप संभव होते हैं TT और Tt अब यदि परीक्षण में सारे पौधे लम्बे प्राप्त हुए इससे यह पता चलता है कि अनजाना पौधा समयुग्मजी प्रभावी TT है। यदि 50% लम्बे और 50% बौने पौधे प्राप्त हुए तो अनजान लम्बा पौधा विषमयुग्मजी Tt है।

- किशोरों में एल्कोहल तथा ड्रग के सेवन को रोकने के उपाय लिखिये।
किशोरों को अल्कोहॉल और ड्रग का सेवन करने से रोकने के उपाय निम्नलिखित हैं 3
(1) हर किशोर का अपना व्यक्तित्व होता है। उसको उसकी थ्रेसाल्ड से गतिविधियों को करने के लिये अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिये।
(2) शिक्षा तथा परामर्श दबाव का सामना करने की भी शिक्षा देना चाहिए। परामर्श देना चाहिये।
(3) माता पिता और समकक्षियों की सहायता से किशोर की समस्या या परेशानी का हल कराने से भी वे कुप्रयोग से बच सकते हैं।
(4) व्यावसायिक और चिकित्सा से भी उसे इसके सेवन की आदत से मुक्त कर सकते है।
(5) संकट के संकेतों को देखना यदि कोई मित्र या परिचित को इन पदार्थों का सेवन करते देखें तो उसके भले के लिये अध्यापक एवं उसके माता पिता को इस बात से सूचित करे।
(कोई भी तीन उपाय लिखने पर 3 अंक दिया जाए)
- जैव उर्वरक के रूप में सूक्ष्मजीव किस तरह कार्य करते हैं?
जैव उर्वरक एक प्रकार का जीव है जो मृदा की पोषक गुणवत्ता को बढ़ाता है। राइजोबियम जीवाणु वायुमण्डल के नाइट्रोजन को स्थिरिकृत कर कार्बनिक रूप में परिवर्तित करते है जिसे पौधे पोषकों के रूप में अवशोषित करते व अन्य जीवाणु मृदा में रहकर 2 को स्थिर कर N₂ मृदा अवयव को बढ़ाते है। माइकोराइजा मृदा से फॉस्फोरस का अवशोषण करते है ऐसे सहजीवी सम्बधो से रोगजनक के प्रति प्रतिरोधकता, लवणता, उसके प्रति सहनशीलता आदि नील हरित शैवाल भी मृदा में कार्बनिक पदार्थ बढ़ा देते है जिससे उर्वरकता बढ़ जाती है।
- पर्यावरण के तीन प्रमुख अजैव कारकों के बारे में लिखिए।
पर्यावरण के तीन मुख्य अजैब कारक है
(1) प्रकाश-
प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन उत्पन्न करना स्वपोषिता, दिप्तीकालिता, समुद्र की गहराई में प्रकाश आदि वर्णन
(2) तापमान-
तापमान के अनुसार वनस्पति एवं जन्तुओं का पाया जाना।
यूरोथर्मल और स्टेनोथर्मल आदि
(3) जल-
सबसे आवश्यक घटक इसके बिना जीवन संभव नहीं है। खारा जल, अलवणीय जल में पाये जाने वाले पादप जन्तु अलग-अलग भी होते है, मरूस्थल जहाँ जल की कमी है वहाँ पौधे जंतु अलग अनुकूलन लिये होते है। बर्फ से ढके स्थान पर भी फ्लोरा और फॉना अलग-अलग होता है।
- अपघटन क्या है?
अपघटन – ये जटिल कार्बनिक सामग्री को अकार्बनिक तत्वों जैसे CO₂, जल, पोषकों में खंडित करने में सहायता करते है इस प्रक्रिया को अपघटन कहते है। पादपों के मृत अवशेष, प्राणीयों के मृत अवशेष, मल आदि अपघटन के लिये कच्चे माल का काम करते है। अपघटन की प्रक्रिया के प्रमुख चरण है खण्डन, निक्षालन, अपचयन ह्युमस भवन, खनिजी भवन आदि अपरदाहारी, कवक, जीवाणु इस प्रक्रिया को पूर्ण करते है। जिसके परिणाम स्वरूप कार्बनिक पदार्थों का भंडार जमा हो जाता है।
- मानव वृषण उदरगुहा के बाहर क्यों स्थित होते हैं? उस थैली का नाम लिखिए जिसके अन्दर ये स्थित होते हैं।
शुक्राणुजनन के प्रक्रिया के लिये अर्थात् वृषण में शुक्राणु निर्माण हेतु जो ताप आवश्यक होता है। यह मनुष्य के शरीर के तापमान से 2-2.5 डिग्री सेन्टीग्रेड कम होता है।
थैली का नाम वृषणकोष (स्क्रोटम)
नोट :- अथवा के प्रश्नों में भी अंक विभाजन लिखा है। क्योंकि कहीं-कहीं पर अथवा के प्रश्नों के अंक देने का आधार भिन्नता रखता है।

- एकलसंकर क्रास क्या है? रेखाचित्र द्वारा समझाइए।
जब एक जोड़ी विपरीत लक्षणों को ध्यान में रखते हुए दो जनकों के बीच में क्रास कराया जाता है। तो उसे एकसंकर क्रास कहते है।

Q. सहप्रभाविता किसे कहते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
सहप्रभाविता : जब एक जोड़ी विपरीत लक्षणों वाले जनकों के बीच क्रास कराया जाता है। तो प्रथम पीढी में दोनो जनकों के लक्षण एक साथ प्रदर्शित होते है। इस घटना को सहप्रभावित कहते है।
उदाहरण मवेशियों की त्वचा का रंग
या ABO रक्त समूह देकर समझाया है।

- जैविक पीड़कनाशियों एवं रासायनिक पीड़कनाशियों में तीन अन्तर लिखिए।
जैविक पीड़कनाशी रासायनिक पीड़कनाशी
(1) पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करते है (1) ये प्रदूषित करते हैं।
(2) अलक्ष्य कीटों का हानि नहीं पहुँचाते हैं। (2) हानि पहुँचाते हैं।
(3) सस्ते है। (3) मँहगे होते हैं।
(4) खाद्य, रेशों, पशु आहारों में हानिकारक (4) हानिकारक अवशिष्ट बचते है,
अवशिष्ट नहीं बचते। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

QUESTION. ऊर्जा का पिरामिड सदैव सीधा क्यों होता है? स्पष्ट कीजिए।
ऊर्जा पिरामिड सदैव खड़ी अवस्था में होता क्यों
(1) प्रत्येक पोषक स्तर पर ऊर्जा की मात्रा कम हो जाती है।
(2) किसी भी Ecological Pyramid में उत्पादक पौधे ही होते है और उत्पादको में सर्वाधिक ऊर्जा रहती है। अगले पोषक स्तर पर ऊर्जा कम हो जाती है।

- उत्पादकता, सकल प्राथमिक उत्पादकता और शुद्ध उत्पादकता के बीच पारस्परिक सम्बन्ध का वर्णन कीजिए।
उत्पादकता Ecosystem के किसी पोषणस्तर द्वारा इकाई क्षेत्रफल एवं प्रति इकाई समय में ऊर्जा युक्त कार्बनिक पदार्थों के संशलेषण की दर को पारिस्थितिक तन्त्र के उस पोषक स्तर की उत्पादता कहते हैं।
उत्पादकता
सकल प्राथमिक उत्पादकता शुद्ध उत्पादकता
सकल प्राथमिक उत्पादकता प्राथमिक उत्पादकों द्वारा ऊर्जा के पूर्ण अवशोषण की दर को या कार्बनिक पदार्थों तथा जैवभार के कुल उत्पादन की दर को सकल प्राथमिकता उत्पादकता कहते है।
शुद्ध उत्पादकता : उत्पादको की श्वसन क्रिया के पश्चात बचे हुए जैवभार या ऊर्जा की दर को वास्तविक या नेट प्राथमिक उत्पादकता कहते है।
नेट प्राथमिक उत्पादकता = सकल प्राथमिक उत्पादकता – श्वसन दर
NPP = GPP – R
- लघुबीजाणुजनन तथा गुरुबीजाणुजनन के बीच अन्तर स्पष्ट करें।‘ इन घटनाओं के दौरान किस प्रकार का कोशिका विभाजन सम्पन्न होता है? इन दोनों घटनाओं के अन्त में बनने वाली संरचनाओं के नाम बताइए।
उतर –
लघु बीजाणु जनन गुरु बीजाणु जनन
- इसमें anther मे micro spore (1) इस प्रक्रिया में ovule में
mother cell बनती है। megaspore mother cell बनती है।
- अनेक micro spore mother (2) इनमें एक megaspore
cell बनती हैं। mother cell बनती है।
- अधिक संख्या में क्रियाशील (3) इसमें तीन निष्क्रिय तथा केवल
micro spore बनते हैं। एक कार्यशील megaspore बनता है।
कोशिका विभाजन अर्द्धसूत्री विभाजन ।
- लघुबीजाणुजनन के अन्त में माइक्रोस्पोर (लघुबीजाणु) बनते हैं ।
- गुरुबीजाणु जनन के अन्त में मेगा स्पोर (गुरुबीजाणु) बनते हैं ।
प्रश्न – एक प्रारूपी आवृतबीजी बीजांड का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए।

प्रश्न – आनुवंशिक कुट की विशेषता लिखिए।
उतर – आनुवांशिक कुट की विशेषता निम्नलिखित है
(1) ये सार्वभौमिक होते हैं।
(2) ये अपहासित होते हैं।
(3) ये विशिष्ट व असंदिग्ध होते हैं।
(4) कोडान त्रिक होता है।
(5) ये कॉमा रहित होते हैं। बीच में रुकते नहीं हैं।
(6) AUG प्रारंभन प्रकूट के रूप में होता है आदि
प्रश्न – समयुग्मजी पीले व गोल बीज वाले मटर के पौधे का क्रॉस समयुग्मजी हरे व झुर्रीदार बीज वाले मटर के पौधे से क्रॉस करवाने पर F2 पीढ़ी में प्राप्त संतति का फीनोटाइप अनुपात चेकर बोर्ड की सहायता से निकालें।
उत्तर

प्रथम (F₁) पीढ़ी में सभी संतति पौधे संकरित पीले और गोल बीज वाले पाये गये उनका स्वंपरागण करने पर F2 पीढ़ी में 9 पौधे प्रभावी जनक पीले गोल बीज वाले थे 1 पौधा अप्रभावी जनक हरे और झूरीदार बीज जैसा था व 3 पीले झूरीदार तो 3 हरे गोल बीज वाले पाये गये अनुपात (फीनोटाइप) = 9:3:3:1 है।
- डी.एन.ए. आनुवंशिक पदार्थ है इसे सिद्ध करने हेतु अपने प्रयोग के दौरान हर्षे एवं चेज ने 4 डी.एन.ए. व प्रोटीन के बीच कैसे अन्तर स्थापित किया?
उतर – हशें एवं चेज ने जीवाणुभोजी की सहायता से जीवाणुओं में जीनवहन (Transduction) के द्वारा यह प्रमाणित करने में सफल रहे कि DNA ही एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में आनुवंशिक पदार्थ के रुप में संचरित होता है।
E.coli Bacteria का Culture Radiocative Isotopes P32 एवं $35
– P32 – DNA (Phosphorous-फास्फोरस)
– S35 – Protein के लिये (अमीनो अम्ल)
– आईसोटोप P32 वाले Bacteriophage से ऐसे Bacteria को संक्रमित करवाया जिनमें Radio active परमाणु नहीं थे। तो पाया कि सभी Bacteriophage के DNA P32 Radioactive प्रकृति के हो जाते है।
– आइसोटोप S35 वाले Bacteriophage में पाया कि Protein का आवरण बाहर ही रह गया और Bacteriophage Bacteria में उत्पन्न हुये उनमें Radio activity नहीं थी।

प्रश्न – DNA अंगुली छापन क्या है? इसकी क्रियाविधि एवं उपयोगिता को लिखिए।
उतर – DNA फिंगर प्रिटिंग तकनीक का अविष्कार 1986 में एलेक जेफ्री ने किया।
DNA Finger printing में DNA अनुक्रम में स्थित कुछ विशिष्ट जगहों के बीच विभिन्नता का पता लगाते है। इन्हें पुनरावृत्ति डी.एन.ए. (रीपीटेटिव डीएनए) कहते है।
परिभाषा : वह तकनीक जिसके द्वारा DNA की विशिष्टता के आधार पर किसी व्यक्ति की पहचान की जाती है। DNA फिन्गर प्रिटिंग कहलाती है।

DNA फिंगर प्रिंट की क्रिया विधि –
इसकी क्रिया विधि को निम्न पदों में समझा जा सकता है।
(1) डी.एन.ए का विलगंन ।
(2) प्रतिबंधन एन्डो-न्यूकलियेज द्वारा डी.एन.ए का पाचन।
(3) इलेक्ट्रोफोरोसिस द्वारा डी.एन.ए. खण्डों का प्रथक्करण ।
(4) डी.एन.ए खण्डों का संश्लेषित झिल्ली जैसे-नाइट्रोसैल्यूलोज या नाइलान पर स्थानातरण (ब्लाटिंग)।
(5) चिन्हीत UNTR प्रोब का उपयोग करते हुए संकरण।
(6) स्वविकिरणी चित्रण द्वारा संकरित डी.एन.ए. खण्डों का पत्ता लगाना।
DNA Finger printing की उपयोगिता
(1) संतान के सही माता-पिता की पहचान इस विधि के द्वारा की जा सकती है।
(2) समरुपी जुड़वा (Identical twins) में DNA finger print बिल्कुल समान होता है।
(3) अपराधिक मामलों में फोरेन्सिक प्रयोगशाला में अपराधी को पहचानने में किया जाता है।

- एड्स रोग का वर्णन निम्न बिन्दुओं में कीजिए-
- एड्स का पूरा नाम
- एड्स के रोगजनक का नाम
- एड्रेस की रोकथाम के चार उपाय
उतर –
(i) एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिसिएन्क्षी सिन्ड्रोम
(ii) HIV ह्यूमन (Human) इम्यूनो डिफिसिएन्सी वायरस
रोकथाम के उपाय :-
(i) अनैतिक यौन सम्बन्धों से बचना चाहिए।
(ii) एक बार प्रयोग में आने वाले नीडल्स का प्रयोग करना चाहिए।
(iii) दूसरे व्यक्तियों द्वारा उपयोग किये गये शेविंग रेजर, ब्लेड, टूथब्रश आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
(vi) आम जनता को AIDS के खतरे, सावधानियों की जानकारी देना चाहिए।
नोट :- या कोई अन्य उपाय लिखने पर भी अंक दिये जा सकते है।
- पॉलिमरेज श्रृंखला अभिक्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए।
उतर – इसे सर्वप्रथम मुलीस ने खोजा-
PCR से तात्पर्य पॉलीमरेज चेन रिएक्शन इसमें Primers एवं DNA पॉलीमरेज एन्जाइम का उपयोग कर प्रयोगशाला में एक जीन की कई प्रतिलिपियों का संशलेषण किया जाता है।
PCR के चरण :
(i) Denaturation (निष्क्रियकरण)
ii) Annealing (तापानुशीलन)
(iii) Extension (प्रसार)

- प्रतिबन्धर्न एन्जाइम का वर्णन निम्न बिन्दुओं के आधार पर कीजिए-
- प्रतिबन्धन एन्जाइम की परिभाषा
- प्रथम प्रतिबन्धन एण्डोन्यूक्लिएज का नाम
- प्रतिबन्धन एन्जाइम द्वारा उत्पन्न विदलन के प्रकार
उतर –
(i) प्रतिबन्धन एन्जाइम की परिभाषा: वे एन्जाइम जो DNA के पहचान क्रम
1+1+2=4 (Recognition sequence) से चिपककर दोनों DNA के strand की शर्करा फास्फेट बैकबोन काटते हैं। उन्हे प्रतिबन्धन एन्जाइम या आण्विक कैची कहते हैं।
(ii) प्रथम प्रतिबन्धन एण्डोन्यूक्तिएज का नाम है। Hind (हिन्ड II)
(iii) विदलन के प्रकार :-
(1) Blunt cutting :- Endonuclease का समूह जो DNA के दोनों strand को एक ही जगह से काटता है। जिसके फलस्वरुप single strand वाले DNA में छोर नहीं बचते ऐसे end को Blunt end कहते हैं।
उदाहरण :
↓ Sma I
5′ CCC GG 3
3 GGG CC
↓
5 CCC ___________ 3
3 GGG___________5 Blunt end
(II) Sticky End (staggered cutting) :- endonuclease का समूह जो छोटे एक श्रृखला छोरों को उत्पन्न करता है। ऐसे end को Sticky या cohesive end कहते हैं।
उदाहरण :
5′ GG AT CC 3-
3′ CC AAGG 5′
↓Bam HI
5 G……….
3′ GCTAG……5′
Sticky ends
- पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी के विभिन्न चरण लिखिये।
उतर – पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी के विभिन्न चरण निम्नलिखित हैं।
(1) डीएनए का पृथक्करण (विलगन) डीएनए झिल्लियो से घिरा रहता है इसे तोडकर बाहर खोलना पडेगा। लाइसोजाइम, सेल्युलेज, काइटिनेज, एथेनाल प्रोटिएज द्वारा क्रिया कर महीन धागे के रूप में प्राप्त करते है।
(2) DNA को विशिष्ट स्थलों पर काटना है। प्रतिबंधन एंजाइम द्वारा इसे काटा जाता
(3)डी.एन.ए. खण्ड को संवाहक से जोडना से जोडा जाता है। DNA खण्ड को ligase द्वारा संवाहक
(4) पुनर्योगज डी.एन.ए. का परपोषी में स्थानांतरण पुनर्योगज DNA को आदाता कोशिका में अनेक विधियों द्वारा प्रवेश कराते हैं।
(5) परपोषी कोशिकाओं में व्यापक स्तर पर संवर्धन व बाहरी जीन उत्पाद को प्राप्त करना। इसके लिये व्यापक स्तर पर उत्पादन हेतु वायोरिएक्टर का प्रयोग किया जाता है।
- टिप्पणी लिखिएबायोपाइरेसीप्रतिबन्धन इन्जाइम
उतर –
- बायोपाइरेसी –
मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा व दुसरे संगठनों द्वारा किसी राष्ट्र या उससे संबंधित लोगो से बिना व्यवस्थित अनुमोदन व क्षतिपूरक भुगतान के जैव संसाधन का उपयोग करना बायोपाइरेसी कहलाता है।
जैवसंसाधनो का उपयोग परंपरागत ज्ञान का उपयोग आधुनिक उपयोगों में किया जा सकता है। इसलिए कुछ राष्ट्रों ने अपने जैव संसाधनों व परंपरागत ज्ञान का बिना पूर्व अनुमति के उपयोग पर प्रतिबंध के लिये नियमों को बना रहे हैं। ताकि बायोपाइरेसी को रोका जा सके।
(b) प्रतिबन्धन इन्जाइम –
वर्ष 1963 में दो एन्जाइम पृथक किये गये जो ई. कोलाई में जीवाणु भोजी वृद्धि को रोक देते हैं। इनमें से एक DNA से मिथिल समुह को जोडता जबकि दूसरा DNA को काटता है। इसके नामकरण में पहला शब्द वंश व दूसरा, तीसरा शब्द प्राकेंद्रकी कोशिकाओं की जाति से लिया जाता है। उदाहरण ECORI. ये दो प्रकार के है:
एक्सोन्यूक्लियेज और इंडोन्यूक्लियेज –
एक्सोन्यूक्लियेज DNA के सिरे से न्यूक्लियोटाइड को अलग करता जबकि इन्डोन्यूक्लियेज DNA के भीतर स्थलों को काटते हैं। एवं पैलीन्ड्रोमिक न्यूक्लियोटाइड के अनुक्रमों की पहचान करते हैं।
- एक तालाब के परितंत्र का वर्णन कीजिए।
उतर – एक तालाब के परितंत्र –
एक तालाब उथले पानी वाला एक जल निकाय है जिसमें पानी एक अजैव घटक है। जिसमें कार्बनिक, अकार्बनिक, व मृदा घटक तली में जमा होते है सौर निवेश, ताप, दिन की अवधि परिस्थितियाँ तालाब की क्रियाशीलता की, दर को नियमित करती है। जैव घटक के सभी पोषण स्तर पाये जाते हैं।
उत्पादक – पादप प्लवक, शैवाल, निमग्न पौधे किनारों पर सीमांत पादप आदि।
उपभोक्ता – प्राणी प्लवक, स्वतंत्र प्लावी एवं तलीय वासी पौधे एवं जीव जैसे छोटी बडी मछलियाँ और अन्य जलीय जीव।
अपघटक – कवक व जीवाणु तालाब के तली में प्रचूर मात्रा में पाये जाते हैं। सभी मृत पेड़ पौधे, प्लवक व सभी मृत जलीय जीवों का अपघटन करते हैं।
- खाली चट्टान पर किस तरह पादपों का अनुक्रमण होता है? समझाइये।
खाली चट्टान पर अनुक्रमण :
जैविक समुदाय गतिक है और बीते समय के साथ परिवर्तित होता है। ये परिवर्तन क्रमशः अनुक्रमित होते हैं। और पारिस्थितिक अनुक्रमण की संरचना करते है।
(1) खाली चट्टानों पर सर्वप्रथम लाईकेन प्रजाति आती है। जो चट्टानों को पिघलाने के लिये अम्ल का स्राव करती है। मृदा निर्माण करने में सहायक होती है। इन्हे मूल अन्वेषक या पायोनीयर कहा जाता है।
(2) बाढ़ में बायोफाइट जैसे पौधे आते है जो कम मृदा में भी अपनी पकड़ बनाते है।
(3) फिर इनसे बडे पौधे, झाड़िया, फर्न, बेल आदि आते है। फिर बडे पौधे, वृक्ष आते है।
(4) अंततः वन समुदाय का निर्माण होता है इसे चरम समुदाय कहते है। जब तक पर्यावरण नहीं बदलता तब तक यह स्थित होता है। समय के साथ ये मरुदभिद या समोद्भिदीय में परिवर्तित हो जाते है।